UPSC : बदला CSE रिजल्ट का ट्रेंड, IAS इंटरव्यू में कम अंक के बावजूद OBC वर्ग ने फाइनल मेरिट में EWS को पछाड़ा
यूपीएससी 2025 रिजल्ट व कटऑफ के विश्लेषण से पता चलता है भले ही ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार इंटरव्यू राउंड में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों से पीछे रहे हों, लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट में उन्होंने ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को पछाड़ दिया है।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा परिणाम का बीते कई सालों से चला आ रहा पैटर्न अब बदल रहा है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के रिजल्ट व कटऑफ के विश्लेषण से पता चलता है भले ही ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार इंटरव्यू राउंड में ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों से पीछे रहे हों, लेकिन फाइनल मेरिट लिस्ट में उन्होंने ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को पछाड़ दिया है।
क्या कहती है कटऑफ
ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 2025 का अंतिम कट ऑफ (मेन्स + इंटरव्यू) 926 है, जबकि ओबीसी वर्ग के लिए यह 931 है। सिर्फ मेन्स परीक्षाओं में कट-ऑफ EWS के लिए 706 और ओबीसी के लिए 717 था। कटऑफ अंक किसी भी कैटेगरी के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग स्कोर होते हैं। ये एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं। फाइनल मेरिट लिस्ट ने उस ट्रेंड को बदला है, जिसमें EWS इंटरव्यू राउंड में ज्यादा अंकों के कारण ओबीसी कोटे के लाभार्थियों से आगे रहता था।
इस वर्ष ओबीसी वर्ग ने मेरिट में न सिर्फ EWS को पछाड़ा, बल्कि इंटरव्यू राउंड में बीते कई सालों से लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद उसने ऐसा किया।
ओबीसी वर्ग के लिखित परीक्षा में अधिक अंकों के कारण EWS से ऊपर कटऑफ रहा
ओबीसी और आरक्षण से जुड़े मुद्दों के विशेषज्ञ वकील शशांक रत्नू ने कहा, 'इंटरव्यू में ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के अंक कम थे। लेकिन लिखित परीक्षाओं में उनके अंक काफी ज्यादा थे। इसका नतीजा यह हुआ कि उनका फाइनल कटऑफ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से बेहतर रहा।'
कब शुरू हुआ था EWS आरक्षण
EWS आरक्षण 2019 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देना था, जबकि पिछड़े वर्गों के लिए मंडल आयोग के तहत आरक्षण 1995 से लागू है।
EWS वर्ग के उम्मीदवार अंतिम परिणाम में क्यों आगे निकल जाते थे
2023 और 2024 में EWS उम्मीदवार मेंस परीक्षा में OBC से पीछे रहे थे। हालांकि दोनों आरक्षित वर्गों के बीच कॉम्पीटिशन पेचीदा रहा, क्योंकि इंटरव्यू में अधिक अंक मिलने के कारण EWS वर्ग के उम्मीदवार अंतिम परिणाम में आगे निकल जाते थे।
कटऑफ
सिविल सेवा परीक्षा 2024 ( UPSC CSE 2024) में मेंस परीक्षा का कट-ऑफ ईडब्ल्यूएस के लिए 696 और ओबीसी के लिए 702 था। लेकिन इंटरव्यू के बाद अंतिम परिणाम में EWS का कट-ऑफ 917 रहा, जबकि OBC का 910 था। उससे एक साल पहले मेंस में OBC का कट-ऑफ 712 और EWS का 706 था। लेकिन अंतिम परिणाम में OBC पीछे रह गया, जहां उसका कट-ऑफ 919 था, जबकि EWS का 923 रहा।
मेरिट लिस्ट में उतार-चढ़ाव
दिलचस्प बात यह है कि सिविल सर्विसेज एग्जाम में OBC और EWS की मेरिट लिस्ट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2019 में ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू होने के बाद 2019 और 2020 में ओबीसी ने मेंस और अंतिम परिणाम दोनों में बढ़त बनाई थी। इसे नए आरक्षण सिस्टम की शुरुआती चुनौतियां माना गया, क्योंकि कई पात्र उम्मीदवार इसके नियमों और प्रक्रियाओं से अनजान थे। बाद में EWS ने इस फासले को कम करते हुए परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
उठे सवाल
शशांक रत्नू ने कहा, 'ईडब्ल्यूएस को इंटरव्यू में इतने कम समय में अधिक अंक मिलना इस बात पर सवाल उठाता है कि इस श्रेणी के लिए आरक्षण की आवश्यकता, प्रतिशत और नियम कायदे कितने उचित और सख्त हैं।'
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
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पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
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