UPSC New Rules 2026: IPS-IRS वालों के लिए दोबारा एग्जाम आसान नहीं, किन शर्तों पर दे पाएंगे UPSC परीक्षा

Feb 07, 2026 02:37 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share

UPSC New Rules 2026: यूपीएससी सीएसई परीक्षा के नए नियम में IPS और Group ‘A’ सर्विस के उम्मीदवारों के लिए दोबारा CSE देने के सख्त नियम आए हैं। ट्रेनिंग, छूट और नौकरी कैंसिलेशन की पूरी जानकारी पढ़ें।

UPSC New Rules 2026: IPS-IRS वालों के लिए दोबारा एग्जाम आसान नहीं, किन शर्तों पर दे पाएंगे UPSC परीक्षा

UPSC New Rules 2026: सिविल सेवा परीक्षा में चयन हो जाना हमेशा से बड़ी बात रही है, लेकिन कई उम्मीदवारों का सपना यहीं खत्म नहीं होता। अगर रैंक मनपसंद न हो, या IPS की जगह IAS चाहिए हो, तो दोबारा UPSC CSE देने की सोच आम रही है। लेकिन अब UPSC New Rules 2026 ने इस सोच को थोड़ा टेढ़ा बना दिया है। खासकर IPS और दूसरी Central Group ‘A’ Services में सेलेक्ट होने वालों के लिए नियम पहले से कहीं ज्यादा सख्त और साफ कर दिए गए हैं। अब मामला सिर्फ एक और कोशिश का नहीं, बल्कि सही समय पर सही फैसला लेने का हो गया है। एक छोटी सी चूक सीधे नौकरी कैंसिल होने तक ले जा सकती है।

IPS और Group ‘A’ सर्विस वालों के लिए क्या बदला?

अगर कोई उम्मीदवार CSE 2026 से IPS या किसी दूसरी Central Group ‘A’ Service में सेलेक्ट हो जाता है, तो उसे CSE 2027 देने का मौका तो मिलेगा, लेकिन सीधी शर्तों के साथ। सबसे पहली बात, उम्मीदवार को अपनी ट्रेनिंग से एक बार की छूट (Exemption) लेनी होगी। यह छूट सिर्फ और सिर्फ CSE 2027 देने के लिए होगी। बिना आधिकारिक छूट लिए दोबारा परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिलेगी। दूसरी अहम शर्त यह है कि उम्मीदवार को फाउंडेशन कोर्स जॉइन करना अनिवार्य होगा। यानी पूरी ट्रेनिंग नहीं, लेकिन शुरुआती फाउंडेशन कोर्स से गुजरना जरूरी है। बाकी ट्रेनिंग बाद में पूरी की जाएगी। अगर कोई उम्मीदवार न तो ट्रेनिंग जॉइन करता है और न ही छूट लेता है, तो उसकी CSE 2026 वाली नौकरी अपने आप खत्म मानी जाएगी। यहां UPSC ने कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है।

CSE 2027 में पास हुए तो क्या होगा?

मान लीजिए उम्मीदवार ने छूट लेकर CSE 2027 दी और फिर से सेलेक्ट हो गया। ऐसी स्थिति में उसे CSE 2026 या CSE 2027 में मिली पोस्ट में से एक चुननी होगी। जो पोस्ट नहीं चुनी जाएगी, वह अपने आप कैंसिल हो जाएगी। यानी दो पोस्ट साथ में रखने का सवाल ही नहीं है। और अगर सबसे खराब स्थिति में उम्मीदवार ने न 2026 की ट्रेनिंग ली और न ही 2027 की, तो दोनों ही पोस्ट रद्द कर दी जाएंगी। यह नियम साफ संदेश देता है कि UPSC अब लटकाए रखने के मूड में नहीं है।

जॉइनिंग के बाद रास्ता पूरी तरह बंद

एक और बड़ा बदलाव यह है कि अगर उम्मीदवार ने अपनी सर्विस जॉइन कर ली , तो जब तक वह इस्तीफा (Resign) नहीं देता, तब तक वह CSE 2028 या उसके बाद की कोई भी परीक्षा नहीं दे सकता। यानी अब नौकरी में रहते हुए चुपचाप तैयारी और एक और ट्राय का रास्ता बंद हो चुका है।

IAS और IFS वालों के लिए नियम और सख्त

IAS और IFS के मामले में UPSC ने और भी कड़ा रुख अपनाया है। अगर कोई उम्मीदवार पहले से ही IAS या IFS बन चुका है और उसी सर्विस में काम कर रहा है, तो वह CSE 2026 की परीक्षा दे ही नहीं सकता। इतना ही नहीं, अगर कोई उम्मीदवार CSE 2026 का प्रीलिम्स पास कर लेता है और उसी दौरान किसी पुरानी परीक्षा से IAS या IFS में सेलेक्ट हो जाता है, तो वह CSE 2026 का मेन्स नहीं दे पाएगा। ऐसे उम्मीदवार को अपनी पुरानी IAS या IFS सर्विस को ही चुनना होगा।

तैयारी करने वालों के लिए क्या मतलब निकलता है?

इन नए नियमों का साफ मतलब है कि अब सिर्फ मेहनत ही नहीं, स्ट्रैटेजी और टाइमिंग भी उतनी ही जरूरी हो गई है। पहले जहां कम रैंक आने पर दोबारा कोशिश करना आसान फैसला लगता था, अब वही फैसला नौकरी गंवाने तक पहुंच सकता है।

गौरतलब है कि यूपीएससी के नए रूल ने यह साफ कर दिया है कि सिविल सेवा को अब स्टेपिंग स्टोन की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हर उम्मीदवार को पहले से तय करना होगा कि वह रिस्क लेना चाहता है या मिली हुई पोस्ट को पूरी गंभीरता से अपनाना चाहता है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

और पढ़ें
करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन और Board Results 2026 ( UP Board Result 2026, MP Board 10th Result 2026 Live, CBSE 10th Result 2026 Live) देखें और Live Hindustan App डाउनलोड करके सभी अपडेट सबसे पहले पाएं।