6 में से 5 बार UPSC परीक्षा क्रैक, एक महिला की बेबसी देख IAS बना जज का बेटा, पत्नी भी आईएएस अफसर
UPSC IAS Topper Success Story : शुभम भाईसारे ने छह में से पांच बार यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाएं पास की हैं। शुभम भाईसारे की पहचान केवल यूपीएससी टॉपर के रूप में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले संवेदनशील IAS अधिकारी के रूप में भी बन रही है।

UPSC IAS Topper Success Story : कई बार कुछ पलों की छोटी सी घटना पूरी जिंदगी बदल देती है। ये वो यादगार और भावुक क्षण होते हैं जो आपके करियर की दिशा तय कर देते हैं। महाराष्ट्र के आईएएस अधिकारी शुभम भाईसारे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। 9वीं कक्षा के दौरान एक बूढ़ी महिला से हुई मार्मिक मुलाकात ने उनकी राह लाखों रुपये की नौकरी और प्रतिष्ठित सरकारी सेवाओं के अवसरों के बावजूद आईएएस बनने की ओर मोड़ दी। आखिरकार उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 97 हासिल कर अपना सपना पूरा किया और राजस्थान कैडर के आईएएस अफसर बने। वर्तमान में वह उदयपुर के गोगुंदा में डिप्टी कलेक्टर (एसडीएम) हैं। उनकी पत्नी भी आईएएस अफसर हैं। IAS सोनिका कुमारी भी उनकी तरह 2022 बैच की अधिकारी हैं । मूल रूप से बिहार की रहने वालीं सोनिका शुरुआत में पश्चिम बंगाल कैडर की IAS अधिकारी थीं। इसके बाद उन्होंने मैरिज ग्राउंड पर अपना कैडर पश्चिम बंगाल से राजस्थान ट्रांसफर करा लिया। यहां पढ़ें उनकी सक्सेस स्टोरी-
एक इंटरव्यू में शुभम भाईसारे कहते हैं, '9वीं क्लास में था। घर के सामने दोस्तों के साथ खेल रहा था। तभी वहां एक बेहद बूढ़ी महिला आई। चेहरे पर झुर्रियां थीं। उम्र करीब 75 साल रही होगी। उनके हाथ में एक थैला था जिसमें सब्जियां भरी हुईं थीं। उन्होंने कहा कि वो ये सब मेरे पिता के लिए लेकर आई हैं। मेरे पिता उस समय डिस्ट्रिक्ट जज थे। मैंने उनसे कहा कि मेरे पिता गिफ्ट वगैरह नहीं लेते हैं। परेशानी पूछने पर उन्होंने बताया कि उनकी जमीन पर कुछ लोग कब्जा करना चाह रहे हैं। केस चल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास कोई फाइनेंशियल और लीगल बैकग्राउंड नहीं है। पति और बेटा भी नहीं था। लेकिन उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था। मेरे पिता के फैसला देना रोज का काम था लेकिन उस वृद्ध महिला के लिए यह जिंदगी बदलने वाला फैसला था। तब मैंने सोचा मैं भले ही किसी ऊंचे पैकेज वाली जॉब पर अमेरिका चला जाऊं, लैंबोर्गिनी ले लूं, लेकिन काम में संतुष्टि कैसे हासिल होगी। सोचा कि कुछ ऐसा करूं कि जिससे इन लोगों व समाज के जीवन में बदलाव आए। तब मैंने सिविल सर्विसेज में जाने की ठानी।'
हर एग्जाम में शानदार प्रदर्शन
यूपीएससी हो या गेट ( GATE ) हर एग्जाम में महाराष्ट्र के शुभम भाईसारे ने शानदार प्रदर्शन किया। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के अलावा उन्होंने यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेज, फॉरेस्ट सर्विसेज जैसे एग्जाम भी क्रैक किए। महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित इलाके गढ़चिरौली के अरमोरी तहसील में जन्मे शुभम की स्कूलिंग कई विद्यालयों से हुई क्योंकि उनके पिता डिस्ट्रिट जज थे और उनका ट्रांसफर होता रहता था। मुंबई से सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने यूपीएससी के इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम की तैयारी की और पहले ही प्रयास में परीक्षा पास कर ली।
आईएएस अफसर था टारगेट
एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, '2017 में मैंने इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम पास किया और 2018 बैच का आईईएस ऑफिसर बन गया। इसके बाद गेट में मेरी 57वीं रैंक आई। मुझे आईआईएससी, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली में एडमिशन मिल रहा था। एनएचएआई, पावर ग्रिड, आईओसीएल, एचपीसीएल और एनबीसीसी जैसी पीएसयू में जॉब का मौका था। मैंने सीपीडब्ल्यूडी, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में दो साल काम किया। इस दौरान मैंने जॉब के साथ साथ तैयारी करते हुए 2019 का यूपीएससी सिविल सर्विसेज एग्जाम दिया। मेरा एग्जाम क्लियर हुआ और मुझे आईआरटीएस ( IRTS) मिला। लेकिन मेरा सपना आईएएस अफसर ( IAS Officer ) बनने का था।'
जॉब के साथ कैसे की तैयारी
फुल टाइम जॉब के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी करना बहुत मुश्किल काम था। शुभम जब ऑफिस जाते थे तो रास्ते में न्यूज पेपर पढ़ लिया करते थे। घर पहुंचने के तुरंत बाद ही पढ़ाई करने लग जाते थे। कम सोते थे। उन्होंने ऑफिस की छुट्टियों का पूरा हिसाब बनाया और उन्हें अपनी तैयारी में इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई। वह 6-8 महीने में एक बार ही अपने माता-पिता से मिलने अपने घर जा पाते थे। एंटरटेनमेंट और सोशल एक्टिविटी से उन्होंने दूरी बना ली। कोई त्योहार या पारिवारिक समारोह, यहां तक कि अपने सबसे अच्छे दोस्त की शादी में भी शामिल नहीं हुए। सोशल मीडिया से भी पूरी तरह दूर रहे। भटकाने वाली ऐप को अनइंस्टॉल कर दिया।
छह में से पांच बार यूपीएससी का एग्जाम क्लियर किया (UPSC CSE चार में से तीन बार)
शुभम ने छह में से पांच बार यूपीएससी का एग्जाम क्लियर किया। एक बार वह सिर्फ एक नंबर से रह गए।
- 2017 में उन्होंने यूपीएससी इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम पास किया।
- 2019 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। IRTS मिला।
- 2020 में फिर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। 727वीं रैंक आई।
- 2020 में ही यूपीएससी वन सेवा परीक्षा भी पास की। 63वीं रैंक आई। तेलंगाना कैडर मिला।
- यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में 97वीं रैंक। IAS मिला।
किस काम की होती है तारीफ- कुष्ठ रोग से पीड़ित आदिवासी को दिलाया आधार कार्ड
गोगुंदा के एक आदिवासी व्यक्ति होमा गमेती के हाथ-पैरों की उंगलियां नहीं थीं, इसलिए बायोमेट्रिक न होने के कारण वर्षों तक उनका आधार कार्ड नहीं बन सका। शुभम भाईसारे ने विशेष अनुमति लेकर उनका आधार कार्ड बनवाया। आधार बनने के बाद उन्हें वृद्धावस्था पेंशन, आयुष्मान भारत कार्ड, बैंक खाता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हुआ। जब उन्होंने कार्यभार संभाला, तब क्षेत्र में केवल दो आधार केंद्र थे। उन्होंने कई ग्राम पंचायतों तक आधार पंजीकरण की सुविधा पहुंचाई, जिससे हजारों ग्रामीणों को लाभ मिला। उन्होंने विशेष अभियान चलाकर दिव्यांग लोगों के Unique Disability ID (UDID) कार्ड बनवाए। इससे उन्हें दिव्यांग पेंशन, मुफ्त बस यात्रा और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलने लगीं।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
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