UPSC CSE Prelims : 8.19 लाख देंगे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, IAS IPS समेत 933 वैकेंसी
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाये गए तीन नये परीक्षा केंद्रों का विकल्प 23,000 से अधिक सिविल सेवा अभ्यर्थियों ने चुना है। आयोग ने बताया कि भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में नये केंद्र बनाए जाने के बाद सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल परीक्षा केंद्रों की संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का आयोजन 24 मई 2026 को होगा।
यूपीएससी ने एक बयान में कहा, "लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नये केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या में कमी आई है।" भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा हर साल तीन चरणों -- प्रारंभिक, मुख्य और व्यक्तित्व परीक्षण -- में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। इस वर्ष की सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को होने वाली है।
आयोग ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अभ्यर्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है।
कुमार ने कहा, "तीन नये केंद्र जोड़ने का मकसद भीड़भाड़ को कम करना और अभ्यर्थियों को बेहतर सुविधा देना है।" उन्होंने बताया कि आयोग ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के परीक्षा केंद्र मिलना भी सुनिश्चित किया है।
आंसर-की तुरंत
पहली बार सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2026 की प्रोविजनल उत्तर-कुंजी परीक्षा के तुरंत बाद जारी करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अपनी प्रदर्शन का प्रारंभिक आकलन करने और समय रहते आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
छात्रों को क्या क्या होगा फायदा
फाइनल आंसर-की फाइनल रिजल्ट के बाद ही जारी होगी। आपको बता दें कि अभी तक आयोग फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद ही यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर-की सार्वजनिक करता आ रहा था लेकिन अब वह एग्जाम के तुरंत बाद आंसर-की जारी करने पर राजी हो गया है। सिविल सेवा अभ्यर्थी वर्षों से यह शिकायत करते आ रहे थे कि उनके पास प्रारंभिक परीक्षाओं में हुई गलतियों को चुनौती देने का कोई तरीका नहीं है। हर साल 5 लाख से ज्यादा उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होते हैं और केवल 12 से 15 हजार के करीब ही मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई कर पाते हैं। यूपीएससी के इस नीतिगत बदलाव से अभ्यर्थियों की समस्या का हल हो गया है। अब वे यह भी जान सकेंगे कि वह चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ पाएंगे या नहीं। पहले छात्रों में यह अनिश्चितता रहती थी कि उन्हें मुख्य परीक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए या अगले साल की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी शुरू करनी चाहिए। पहले उत्तर कुंजी जारी होने से उम्मीदवारों को प्रभावी ढंग से योजना बनाने में मदद मिलेगी।'
यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने इसे नई शुरुआत करार देते हुए कहा कि आयोग पहली बार सिविल सेवा परीक्षा की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी करेगा। उन्होंने कहा, 'यह पहल आयोग के अधिक पारदर्शिता, त्वरित संवाद और अभ्यर्थियों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।'
31 मई 2026 तक दर्ज कर सकेंगे आपत्ति
कुमार ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सहभागी बनाना है, साथ ही उसकी पवित्रता, निष्पक्षता और योग्यता-आधारित ढांचे को बनाए रखना भी है। प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी होने के बाद सिविल सेवा परीक्षा के अभ्यर्थी 31 मई 2026 शाम छह बजे तक अपनी आपत्तियां ऑनलाइन पोर्टल 'ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (क्यूपीरेप)' के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। यह पोर्टल यूपीएससी ऑनलाइन पोर्टल https://upsconline.nic.in/login पर उपलब्ध होगा।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
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पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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