UPSC के सारे अटेम्प्ट खत्म हो गए? मायूस न हों, ये स्मार्ट करियर विकल्प बदल सकते हैं आपकी राह

Jan 18, 2026 09:22 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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UPSC में सफलता न मिलने का मतलब करियर खत्म नहीं होता है। आपकी तैयारी कई दूसरे प्रतिष्ठित और सुरक्षित क्षेत्रों में शानदार भविष्य बना सकती है।

UPSC के सारे अटेम्प्ट खत्म हो गए? मायूस न हों, ये स्मार्ट करियर विकल्प बदल सकते हैं आपकी राह

भारत में UPSC सिविल सेवा परीक्षा को सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा IAS, IPS, IFS बनने का सपना लेकर परीक्षा में बैठते हैं। कई उम्मीदवार सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन कभी कभी परिस्थितियां, सीमित प्रयास या किस्मत साथ नहीं देती और सभी अटेम्प्ट खत्म हो जाते हैं । ऐसे में निराशा स्वाभाविक है, लेकिन यह मान लेना कि अब कोई रास्ता नहीं बचा यह बिल्कुल गलत है।

हकीकत यह है कि UPSC की तैयारी अपने आप में एक मजबूत स्किल सेट बनाती है, जिसे कई दूसरे क्षेत्रों में बेहद क़ीमती माना जाता है। प्रशासनिक समझ, करंट अफेयर्स, विश्लेषण क्षमता, लेखन कौशल और अनुशासन ये सब आपको भीड़ से अलग बनाते हैं।

राज्य सिविल सेवा (PCS, DSP आदि)

UPSC के बाद सबसे स्वाभाविक विकल्प राज्य लोक सेवा आयोग हैं। BPSC, UPPSC, MPPSC, RPSC जैसे आयोगों के जरिए SDM, DSP, तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति होती है।

इन पदों पर काम करने का दायरा भले राज्य तक सीमित हो, लेकिन सम्मान, अधिकार और जिम्मेदारी किसी भी मायने में कम नहीं होती। UPSC की जनरल स्टडीज की तैयारी यहां सीधे काम आती है।

शिक्षण और अकादमिक क्षेत्र

अगर आपको पढ़ाने और शोध में रुचि है, तो टीचिंग और अकादमिक करियर आपके लिए शानदार हो सकता है।

UGC NET/JRF पास करके आप असिस्टेंट प्रोफेसर बन सकते हैं। वहीं CTET या STET के जरिए स्कूल शिक्षक बनने का रास्ता खुलता है।

UPSC की गहरी समझ आपको छात्रों के बीच एक बेहतर और प्रभावी शिक्षक बनाती है।

पत्रकारिता और पॉलिसी रिसर्च

अगर आपको तथ्यात्मक लेखन, विश्लेषण और समसामयिक मुद्दों पर बोलना पढ़ना पसंद है, तो जर्नलिज्म और पॉलिसी रिसर्च बेहतरीन विकल्प हैं।

PRS, ORF, नीति आयोग से जुड़े पॉलिसी लैब्स और मीडिया संस्थान ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देते हैं, जिनकी करंट अफेयर्स और गवर्नेंस पर पकड़ मजबूत हो और यही UPSC की ताकत है।

मानसिक बदलाव है सबसे जरूरी

UPSC में असफलता आपकी योग्यता पर सवाल नहीं उठाती। यह सिर्फ यह बताती है कि एक रास्ता बंद हुआ है, पूरी सड़क नहीं। सफल करियर वही होता है जो आपकी क्षमता, रुचि और परिस्थितियों के अनुकूल हो।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव

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