मौसम विभाग में पाएं रुतबे वाला पद, UPSC ने निकाली है भर्ती; कल है आवेदन की आखिरी तारीख

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यूपीएससी ने मौसम विभाग में साइंटिस्ट-बी के 46 पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर 12 जून 2026 शाम 6 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

मौसम विभाग में पाएं रुतबे वाला पद, UPSC ने निकाली है भर्ती; कल है आवेदन की आखिरी तारीख

अगर आप विज्ञान या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से हैं और मौसम की चाल को समझने के साथ-साथ देश की किसी प्रतिष्ठित सरकारी संस्था का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) में साइंटिस्ट-बी के पदों पर भर्ती के लिए बिगुल फूंक दिया है। इस सरकारी नौकरी की सबसे बड़ी और जरूरी बात यह है कि इसके लिए आवेदन करने का कल यानी 12 जून 2026 को आखिरी दिन है। अगर आपने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है, तो बिना देर किए यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत आने वाले इस विभाग में करियर बनाने का यह एक बेहद शानदार और सम्मानजनक अवसर है।

वैकेंसी कितनी है

इस भर्ती अभियान (विज्ञापन संख्या 05/2026) के जरिए कुल 46 पदों को भरा जाना है। यूपीएससी ने इन पदों को अलग-अलग स्ट्रीम और काम के हिसाब से बांटा है ताकि सही फील्ड के एक्सपर्ट्स को चुना जा सके। पदों का ब्योरा कुछ इस तरह है -

साइंटिस्ट-बी (एटमॉस्फेरिक साइंसेज): इसके लिए कुल 7 पद निकाले गए हैं।

साइंटिस्ट-बी (जनरल मेटियोरोलॉजी): सबसे ज्यादा वैकेंसी इसी हिस्से में आई है, जहां कुल 30 पदों पर नियुक्तियां होनी हैं।

साइंटिस्ट-बी (इंस्ट्रूमेंटेशन): तकनीकी और सिस्टम से जुड़े काम को संभालने के लिए इसके 9 पदों पर भर्ती की जाएगी।

सामान्य वर्ग के साथ-साथ ओबीसी, एससी, एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के मुताबिक आरक्षण का पूरा फायदा मिलेगा। दिव्यांग उम्मीदवारों (PwBD) के लिए भी सीटें आरक्षित की गई हैं।

योग्यता का पैमाना क्या है

अलग-अलग पदों के लिए शैक्षिक योग्यता भी अलग तय की गई है, जिसे समझना बेहद जरूरी है -

  • एटमॉस्फेरिक साइंसेज: अगर आप इस पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं, तो आपके पास एटमॉस्फेरिक साइंसेज, ओशन साइंस, हाइड्रोलॉजी, एटमॉस्फेरिक फिजिक्स या रडार एंड Microwave इंजीनियरिंग जैसी विधाओं में मास्टर डिग्री या इंजीनियरिंग की डिग्री होनी जरूरी है।
  • जनरल मेटियोरोलॉजी: इन पदों के लिए गणित, फिजिक्स, एटमॉस्फेरिक साइंस या मौसम विज्ञान के साथ फिजिक्स में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc) होना अनिवार्य है।
  • इंस्ट्रूमेंटेशन: इस विभाग के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, मैकेनिकल, आईटी, इंस्ट्रूमेंटेशन, मेक्ट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल या कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री (B.Tech/B.E) रखने वाले युवा पूरी तरह पात्र हैं।

सबसे अच्छी बात यह है कि इन सभी पदों के लिए किसी भी तरह के पुराने अनुभव की कोई जरूरत नहीं मांगी गई है। यानी फ्रेशर्स भी इसमें बेझिझक आवेदन कर सकते हैं।

क्या होगी सैलरी

नौकरी की प्रोफाइल जितनी दमदार है, इसका वेतनमान भी उतना ही आकर्षक है। चुने गए उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग (7th CPC) के पे मैट्रिक्स के लेवल 10 के तहत सैलरी मिलेगी। यह एक स्थायी, ग्रुप 'ए' राजपत्रित (Gazetted) और नॉन-मिनिस्टीरियल पद है, जो समाज में एक अलग रुतबा देता है। जहां तक उम्र सीमा की बात है, तो इसके निर्धारण की आखिरी तारीख 12 जून 2026 मानी जाएगी। आरक्षित श्रेणियों जैसे एससी और एसटी वर्ग के उम्मीदवारों को 5 साल और ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) को 3 साल की ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी। वहीं दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए यह छूट 10 साल तक की होगी।

25 रुपये लगेगा आवेदन शुल्क

इस प्रतिष्ठित नौकरी के लिए आवेदन फीस बेहद मामूली रखी गई है। जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के पुरुष उम्मीदवारों को सिर्फ 25 रुपये की फीस देनी होगी। वहीं, सभी वर्गों की महिला उम्मीदवारों, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के आवेदकों के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है। फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। उम्मीदवारों का चयन मुख्य रूप से इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। हालांकि, यदि आवेदनों की संख्या उम्मीद से बहुत ज्यादा होती है, तो यूपीएससी शॉर्टलिस्टिंग के लिए एक लिखित परीक्षा भी आयोजित कर सकता है, जिसके नंबर और इंटरव्यू के प्रदर्शन के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार होगी।

फॉर्म भरते समय न करें ये गलतियां

आखिरी समय में जल्दबाजी के चक्कर में अक्सर उम्मीदवार बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है। ध्यान रखें कि यूपीएससी के ओआरए (ORA) पोर्टल पर लाइव फोटो और सिग्नेचर बिल्कुल साफ अपलोड होने चाहिए। अपनी उच्च शैक्षणिक योग्यता को फॉर्म में लिखना न भूलें, क्योंकि शॉर्टलिस्टिंग के वक्त इसका बड़ा फायदा मिल सकता है। आखिरी घंटे के सर्वर क्रैश और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए कल शाम 6 बजे से काफी पहले ही अपना फॉर्म पूरी तरह सबमिट कर लें और उसका प्रिंटआउट अपने पास सुरक्षित रख लें।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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