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UPPSC : प्रदर्शनकारी छात्रों ने उठाए यूपीपीएससी भर्ती की कटऑफ में असमानता व कम गुना अभ्यर्थियों के चयन के मुद्दे

UPPSC : प्रदर्शनकारी छात्रों ने उठाए यूपीपीएससी भर्ती की कटऑफ में असमानता व कम गुना अभ्यर्थियों के चयन के मुद्दे

संक्षेप:

विरोधी छात्रों ने उदाहरण देते हुए बताया कि आरओ-एआरओ 2016 में सामान्य वर्ग का कटऑफ 129, जबकि ओबीसी का 132 रहा। बीडीओ 2019 भर्ती परीक्षा में सामान्य 137, ईडब्ल्यूएस 152 और ओबीसी का कटऑफ 165 अंक रहा।

Dec 16, 2025 06:16 am ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग दफ्तर के सामने प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों ने आयोग की परीक्षाओं के कटऑफ में असमानता का मुद्दा भी उठाया। पोस्टर पर विभिन्न परीक्षाओं के कटऑफ अंक लिखकर यह दर्शाया कि कई मामलों में आरक्षित वर्ग का कटऑफ सामान्य वर्ग से अधिक रहा है, जो व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। छात्रों ने उदाहरण देते हुए बताया कि आरओ-एआरओ 2016 में सामान्य वर्ग का कटऑफ 129, जबकि ओबीसी का 132 रहा। बीडीओ 2019 भर्ती परीक्षा में सामान्य 137, ईडब्ल्यूएस 152 और ओबीसी का कटऑफ 165 अंक रहा। इसी तरह आरओ-एआरओ 2021 में सामान्य 102, ईडब्ल्यूएस 106 और ओबीसी 110 अंक कटऑफ रहा। पीसीएस 2022 में सामान्य वर्ग का कटऑफ 111, जबकि ईडब्ल्यूएस और ओबीसी का 114 अंक रहा। वहीं, पीसीएस 2023 में सामान्य 125, ईडब्ल्यूएस 129 और ओबीसी वर्ग का 128 अंक कटऑफ रहा।

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भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर उठाए सवाल

लोक सेवा आयोग के बाहर बड़ी संख्या में जुटे प्रतियोगी छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि आयोग प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। छात्रों ने यह भी मांग उठाई की कि मुख्य परीक्षा के लिए पदों के सापेक्ष 15 नहीं, बल्कि 20 गुना अभ्यर्थियों का चयन किया जाए। उनका कहना है कि इससे अधिक योग्य अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा और चयन प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत बनेगी।

बाल पकड़कर खींचते हुए गाड़ी में बैठाने का वीडियो वायरल

लोक सेवा आयोग के सामने प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी छात्रों के साथ सख्ती कर एक प्रतियोगी का बाल पकड़कर खींचते हुए गाड़ी में बैठाने का एक पुलिस अफसर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने फेसबुक पर इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा है कि बेरोजगारी की पीड़ा से गुजर रहे युवाओं के साथ अमानवीय तरीके से मारपीट व बाल पकड़कर अपमानित करने का जो काम उप्र की भाजपा सरकार कर रही है, वो दरअसल भाजपा का सत्ता का अहंकार है। भाजपा यह न भूले कि पढ़ने वाले युवा लड़ना नहीं चाहते हैं, वो तो बस साफ-सुथरे तरीके से नौकरी की प्रक्रिया का शुद्धीकरण करवाने की मांग कर रहे हैं। कहा कि हम प्रतियोगी अभ्यर्थियों के साथ नैतिक बल बनकर खड़े हैं। उन्होंने दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली और भ्रष्ट चयन प्रक्रिया के लग रहे आरोपों के संदर्भ में एक एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) की पुरजोर मांग की है। कहा है कि भाजपा को इस बर्बरतापूर्ण व्यवहार के लिए युवा कभी माफ नहीं करेंगे। भाजपा के एजेंडे में नौकरी है ही नहीं।

आपत्तिजनक नारों से आंदोलन कमजोर

प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की ओर से आपत्तिजनक नारे लगाए जाने से छात्रों में नाराजगी फैल गई। इससे विवाद की स्थिति बनी और कई छात्र आंदोलन छोड़कर लौट गए। छात्रों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि यह आंदोलन छात्रों के मुद्दे के लिए था न कि राजनीतिक दल की रैली। प्रशांत ने कहा कि यह विशुद्ध छात्र आंदोलन होगा पर साजिश के तहत अराजकता फैलाने का प्रयास किया गया जिसके कारण छात्रों ने आंदोलन को वापस ले लिया और अपने कमरों पर लौट गए।

दो छात्रनेता नजरबंद धमकी का आरोप

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्रनेता पंकज पांडेय और आशुतोष पांडेय को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। आशुतोष पांडेय को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान वहीं पर पुलिस ने नजरबंद किया तो वहीं पंकज पांडेय को घर पर ही रोके जाने का आरोप लगाया गया। हुंकार मंच के पंकज पांडेय ने कहा कि मंगलवार को ऑनलाइन बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं आशुतोष पांडेय ने पुलिस प्रशासन पर धमकी देने का आरोप लगाया।

नौकरी मांगो तो लाठी मिलती है: संजय सिंह

यूपीपीएससी से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं का वीडियो वायरल होने पर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सरकार पर युवाओं के साथ सख्ती का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि ये वीडियो यूपीपीएससी के बेरोजगार युवाओं का है, जो नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं और बदले में उन्हें प्रयागराज की सड़कों पर घसीटा जा रहा है। यही है भाजपा का युवा विरोधी विकास मॉडल जहां नौकरी मांगो तो लाठी मिलती है और सवाल पूछो तो जेल जाना पड़ता है।

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लेखक के बारे में

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पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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