Hindi Newsकरियर न्यूज़UPSC 2026 Notification Under Fire for 40+ Spelling Errors; Aspirants Call it Lack of Professionalism
UPSC CSE Notification 2026: यूपीएससी के 160 पन्नों के नोटिफिकेशन में स्पेलिंग एरर की भरमार, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

UPSC CSE Notification 2026: यूपीएससी के 160 पन्नों के नोटिफिकेशन में स्पेलिंग एरर की भरमार, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

संक्षेप:

UPSC Notification 2026: सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 के लिए जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन में 40 से अधिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियां पाई गई हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

Feb 08, 2026 06:47 am ISTPrachi लाइव हिन्दुस्तान
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UPSC CSE Notification 2026: देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा, 'यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन' (UPSC) इन दिनों एक अनोखे और विवादास्पद कारण से चर्चा में है। सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 के लिए जारी किए गए आधिकारिक नोटिफिकेशन में 40 से अधिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियां पाई गई हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है और उम्मीदवारों ने इसे आयोग की 'घोर अक्षमता' और 'लापरवाही' करार दिया है।

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नोटिफिकेशन में क्या हैं गलतियां?

आमतौर पर यूपीएससी अपने सटीक और बिना कियी गलती के डॉक्यूमेंट लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार 160 पन्नों के नोटिफिकेशन में कई जगह बुनियादी शब्दों की स्पेलिंग गलत लिखी गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर उम्मीदवारों ने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया कि:

'Government' को 'Goverment' लिखा गया है।

'Candidates' की स्पेलिंग में भी गलतियां हैं।

कई महत्वपूर्ण वाक्यों में ग्रामर की गलतियां हैं जो नियमों के अर्थ को अस्पष्ट बना रही हैं।

एक उम्मीदवार ने लिखा, “जो आयोग हमसे भाषा और लेखन में पूर्ण सटीकता की उम्मीद करता है, क्या वह खुद एक बिना कियी गलती के नोटिफिकेशन जारी नहीं कर सकता?”

उम्मीदवारों की नाराजगी और प्रतिक्रिया

लाखों छात्र जो दिन-रात एक करके इस परीक्षा की तैयारी करते हैं, वे इस लापरवाही से काफी निराश हैं। उम्मीदवारों का तर्क है कि यूपीएससी की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों से उम्मीद की जाती है कि वे अपने उत्तरों में एक भी गलती न करें, अन्यथा उनके अंक काट लिए जाते हैं। ऐसे में आयोग द्वारा इतनी बड़ी संख्या में गलतियां करना एक गलत मिसाल पेश करता है।

कुछ जानकारों का मानना है कि नोटिफिकेशन तैयार करने में जल्दबाजी की गई होगी, जिसके कारण 'प्रूफरीडिंग' (डॉक्यूमेंट की दोबारा जांच) ठीक से नहीं हो पाई।

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आयोग का रुख और सुधार की मांग

नोटिफिकेशन में इन गलतियों के उजागर होने के बाद, छात्रों ने मांग की है कि यूपीएससी तुरंत एक 'शुद्धिपत्र' जारी करे और इन गलतियों को सुधारे। हालांकि, आयोग की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफीनामा नहीं आया है।

यह विवाद ऐसे समय में आया है जब इस साल पहले से ही वैकेंसी की संख्या कम होने के कारण छात्र तनाव में हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट में ऐसी गलतियां आयोग की छवि को धूमिल करती हैं।

Prachi

लेखक के बारे में

Prachi

दिल्ली की रहने वाली प्राची लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले 1.5 वर्षों से वे करियर और शिक्षा क्षेत्र की बारीकियों को कवर कर रही हैं। प्राची ने प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है। लाइव हिन्दुस्तान से 2024 में जुड़ने से पहले, उन्होंने 'नन्ही खबर', 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे संस्थानों में कंटेंट लेखक के रूप में अपनी लेखनी को निखारा है। इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है।

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