UPSC ने निकाली 538 सरकारी नौकरियां, 50 साल वाले भी करें आवेदन; देखें कौन-कौन योग्य
यूपीएससी भर्ती 2026 के तहत 538 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इंजीनियर, वैज्ञानिक, विधि विशेषज्ञ, प्रोफेसर, अर्थशास्त्री और कई अन्य पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 538 रिक्त पदों पर भर्ती की घोषणा की है। ये नियुक्तियां 30 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में की जाएंगी। सभी पद स्थायी प्रकृति के हैं और इनमें राजपत्रित तथा गैर-मंत्रालयी दोनों तरह की नौकरियां शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार यूपीएससी के ऑनलाइन भर्ती पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
इस भर्ती अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर मौजूद हैं। भर्ती में नागरिक उड्डयन, रक्षा, फोरेंसिक विज्ञान, कृषि, खनन, कानून, शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों के पद शामिल किए गए हैं। भर्ती में ऑपरेशंस ऑफिसर, एयर सेफ्टी ऑफिसर, सहायक निदेशक, वैज्ञानिक, अभियोजक, प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर, भूवैज्ञानिक, अर्थशास्त्री और कई अन्य पद शामिल हैं।
सबसे ज्यादा रिक्तियां किस पद पर?
इस विज्ञापन में सबसे अधिक 50 पद सहायक निदेशक ग्रेड-2 (आर्थिक जांच) के लिए निकाले गए हैं। यह पद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, खुफिया ब्यूरो, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, भारतीय खान ब्यूरो और विभिन्न रक्षा संस्थानों में भी बड़ी संख्या में पद उपलब्ध हैं।
योग्यता के अनुसार मिलेगा मौका
भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए स्नातक डिग्री पर्याप्त है, जबकि कई पदों के लिए परास्नातक, इंजीनियरिंग डिग्री, पीएचडी या विशेष अनुभव की आवश्यकता रखी गई है। कानून से जुड़े पदों के लिए एलएलबी, तकनीकी पदों के लिए बीई या बीटेक, वैज्ञानिक पदों के लिए एमएससी तथा शिक्षण पदों के लिए संबंधित विषय में उच्च योग्यता मांगी गई है।
आयु सीमा भी पद के अनुसार अलग
अधिकांश पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 30 से 35 वर्ष के बीच रखी गई है। हालांकि वरिष्ठ पदों के लिए आयु सीमा 40, 45 और 50 वर्ष तक भी निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट का लाभ मिलेगा। अनुसूचित जाति को 5 वर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग को 3 वर्ष और दिव्यांग उम्मीदवारों को अतिरिक्त छूट प्रदान की जाएगी।
वेतन कितना मिलेगा?
यूपीएससी की यह भर्ती सातवें वेतन आयोग के तहत की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल 6एफ से लेकर लेवल 14 तक का वेतन मिलेगा। कई अधिकारी स्तर के पद लेवल 10, 11 और 13ए-1 में रखे गए हैं, जिनमें शुरुआती वेतन और भत्ते मिलाकर काफी आकर्षक पैकेज बनता है। प्रोफेसर और वरिष्ठ अधिकारी पदों पर इससे भी अधिक वेतनमान उपलब्ध रहेगा।
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
इस भर्ती को चयन आधारित प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाएगा। आयोग ने विज्ञापन में किसी एक समान लिखित परीक्षा का उल्लेख नहीं किया है। अलग-अलग पदों के लिए चयन की प्रक्रिया यूपीएससी द्वारा तय की जाएगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले संबंधित पद की योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लें।
आवेदन कैसे करें?
उम्मीदवारों को यूपीएससी के ऑनलाइन भर्ती पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद संबंधित पद का चयन करके शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी। फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन पत्र जमा किया जा सकेगा। आवेदन जमा होने के बाद प्राप्त पंजीकरण संख्या को सुरक्षित रखना जरूरी होगा क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी आवश्यकता पड़ेगी।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


