UPSC Mains 2026: मेन्स परीक्षा करीब, आखिरी वक्त में ये गलती पड़ी भारी; IAS अभिषेक ने बताया सफलता का सीक्रट
IAS अभिषेक सिंह UPSC CSE Mains 2026 के लिए एक टारगेटेड रिवीजन स्ट्रेटेजी शेयर कर रहे हैं जो आने वाली मेन्स परीक्षा में अभ्यर्थियों के लिए काम आएंगे।

UPSC CSE Mains 2026: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE) की तैयारी करना किसी तपस्या से कम नहीं है। जैसे-जैसे यूपीएससी मेन्स 2026 की तारीखें करीब आ रही हैं, उम्मीदवारों के दिलों की धड़कनें तेज होना लाजमी है। यह वह वक्त होता है जब महीनों, बल्कि सालों की मेहनत को समेटने का दबाव सबसे ज्यादा होता है। अक्सर इस आखिरी दौर में आकर कई होनहार छात्र एक छोटी सी गलती कर बैठते हैं, जो उनके पूरे सपने पर पानी फेर सकती है। इसी उलझन को सुलझाने और सही रास्ता दिखाने के लिए साल 2024 में ऑल इंडिया रैंक 78 हासिल करने वाले 2025 बैच के आईएएस अफसर अभिषेक सिंह ने कुछ बेहद जरूरी और काम के टिप्स शेयर किए हैं। अभिषेक का मानना है कि मेन्स परीक्षा से ठीक पहले का यह समय कुछ नया पढ़ने का नहीं, बल्कि जो पढ़ चुके हैं उसे इस तरह से पक्का करने का है कि परीक्षा हॉल में वह आपकी उंगलियों पर हो।
किताबों और नए नोट्स के अंबार से बचें
तैयारी के आखिरी दिनों में सबसे बड़ा डर 'फियर ऑफ मिसिंग आउट' यानी FOMO का होता है। दोस्तों को कोई नई किताब या किसी कोचिंग के नए नोट्स पढ़ते देख मन में यह ख्याल आना स्वाभाविक है कि कहीं मेरा कुछ छूट तो नहीं गया। टाइम्स नाउ कि रिपोर्ट के मुताबिक, आईएएस अभिषेक सिंह साफ तौर पर हिदायत देते हैं कि उम्मीदवारों को इस वक्त नए सोर्स या नई किताबों के पीछे भागने से बचना चाहिए। मेन्स से पहले का समय बहुत सीमित होता है। ऐसे में अगर आप लगातार अपनी स्टडी टेबल पर नई किताबें या नोट्स का ढेर लगाते जाएंगे, तो आपकी तैयारी फोकस होने के बजाय पूरी तरह से बिखर जाएगी। नई चीजें पढ़ने से दिमाग में कंफ्यूजन पैदा होता है और पुरानी चीजें भी भूलने लगती हैं।
रिवीजन ही आपकी असली ताकत है
अभिषेक के मुताबिक, इस बचे हुए समय का सबसे बेहतरीन इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ 'रिवीजन' है। आपका सारा ध्यान फोकस्ड रिवीजन, बार-बार की जाने वाली प्रैक्टिस और टाइम मैनेजमेंट पर होना चाहिए। जब आप उन अहम टॉपिक्स को बार-बार दोहराते हैं जिन्हें आप पहले ही पढ़ चुके हैं, तो आपकी याद रखने की क्षमता (रिटेंशन) काफी बढ़ जाती है। रिवीजन करने से एक और बड़ा फायदा यह होता है कि आपको अपनी कमियां पता चलने लगती हैं। आपको यह समझ आ जाता है कि कौन सा हिस्सा अभी भी कमजोर है और कहां थोड़ी और मेहनत की जरूरत है। अभिषेक का फंडा बिल्कुल सीधा और आसान है: स्टडी मटेरियल की संख्या बढ़ाने के बजाय, जो मटेरियल आपके पास पहले से मौजूद है, उसी में से ज्यादा से ज्यादा आउटपुट निकालने की कोशिश करें।
आंसर राइटिंग को न करें नजरअंदाज
सिर्फ पढ़कर या चीजों को याद करके मेन्स परीक्षा पास नहीं की जा सकती। मेन्स पूरी तरह से आपके लिखने की कला और स्पीड पर निर्भर करता है। आईएएस अभिषेक सिंह जोर देकर कहते हैं कि तैयारी के इस अंतिम चरण में भी आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस किसी भी कीमत पर रुकनी नहीं चाहिए। जब आप अहम टॉपिक्स का रिवीजन कर रहे हों, तो इस बात का खास ख्याल रखें कि अपने जवाबों में सही डेटा, रिपोर्ट्स, केस स्टडीज और करेंट अफेयर्स के उदाहरण कैसे फिट करने हैं।
एक साधारण जवाब और एक टॉपर के जवाब में यही फर्क होता है। अगर आप अपने तर्कों को किसी हालिया रिपोर्ट या अच्छे उदाहरण के साथ पेश करते हैं, तो आपका जवाब ज्यादा प्रासंगिक और वजनदार बन जाता है। हालांकि, यहां एक बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अभिषेक चेतावनी देते हैं कि सिर्फ पन्ने भरने या अपने ज्ञान का दिखावा करने के लिए बेमतलब के फैक्ट्स न ठूसें। जो सवाल की डिमांड है, जवाब उसी के इर्द-गिर्द होना चाहिए।
मैक्सिमम रिटेंशन, मिनिमम डिस्ट्रैक्शन
जैसे-जैसे परीक्षा के दिन नजदीक आते हैं, तनाव बढ़ना आम बात है। अभिषेक सिंह की इस पूरी चेकलिस्ट का निचोड़ यही है कि अपनी तैयारी को पूरी तरह से 'फोकस्ड' रखें। बाजार में आने वाले नए मटेरियल या इंटरनेट पर रोज मिलने वाले ज्ञान के दबाव में न आएं। अभिषेक की इस शानदार अप्रोच को अगर एक लाइन में कहना हो, तो वह है- मैक्सिमम रिटेंशन विद मिनिमम डिस्ट्रैक्शन यानी भटकाव कम से कम हो और याद ज्यादा से ज्यादा रहे। आपके हर रिवीजन साइकिल का मकसद चीजों को तेजी से याद करने की क्षमता को मजबूत करना होना चाहिए। यूपीएससी मेन्स 2026 की तैयारी कर रहे सभी एस्पिरेंट्स के लिए यह संदेश बिल्कुल साफ है: अपने लक्ष्य पर नजर गड़ाए रखें, स्मार्ट तरीके से रिवीजन करें और अपने लिखने की शैली को लगातार निखारते रहें।


