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UPPSC PCS : रिवाइज्ड आंसर-की क्यों नहीं दी, यूपी पीसीएस प्री रिजल्ट को लेकर आयोग की सफाई पर छात्रों ने खड़े किए सवाल

UPPSC PCS : रिवाइज्ड आंसर-की क्यों नहीं दी, यूपी पीसीएस प्री रिजल्ट को लेकर आयोग की सफाई पर छात्रों ने खड़े किए सवाल

संक्षेप:

यूपीपीएससी की सफाई पर छात्रों का कहना है कि आयोग अंतिम परिणाम के बाद संशोधित उत्तरकुंजी जारी करने को कह रहा है लेकिन पीसीएस 2021, 2022 और 2023 का अंतिम परिणाम जारी होने और नियुक्ति मिलने के बाद अब तक संशोधित उत्तरकुंजी क्या जारी नहीं की गई।

Dec 12, 2025 06:35 am ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, मुख्य संवाददाता, प्रयागराज
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। एक दिसंबर को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद से ही 15 गुना से कम अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित करने के प्रतियोगी छात्रों के विरोध को देखते हुए आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्षदेव पांडेय ने गुरुवार को विज्ञप्ति जारी की है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार आयोग की ओर से सभी परीक्षाओं के संबंध में जो विज्ञापन जारी किए जाते हैं उनमें न्यूनतम दक्षता मानक के साथ प्रारंभिक/स्क्रीनिंग परीक्षाओं में अधियाचित रिक्तियों के सापेक्ष 15 गुना अभ्यर्थियों को श्रेष्ठता क्रमानुसार मुख्य परीक्षा में प्रवेश के लिए सफल घोषित किए जाने का प्रावधान होता है।

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ऐसी परीक्षाएं, जिनमें विशिष्ट अर्हताओं के बहुसंवर्गीय पद सम्मिलित होते हैं, जैसे पीसीएस, आरओ/एआरओ आदि के विज्ञापन की शर्तों के अनुसार सामान्य स्नातक अर्हता एवं विशिष्ट अर्हता के अधियाचित पदों के सापेक्ष 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया जाता है, किन्तु सामान्य एवं विशिष्ट दोनों अर्हताओं के सापेक्ष सफल होने वाले अभ्यर्थियों का अनुक्रमांक परीक्षा परिणाम में केवल एक बार ही दर्शाया जाता है जिससे एक ही अनुक्रमांक का दोहराव न हो। उदाहरण के लिए पीसीएस में सामान्य स्नातक अर्हता के साथ-साथ उपनिबन्धक, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, एसीएफ/आरएफओ आदि विशिष्ट अर्हताओं के पद भी सम्मिलित होते हैं, जिनके सापेक्ष रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते के लिए परिणाम घोषित किया जाता है।

इस प्रकार सामान्य अर्हता के पदों के साथ-साथ विशिष्ट अर्हताओं के पदों के सापेक्ष श्रेष्ठताक्रमानुसार सफल होने वाले अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक की गणना परीक्षा परिणाम में केवल एक बार ही की जाती है, जिसके कारण पदवार रिक्तियों के सापेक्ष 15 गुना से अधिक संख्या में अभ्यर्थी सफल होने के बावजूद कुल रिक्तियों के सापेक्ष उनकी संख्या 15 गुना से कम दिखती है (जैसे पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2025 का परिणाम) जबकि मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करते समय एक से अधिक समूहों में सफल अभ्यर्थियों को ऐसे समूहों के सभी पदों का विकल्प प्रदर्शित होता है।

अंतिम परिणाम के बाद ही देंगे कटऑफ और उत्तरकुंजी

आयोग ने साफ किया है कि अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, कटऑफ और अंतिम उत्तरकुंजी अंतिम परिणाम के बाद ही घोषित किए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक का तर्क है कि संघ लोक सेवा आयोग नई दिल्ली ने भी अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, कटऑफ अंक एवं उत्तरकुंजी जारी करता है। इस संबंध में उच्चतम न्यायालय में हिमांशु कुमार व अन्य की ओर से योजित याचिका में दाखिल अपने प्रतिशपथपत्र में संघ लोक सेवा आयोग ने प्रॉविजनल उत्तर कुंजी जारी करने, अभ्यर्थियों से आपत्तियों आमंत्रित करने एवं विषय विशेषज्ञों से आपत्तियों का निराकरण कराने के बाद प्रारम्भिक परीक्षा का परिणाम जारी करने एवं अंतिम चयन परिणाम के बाद ही अंतिम उत्तरकुंजी जारी करने संबंधी तथ्य प्रस्तुत किए है जिन्हें न्यायोचित मानते हुए उच्चतम न्यायालय ने याचिका को निस्तारित कर दिया है। यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में पहले से ही प्रचलन में है, जिसकी वैधता के संबंध में उच्चतम न्यायालय का निर्णय महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, कटऑफ अंक एवं अंतिम उत्तरकुंजी जारी करने के प्रकरण में हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिकाएं लंबित है।

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संशोधित उत्तरकुंजी क्यों नहीं दी?

आयोग की लंबी चौड़ी सफाई पर प्रतियोगी छात्रों ने सवाल खड़े किए हैं। पिछले साल आयोग के सामने आंदोलन की अगुवाई करने वालों में एक आशुतोष पांडेय का कहना है कि लोक सेवा आयोग अंतिम परिणाम के बाद संशोधित उत्तरकुंजी जारी करने को कह रहा है लेकिन पीसीएस 2021, 2022 और 2023 का अंतिम परिणाम जारी होने और नियुक्ति मिलने के बाद अब तक संशोधित उत्तरकुंजी क्या जारी नहीं की गई। आयोग की कथनी और करनी में अंतर है जिससे छात्रों में असंतोष और अविश्वास हैं। प्रतियोगी छात्र 15 दिसंबर को लोक सेवा आयोग जाएंगे। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया था कि अंतिम उत्तरकुंजी भी जारी करेंगे लेकिन पालन नहीं कर रहा है जो कि हाईकोर्ट की अवमानना है।

निवारण के लिए कृतसंकल्पित

परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि परीक्षाओं के संबंध में अभ्यर्थियों की शिकायतों का निवारण संवेदनशीलता के साथ करने के लिए आयोग कृतसंकल्पित है। आयोग कार्यालय में हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है तथा ईमेल आईडी ONLINE.UPPSC@NIC.IN भी बनाई गई है। इस प्रक्रिया की लगातार निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है जो नियमित रूप से इन माध्यमों से आयोग एवं अभ्यर्थियों के मध्य स्वस्थ एवं आवश्यक संवाद स्थापित कर निराकरण करते हैं।

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पंकज विजय लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर हैं। यहां वह करियर, एजुकेशन, जॉब्स से जुड़ी खबरें देखते हैं। पंकज को पत्रकारिता में डेढ़ दशक से ज्यादा का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने एनडीटीवी डिजिटल, आजतक डिजिटल, अमर उजाला समाचार पत्र में काम किया। करियर-एजुकेशन-जॉब्स के अलावा वह विभिन्न संस्थानों में देश-विदेश, राजनीति, रिसर्च व धर्म से जुड़ी बीट पर भी काम कर चुके हैं। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा व डीयू से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। और पढ़ें
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