
UPSC Daily Current Affairs: सुप्रीम कोर्ट और अल-फलाह यूनिवर्सिटी एडमिशन, जानें 20 नवंबर 2025 के यूपीएससी करेंट अफेयर्स
UPSC CURRENT AFFAIRS 20 November 2025: यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यहां 20 नवंबर 2025 की मुख्य खबरों को दिया गया है जिससे उम्मीदवार यूपीएससी परीक्षा के लिए आसानी से करेंट अफेयर्स की तैयारी कर सकें।
UPSC CURRENT AFFAIRS 20 November 2025: हाल के दिनों में देश और दुनिया में कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई, जो छात्रों, राजनीति प्रेमियों और खेल प्रेमियों, सभी के लिए महत्वपूर्ण हैं। यहां प्रमुख खबरों का एक आसान शब्दों में बताया गया है। यूपीएससी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यहां 20 नवंबर 2025 की मुख्य खबरों को दिया गया है जिससे उम्मीदवार यूपीएससी परीक्षा के लिए आसानी से करेंट अफेयर्स की तैयारी कर सकें।
1. अल-फलाह यूनिवर्सिटी चर्चा में
फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी हाल ही में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इसका कारण यह है कि दिल्ली के पास एक धमाके की जांच की कड़ी इस यूनिवर्सिटी से जुड़ी मिली है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि इस मामले में यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ लोगों की भागीदारी की बात सामने आई थी, जिसके बाद इसकी मान्यता और फंडिंग को लेकर भी सवाल उठे हैं।
मामले की गंभीरता: जांच एजेंसियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट और फंडिंग में कथित अनियमितताओं के चलते प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी शिकंजा कसा है।
एडमिशन पर असर नहीं: इन सभी विवादों के बावजूद, यूनिवर्सिटी के मेडिकल कोर्स (MBBS) में एडमिशन की प्रक्रिया जारी रही और सत्र 2025-26 के लिए सभी सीटें भर गईं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने कहा है कि वह जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे कोई फैसला लेगा।
2. फीफा वर्ल्ड कप में क्यूरासाओ ने रचा इतिहास
फुटबॉल की दुनिया से एक बड़ी और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। कैरेबियाई सागर में स्थित एक छोटा-सा द्वीप राष्ट्र क्यूरासाओ (Curacao) ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रच दिया है।
सबसे कम आबादी वाला देश: क्यूरासाओ अब तक का सबसे कम आबादी वाला देश बन गया है जिसने फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है। इसकी आबादी लगभग 1,56,000 है। इससे पहले यह रिकॉर्ड आइसलैंड के नाम था, जिसने 2018 में क्वालीफाई किया था।
सफलता का श्रेय: क्यूरासाओ ने यह उपलब्धि जमैका के खिलाफ एक मैच को ड्रॉ खेलकर हासिल की। इस सफलता का श्रेय नीदरलैंड्स मूल के फुटबॉलरों को भी जाता है, जिनकी दोहरी नागरिकता है और जो टीम का हिस्सा हैं।
3. सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
हिंदू महिलाओं के लिए वसीयत: सुप्रीम कोर्ट ने सभी हिंदू महिलाओं से अनुरोध किया है कि वे अपनी वसीयत (Will) जरूर बनाएं। कोर्ट ने कहा कि ऐसा करना इसलिए जरूरी है ताकि महिलाओं द्वारा खुद से अर्जित संपत्ति उनके माता-पिता या उनकी इच्छा के अनुसार ही बांटी जा सके और संपत्ति विवादों को रोका जा सके।
4.ट्रिब्यूनल कानून के प्रावधानों को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने 'ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2021' के कई प्रावधानों को असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि संसद ने उन प्रावधानों को दोबारा लागू करने की कोशिश की, जिन्हें अदालत पहले ही रद्द कर चुकी थी। इसे ‘विधायी अतिक्रमण’ माना गया, जो न्यायिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
चीफ जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि भारत में 'संवैधानिक सर्वोच्चता' चलती है, संसदीय सर्वोच्चता नहीं। जिन प्रावधानों को हटाया गया है, उनमें ट्रिब्यूनल सदस्यों के लिए चार साल का कार्यकाल और नियुक्ति की न्यूनतम उम्र 50 साल रखना शामिल है।
कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति और कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'नेशनल ट्रिब्यूनल्स कमीशन' का गठन करे। यह फैसला न्यायिक स्वतंत्रता को मजबूत करता है।
5. मेरठ के ऐतिहासिक बिगुल को मिला GI टैग
भारत की सैन्य परंपरा से जुड़े मेरठ के प्रसिद्ध 'बिगुल' को ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (GI) टैग दिया गया है। यह बिगुल पीतल से बना एक खास वाद्य यंत्र है। यह बिगुल अपनी दमदार और प्रभावशाली आवाज के लिए पहचाना जाता है। इसका इस्तेमाल भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस इकाइयों द्वारा सैन्य अभ्यास, परेड, समारोहों और सिग्नल देने के लिए किया जाता रहा है। जीआई टैग मिलने से इस विशिष्ट उत्पाद की पहचान और प्रमाणिकता सुरक्षित हो गई है। इस नई उपलब्धि के बाद, भारत में अब हस्तशिल्प, कृषि, खाद्य, और निर्मित वस्तुओं को मिलाकर कुल 605 जीआई-टैग वाले उत्पाद हो गए हैं।
6. गुजरात के रतनमहल अभयारण्य में पहली बार बाघ का स्थायी निवास
गुजरात के रतनमहल वन्यजीव अभयारण्य में दशकों बाद पहली बार एक जंगली बाघ ने अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है। यह बाघ पिछले नौ महीनों से लगातार इसी अभयारण्य में रह रहा है, जिसे राज्य के वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण घटना ने गुजरात को पूरे भारत में एक अनोखी पहचान दी है। गुजरात अब देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां एक ही प्राकृतिक परिदृश्य के भीतर तीनों बड़ी बिल्लियां —यानी एशियाई शेर, भारतीय तेंदुआ और अब बाघ—पाए जाते हैं। यह इस क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण के अनुकूल माहौल को दर्शाता है।





