UPSC NDA I 2026: ई-एडमिट कार्ड जारी, परीक्षा केंद्र जाने से पहले जान लें ये बेहद सख्त नियम

Himanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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यूपीएससी ने एनडीए और नेवल एकेडमी परीक्षा (I) 2026 के लिए ई एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। 12 अप्रैल को होने वाली इस परीक्षा के लिए upsconline.nic.in से अपना हॉल टिकट डाउनलोड करें।

UPSC NDA I 2026: ई-एडमिट कार्ड जारी, परीक्षा केंद्र जाने से पहले जान लें ये बेहद सख्त नियम

देश की सरहदों की हिफाजत करने और भारतीय सशस्त्र बलों में अफसर बनने का ख्वाब देखने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी और अहम खबर है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज यानी 1 अप्रैल को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और नौसेना अकादमी (Naval Academy) परीक्षा (I) 2026 के लिए ऑफिशियल ई-एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जो भी उम्मीदवार इस प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारियों में दिन-रात एक कर रहे हैं उनके लिए अब अपनी मेहनत को साबित करने का वक्त बेहद करीब आ गया है।

आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नोटिस के मुताबिक, इस साल एनडीए (I) और नेवल एकेडमी की परीक्षा 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब बिना किसी देरी के यूपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाकर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।

एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट है अनिवार्य

यूपीएससी ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि किसी भी उम्मीदवार को बिना ई एडमिट कार्ड के परीक्षा हॉल में दाखिल होने की इजाजत नहीं मिलेगी। मोबाइल में सॉफ्ट कॉपी दिखाने से काम नहीं चलेगा, इसलिए डाउनलोड करने के बाद उसका एक साफ प्रिंटआउट जरूर निकाल लें। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को परीक्षा के हर सेशन में वही ओरिजिनल फोटो आईडी कार्ड (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि) अपने साथ लाना होगा, जिसका नंबर उनके ई एडमिट कार्ड पर दर्ज है।

अगर फोटो साफ नहीं है तो क्या करें?

कई बार तकनीकी दिक्कत की वजह से एडमिट कार्ड पर फोटो धुंधली या बिना नाम और तारीख के छप जाती है। अगर आपके एडमिट कार्ड के साथ भी ऐसा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आयोग ने कहा है कि ऐसे उम्मीदवार अपने साथ एक फोटो पहचान पत्र और दो पासपोर्ट साइज की नई तस्वीरें (जिन पर नाम और फोटो खींचने की तारीख लिखी हो) जरूर लाएं। आपको ये तस्वीरें एक अंडरटेकिंग (वचन पत्र) के साथ हर सेशन में जमा करानी होंगी।

परीक्षा केंद्र पर समय का रखें खास ख्याल

यूपीएससी समय की पाबंदी को लेकर बेहद सख्त है। उम्मीदवारों को यह बात अच्छी तरह गांठ बांध लेनी चाहिए कि परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए जाएंगे। यानी सुबह के सेशन के लिए सुबह 10 बजे और दोपहर के सेशन के लिए दोपहर 2 बजे के बाद किसी भी हाल में एंट्री नहीं मिलेगी। जाम या किसी अन्य वजह से होने वाली देरी का कोई बहाना नहीं चलेगा, इसलिए बेहतर होगा कि आप समय से पहले ही अपने सेंटर पर पहुंच जाएं। इसके अलावा, जो एग्जाम सेंटर आपके एडमिट कार्ड पर लिखा है, आप सिर्फ वहीं परीक्षा दे सकते हैं। किसी अन्य सेंटर पर जाने की गलती न करें।

क्या ले जा सकते हैं और क्या है पूरी तरह बैन?

परीक्षा हॉल के अंदर आपको सिर्फ अपना ई एडमिट कार्ड, ओरिजिनल आईडी प्रूफ, जरूरत पड़ने पर तस्वीरें और ओएमआर (OMR) शीट भरने के लिए सिर्फ ब्लैक बॉलपॉइंट पेन ले जाने की इजाजत है। जी हां, ओएमआर शीट और अटेंडेंस लिस्ट भरने के लिए सिर्फ काले रंग के बॉलपॉइंट पेन का ही इस्तेमाल करना होगा।

परीक्षा में किसी भी तरह की स्मार्टवॉच, डिजिटल वॉच, मोबाइल फोन (चाहे वह स्विच ऑफ ही क्यों न हो), किताबें, बैग, या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह से मना है। आप समय देखने के लिए एक नॉर्मल या साधारण एनालॉग घड़ी पहनकर जा सकते हैं। अगर आप कोई कीमती सामान या बैग लेकर आते हैं, तो उसे बाहर रखने की जिम्मेदारी आपकी अपनी होगी। एग्जाम सेंटर पर इसके लिए कोई खास सुविधा नहीं दी जाएगी और किसी भी नुकसान के लिए आयोग जिम्मेदार नहीं होगा।

अगर किसी उम्मीदवार के पास गलती से भी कोई बैन आइटम या चीटिंग का सामान मिलता है, तो इसे बेहद गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में उम्मीदवार की परीक्षा तुरंत रद्द की जा सकती है, उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज हो सकती है और भविष्य में होने वाली परीक्षाओं से भी उसे हमेशा के लिए बैन किया जा सकता है।

आखिरी और सबसे जरूरी बात

अक्सर उम्मीदवार परीक्षा खत्म होने के बाद अपना एडमिट कार्ड फेंक देते हैं या कहीं रखकर भूल जाते हैं। यूपीएससी ने सभी उम्मीदवारों को याद दिलाया है कि इस ई एडमिट कार्ड को एनडीए और नेवल एकेडमी परीक्षा (I) 2026 के फाइनल रिजल्ट की घोषणा होने तक बेहद हिफाजत के साथ संभाल कर रखना होगा, क्योंकि आगे चलकर इंटरव्यू (SSB) और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान इसकी सख्त जरूरत पड़ेगी। इसके लिए अलग से कोई कागजी एडमिट कार्ड घर के पते पर नहीं भेजा जाएगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने ई-एडमिट कार्ड के साथ दिए गए महत्वपूर्ण निर्देशों को एक बार तसल्ली से जरूर पढ़ लें।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

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हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

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