UPSC Prelims 2026: देने जाने वाले हैं प्री का एग्जाम… इन बातों का रखें ध्यान; नहीं तो होगी परेशानी
UPSC Prelims 2026 परीक्षा 24 मई को होगी। आयोग ने भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ को नए परीक्षा केंद्र के रूप में जोड़ा है। यदि आप भी परीक्षा देने जाने वाले हैं तो इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा करीब है। हर साल लाखों उम्मीदवारों को अपने शहर से दूर जाकर परीक्षा देनी पड़ती थी, लेकिन इस बार आयोग ने उम्मीदवारों की परेशानी को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। यूपीएससी ने 2026 की प्रारंभिक परीक्षा के लिए तीन नए परीक्षा केंद्र जोड़ दिए हैं। अब भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ भी परीक्षा केंद्रों की सूची में शामिल हो गए हैं। इससे उन छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें पहले दूसरे शहरों में जाकर परीक्षा देनी पड़ती थी। 24 मई, रविवार को होने वाली इस परीक्षा के लिए देशभर से 8.19 लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित करना हमेशा चुनौती भरा माना जाता है। यदि आप परीक्षा देने जाने वाले हैं तो आइए जानते हैं कि किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
80 से बढ़कर 83 हुए परीक्षा केंद्र
पहले देशभर में यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए 80 केंद्र बनाए गए थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 83 कर दी गई है। आयोग के मुताबिक लगभग 23 हजार उम्मीदवारों ने नए जोड़े गए केंद्रों को चुना है। यूपीएससी का कहना है कि यह फैसला उम्मीदवारों के सफर का बोझ कम करने और नजदीकी केंद्रों पर दबाव घटाने के लिए लिया गया है। खास तौर पर छोटे शहरों और आसपास के इलाकों के छात्रों को इससे सीधा फायदा मिलेगा।
उम्मीदवारों के लिए परीक्षा को आसान बनाने की कोशिश
यूपीएससी चेयरमैन अजय कुमार ने कहा कि आयोग परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा उम्मीदवार-हितैषी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग उम्मीदवारों यानी दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र देने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन्हें अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करना जरूरी
आयोग पहले ही योग्य उम्मीदवारों के लिए इ-एडमिट कार्ड जारी कर चुका है। यूपीएससी ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी भी उम्मीदवार को कागजी एडमिट कार्ड डाक से नहीं भेजा जाएगा। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड करके उसका प्रिंट निकालना होगा। परीक्षा केंद्र में बिना प्रिंटेड एडमिट कार्ड के प्रवेश नहीं मिलेगा।
परीक्षा केंद्र पर क्या-क्या ले जाना जरूरी
यूपीएससी ने परीक्षा दिवस के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ वही फोटो पहचान पत्र ले जाना होगा जिसका नंबर एडमिट कार्ड पर दर्ज है। अगर कोई उम्मीदवार जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा पाता है तो उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन उम्मीदवारों की फोटो एडमिट कार्ड पर साफ नहीं दिख रही है, उन्हें अतिरिक्त पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र भी साथ रखना होगा।
समय से पहले पहुंचना होगा परीक्षा केंद्र
आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम डेढ़ घंटा पहले केंद्र पर पहुंच जाएं। इस दौरान फेस ऑथेंटिकेशन, पहचान जांच और फ्रिस्किंग जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
यूपीएससी ने साफ कहा है कि सुबह की परीक्षा के लिए 9 बजे और दोपहर की परीक्षा के लिए 2 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं मिलेगा। गेट बंद होने के बाद देर से पहुंचने वालों को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह बैन
परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, बैग, किताबें और अन्य कीमती सामान ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
यूपीएससी ने यह भी कहा है कि परीक्षा केंद्र पर ऐसे सामान रखने की कोई व्यवस्था नहीं होगी। उम्मीदवारों को अपने स्तर पर ही बाहर इंतजाम करना होगा।
सिर्फ एडमिट कार्ड, काला बॉल पेन, पेंसिल, पहचान पत्र और जरूरी फोटो जैसी चीजें ही अंदर ले जाने की अनुमति होगी।
नियम तोड़ने पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर किसी उम्मीदवार के पास मोबाइल या कोई अनधिकृत सामग्री पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें उम्मीदवारी रद्द करना, पुलिस शिकायत दर्ज कराना और भविष्य की परीक्षाओं से प्रतिबंधित करना भी शामिल हो सकता है।
OMR शीट के लिए सिर्फ काला पेन मान्य
यूपीएससी ने उम्मीदवारों को याद दिलाया है कि OMR उत्तर पत्रक और उपस्थिति सूची भरने के लिए केवल काले रंग का बॉलपॉइंट पेन ही इस्तेमाल करना होगा। साधारण घड़ी पहनने की अनुमति रहेगी, लेकिन स्मार्टवॉच या कम्युनिकेशन फीचर वाली घड़ियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।
नाम बदल चुके उम्मीदवारों के लिए खास निर्देश
जिन उम्मीदवारों ने मैट्रिक के बाद अपना नाम बदला है, उन्हें परीक्षा केंद्र पर संबंधित दस्तावेज भी साथ रखने होंगे। इसमें सरकारी पहचान पत्र और नाम परिवर्तन से जुड़ा मूल गजट नोटिफिकेशन शामिल है। आयोग ने कहा है कि ऐसे दस्तावेज दोनों परीक्षा सत्रों में दिखाने होंगे।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


