अब वर्दी की बारी, UPSC CAPF 2026 के लिए कैसे करें आवेदन; इस बार 349 पदों पर भर्ती
upsc capf assistant commandant 2026: ग्रेजुएट युवाओं के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भर्ती का मौका है। यूपीएससी ने सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट 2026 का नोटिफिकेशन जार दिया है। इसके लिए आवेदन शुरू है, इसकी परीक्षा जुलाई में निर्धारित है।

upsc capf assistant commandant 2026: वर्दी पहनकर देश सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी ने सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट 2026 परीक्षा का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए देश के प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में अधिकारी बनने का रास्ता खुलता है। हर साल की तरह इस बार भी यह परीक्षा उन युवाओं के लिए सुनहरा मौका मानी जा रही है जो सम्मान, जिम्मेदारी और चुनौती भरी नौकरी चाहते हैं।
इस भर्ती के माध्यम से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस और सशस्त्र सीमा बल में असिस्टेंट कमांडेंट पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। ये पद सीधे ग्रुप ए स्तर के होते हैं, यानी चयन होने पर उम्मीदवार सीधे अधिकारी रैंक में शामिल होते हैं।
इस बार आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 12 मार्च 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा 19 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों के पास तैयारी और आवेदन दोनों के लिए सीमित लेकिन अहम समय है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस परीक्षा में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की हो। उम्र सीमा 20 से 25 वर्ष तय की गई है, जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी। उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना जरूरी है और उसे निर्धारित शारीरिक तथा चिकित्सीय मानकों को भी पूरा करना होगा। आवेदन से पहले सभी पात्रता शर्तों को ठीक से समझ लेना जरूरी है, क्योंकि बाद में गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता।
कैसे भरें सीएपीएफ 2026 का फॉर्म
सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किया जाएगा। उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही फॉर्म भरना होगा। सबसे पहले वेबसाइट खोलकर सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट 2026 से संबंधित नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक करना होगा। यहां पूरी भर्ती प्रक्रिया, पात्रता, परीक्षा योजना और जरूरी निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।
इसके बाद उम्मीदवार को ऑनलाइन आवेदन वाले लिंक पर जाकर अपना पंजीकरण करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, जन्मतिथि, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर जैसी बुनियादी जानकारी भरनी होगी। यही जानकारी आगे की पूरी प्रक्रिया में इस्तेमाल होगी, इसलिए इसे सही और सक्रिय रखना जरूरी है।
पंजीकरण पूरा होने के बाद आवेदन फॉर्म खुल जाएगा, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, पता, पहचान संबंधी जानकारी और परीक्षा केंद्र का चयन करना होगा। यहां किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द भी हो सकता है।
फॉर्म भरने के बाद उम्मीदवारों को अपनी फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करने होंगे। दस्तावेज साफ और स्पष्ट होने चाहिए, वरना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके बाद यदि शुल्क लागू होता है तो ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करना होगा।
अंत में पूरा फॉर्म ध्यान से जांचने के बाद उसे सबमिट करना होगा। सबमिट करने के बाद जो कन्फर्मेशन पेज दिखाई देगा, उसे डाउनलोड करके सुरक्षित रखना जरूरी है। यही भविष्य में एडमिट कार्ड और अन्य प्रक्रिया के समय काम आता है।
चयन प्रक्रिया कैसी होगी
इस भर्ती में चयन कई चरणों से होकर गुजरता है। सबसे पहले लिखित परीक्षा होती है जिसमें सामान्य अध्ययन, निबंध, सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े विषयों की समझ परखी जाती है। लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षण और मेडिकल जांच से गुजरना पड़ता है। इसके बाद इंटरव्यू होता है, जो अंतिम चयन तय करता है।
यानी यह सिर्फ पढ़ाई का ही नहीं बल्कि फिटनेस, अनुशासन और मानसिक मजबूती का भी इम्तिहान होता है। इसलिए तैयारी करते समय उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक अभ्यास पर भी बराबर ध्यान देना चाहिए।
क्यों खास मानी जाती है यह परीक्षा
सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षाओं में गिना जाता है। इसमें चयन होने का मतलब है कि उम्मीदवार सीधे नेतृत्व की भूमिका में आता है। सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, औद्योगिक प्रतिष्ठानों की रक्षा और आपदा जैसी स्थितियों में अधिकारी की अहम जिम्मेदारी होती है।
यही कारण है कि हर साल हजारों युवा इस परीक्षा का इंतजार करते हैं। अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को आवेदन में देर नहीं करनी चाहिए और समय रहते फॉर्म भरकर तैयारी में पूरी ताकत लगा देनी चाहिए।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
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