UPSC में निकली कई पदों पर भर्ती, 45 साल तक के उम्मीदवारों के लिए भी मौका
यूपीएससी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर और रिसर्च ऑफिसर समेत 37 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन की आखिरी तारीख 29 मई 2026 है।

सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर आई है। यूपीएससी ने कई अहम पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर और असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर समेत कुल 37 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 29 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में सबसे ज्यादा 29 पद सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर यानी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हैं। इसके अलावा एसोसिएट प्रोफेसर (सिविल इंजीनियरिंग) का 1 पद, असिस्टेंट प्रोफेसर (मेकेनिकल इंजीनियरिंग) का 1 पद, असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर के 4 पद और असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर के 2 पदों पर भर्ती होगी।
एसोसिएट प्रोफेसर पद के लिए योग्यता
सिविल इंजीनियरिंग में एमई या एमटेक की डिग्री कम से कम 60 फीसदी अंकों के साथ होनी चाहिए। साथ ही पीएचडी और शिक्षण या रिसर्च क्षेत्र में कम से कम पांच साल का अनुभव जरूरी है। इस पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 साल तय की गई है। चयनित उम्मीदवार को 1.31 लाख रुपये से लेकर 2.04 लाख रुपये तक वेतन मिलेगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर पद की जानकारी
मेकेनिकल इंजीनियरिंग में एमई या एमटेक करने वाले उम्मीदवार इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। अधिकतम आयु सीमा 35 साल रखी गई है। चयन होने पर करीब 90 हजार रुपये से 1.05 लाख रुपये तक सैलरी मिलेगी।
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के लिए क्या चाहिए
इस पद के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री जरूरी है। साथ ही प्रशासनिक, स्थापना या लेखा कार्य में कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। अधिकतम उम्र 35 साल तय की गई है। वेतनमान 90 हजार रुपये से 1.05 लाख रुपये तक रहेगा।
असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर भर्ती की डिटेल
माइनिंग इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। संबंधित क्षेत्र में दो साल का अनुभव भी जरूरी है। अधिकतम आयु सीमा 30 साल रखी गई है। चयनित उम्मीदवार को 44,900 रुपये से 1,42,400 रुपये तक वेतन मिलेगा।
असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर पद के लिए योग्यता
ओर ड्रेसिंग, मिनरल प्रोसेसिंग, जियोलॉजी, फिजिक्स या केमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा मिनरल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग या मेटलर्जी में बीई/बीटेक करने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। दो साल का अनुभव जरूरी है। आयु सीमा अधिकतम 30 साल तय की गई है।
आरक्षित वर्ग को मिलेगी उम्र में छूट
ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट दी जाएगी। वहीं एससी और एसटी वर्ग को 5 साल और दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 साल तक की छूट मिलेगी। उम्र की गणना 29 मई 2026 के आधार पर होगी।
आवेदन शुल्क कितना है
सामान्य और अन्य योग्य वर्ग के उम्मीदवारों को 25 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। जबकि एससी, एसटी, महिलाओं और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह मुफ्त रखा गया है। फीस का भुगतान ऑनलाइन या भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में नकद किया जा सकता है।
कैसे होगा चयन
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। अंतिम मेरिट प्रदर्शन और दस्तावेज सत्यापन के बाद तैयार होगी।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
उम्मीदवार सबसे पहले यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां Recruitment सेक्शन में जाकर Advertisement No. 04-2026 नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। इसके बाद Apply Online पर क्लिक करके ORA फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने के बाद फीस जमा करें और फॉर्म सबमिट कर दें। आवेदन पत्र का प्रिंट अपने पास सुरक्षित रखना न भूलें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


