UPSC : नवोदय विद्यालय से पढ़ाई और फिर नक्सलियों से लड़ाई, CRPF असिस्टेंट कमांडेंट ने जंगलों में पढ़कर निकाला UPSC CSE

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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यूपीएससी की तैयारी के लिए उम्मीदवार सब कुछ छोड़ा सालों तक पढ़ाई करते रहते हैं और कोचिंग से लेकर सेल्फ स्टडी तक कई तरीके अपनाते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के नासिक के रहने वाले राजू वाघ की कहानी कुछ अलग है।

CRPF Assistant Commandant raju wagh now civil servant
राजू वाघ

जब यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारी की बात होती है, तो अकसर माना जाता है कि इसके लिए नौकरी, आराम और पर्सनल लाइफ सब कुछ दांव पर लगाना पड़ता है। बहुत से युवा इसकी तैयारी के लिए लाखों के पैकेज की नौकरी छोड़ देते हैं। लेकिन सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट राजू वाघ की कहानी इस धारणा को गलत साबित करती है। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में तैनात राजू वाघ बेहद मुश्किल और चुनौतिपूर्ण सुरक्षा अभियानों की जिम्मेदारी संभाल तो रहे थे, लेकिन उन्होंने अपना यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने का सपना नहीं छोड़ा था। ड्यूटी से जो भी समय मिलता, उसमें वे चुपचाप फोकस रहकर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई। इस जुनून, कड़ी मेहनत और अनुशासन का फल तब मिला जब उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 871 हासिल की।

नवोदय विद्यालय से पढ़कर असिस्टेंट कमांडेंट बने

महाराष्ट्र के नासिक जिले के इंदोरी गांव में जन्मे राजू वाघ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला परिषद स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2014 में एनआईटी नागपुर से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। पांच साल तक कोल इंडिया में काम करने के बाद उन्होंने 2018 में सीएपीएफ परीक्षा पास कर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) जॉइन किया।

नक्सली इलाके में हुई पोस्टिंग, 32 IED का पता लगाया

राजू की तैनाती छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुई, जो नक्सली गतिविधियों के लिए जाना जाता है। यहां उन्होंने 32 आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का पता लगाया और कई कठिन अभियानों का हिस्सा बने। इस दौरान उन्होंने अपने साथी जवानों को खोने का दर्द भी देखा। लेकिन उनकी भूमिका नक्सलवाद से लड़ाई से कहीं अधिक थी। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर काम किया, गलत तरीके से पकड़े गए 25 अंडरट्रायल कैदियों की रिहाई में मदद की, और उन इलाकों में भरोसा बनाने में मदद की जहां अक्सर डर और लड़ाई होती थी। जब उन्होंने देखा कि बच्चों को पढ़ाई नहीं मिल रही है, तो उन्होंने एक CRPF कैंप को क्लासरूम में बदल दिया, और उन्हें खुद पढ़ाया।

जिंदा रहा यूपीएससी का सपना

इन ज़िम्मेदारियों के बावजूद उनका UPSC का सपना जिंदा रहा और उन्होंने ड्यूटी से पहले सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करने और लंबे ऑपरेशनल घंटों के बाद भी तैयारी जारी रखने का एक डिसिप्लिन्ड रूटीन बनाया। उनका तरीका लंबी पढ़ाई मैराथन के बारे में नहीं था, बल्कि लगातार पढ़ाई करने का था और वे अक्सर हर दिन कुछ खास घंटे देने पर ध्यान देते थे। वह रोजाना सुबह 4 से 6 बजे और शाम को 2–3 घंटे पढ़ाई करते थे। वीकेंड पर वे पूरी तरह पढ़ाई में डूबे रहते थे।

जब यूपीएससी का रिजल्ट आया तो कर रहे थे नक्सली विरोधी ऑपरेशन की तैयारी

राजू वाघ की मेहनत तब रंग लाई जब उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 871 हासिल की। जब परिणाम घोषित हुआ, तब वह एक और एंटी नक्सल अभियान की तैयारी कर रहे थे। सफलता की खबर मिलने के बाद उन्होंने अपनी उपलब्धि को स्वीकार किया और फिर ड्यूटी में जुट गए।

IA&AS सर्विस मिली

अगस्त 2025 में वे इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस में शामिल हो गए और अभी शिमला, हिमाचल प्रदेश में पोस्टेड है।

Pankaj Vijay

लेखक के बारे में

Pankaj Vijay

पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


विजन

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