UPPSC PCS 2026: यूपी में SDM-DSP बनने का मौका? आवेदन की आखिरी तारीख है बेहद करीब, जल्द करें अप्लाई
यूपीपीएससी पीसीएस 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 27 जुलाई बेहद करीब है। 500 से ज्यादा पदों पर निकली इस शानदार सरकारी नौकरी के लिए बिना देरी किए तुरंत अप्लाई करें।

अगर आप भी उत्तर प्रदेश में एसडीएम (SDM), डीएसपी (DSP) या बीडीओ (BDO) जैसे रुतबे वाले पदों पर बैठकर जनता की सेवा करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। यूपीपीएससी पीसीएस 2026 (UPPSC PCS 2026) के लिए आवेदन का काउंटडाउन अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है। 25 जून 2026 को जारी हुए नोटिफिकेशन के बाद से ही लाखों युवा अपनी किस्मत और मेहनत आजमाने के लिए फॉर्म भर चुके हैं। लेकिन अगर आप अब भी किसी सोच-विचार में डूबे हैं या 'कल भर दूंगा' वाले मूड में हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। आवेदन की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2026 बिल्कुल दरवाजे पर दस्तक दे रही है। अमूमन आखिरी दिनों में वेबसाइट क्रैश होने या सर्वर के धीमा पड़ने की झंझट देखने को मिलती है। ऐसी किसी भी तकनीकी परेशानी से बचने का सबसे सही तरीका यही है कि बिना एक भी पल गंवाए आज ही अपना एप्लीकेशन सबमिट कर दें।
क्या है वैकेंसी का पूरा हिसाब-किताब?
इस बार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने ग्रुप ए और ग्रुप बी के लगभग 500 पदों पर भर्तियां निकाली हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर विभागों की तरफ से इन पदों की संख्या घट या बढ़ भी सकती है। इस भर्ती के जरिए जिन शानदार पदों पर तैनाती मिलेगी, उनमें शामिल हैं -
- डिप्टी कलेक्टर (SDM)
- डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP)
- ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO)
- असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स)
- नायब तहसीलदार
- एक्साइज इंस्पेक्टर
- जिला समाज कल्याण अधिकारी
- बाल विकास परियोजना अधिकारी
अहम तारीखें जिन्हें भूलना मना है
अगर आप इस परीक्षा में बैठने का मन बना चुके हैं, तो इन तारीखों को अपने कैलेंडर में आज ही मार्क कर लें -
- नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख 25 जून 2026
- ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 25 जून 2026
- आवेदन करने की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2026
- फीस जमा करने की आखिरी तारीख 27 जुलाई 2026
- फॉर्म में करेक्शन की आखिरी तारीख 3 अगस्त 2026
कौन कर सकता है अप्लाई?
पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में बैठने के लिए आपकी उम्र 1 जुलाई 2026 तक कम से कम 21 साल होनी चाहिए, वहीं अधिकतम उम्र सीमा 40 साल तय की गई है। यूपी सरकार के नियमों के मुताबिक रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को उम्र में छूट का फायदा भी मिलेगा। जहां तक पढ़ाई-लिखाई की बात है, तो किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन (बैचलर डिग्री) करने वाले युवा इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, फूड सेफ्टी ऑफिसर जैसे कुछ खास पदों के लिए साइंस में डिग्री होना जरूरी है। डीएसपी और एक्साइज इंस्पेक्टर जैसे पदों के लिए आयोग ने कुछ शारीरिक मापदंड (जैसे लंबाई और सीने का नाप) भी तय किए हैं।
OTR है सबसे जरूरी शर्त
एक बात का खास ख्याल रखें कि आप सीधे जाकर फॉर्म नहीं भर सकते। आवेदन से पहले आपको 'वन टाइम रजिस्ट्रेशन' (OTR) की प्रक्रिया पूरी करनी ही होगी। बिना वैलिड OTR नंबर के आपका फॉर्म किसी भी सूरत में मंजूर नहीं किया जाएगा। फॉर्म भरने और फीस चुकाने के बाद अपने कंफर्मेशन पेज और पेमेंट रिसिप्ट की पीडीएफ जरूर सेव कर लें।
कैसे होगा आपका सेलेक्शन?
पीसीएस अधिकारी बनने का सफर तीन अहम पड़ावों से होकर गुजरता है -
1. प्रारंभिक परीक्षा (प्री): यह पहला फिल्टर है। इसमें दो पेपर होते हैं - जनरल स्टडीज पेपर-I और जनरल स्टडीज पेपर-II (CSAT)। दोनों 200-200 नंबर के होते हैं। सीसैट सिर्फ क्वालिफाइंग होता है, जबकि मेरिट पेपर-I के नंबरों से बनती है।
2. मुख्य परीक्षा (मेन्स): प्रीलिम्स पास करने वाले उम्मीदवार मेन्स में बैठते हैं। इसमें जनरल हिंदी और निबंध के अलावा जनरल स्टडीज के कुल 6 पेपर होते हैं।
3. इंटरव्यू: मेन्स में कामयाबी झंडे गाड़ने वालों को 100 नंबर के पर्सनैलिटी टेस्ट यानी इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। यहां आपकी पर्सनैलिटी और हाजिरजवाबी परखी जाती है।
आवेदन करने के लिए जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को 125 रुपये फीस देनी होगी। वहीं एससी/एसटी के लिए यह 65 रुपये और दिव्यांगजनों के लिए महज 25 रुपये रखी गई है। अब बात करें उस चीज की जो सबसे ज्यादा मोटिवेट करती है इसकी सैलरी। यूपीपीएससी पीसीएस के ज्यादातर पद पे लेवल-10 के दायरे में आते हैं। इसमें 7वें वेतन आयोग के तहत आपकी बेसिक सैलरी 56,100 रुपये से शुरू होती है। इसके ऊपर महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया (एचआरए), यात्रा भत्ता (टीए), सरकारी गाड़ी, मेडिकल सुविधाएं और वो गजब का रुतबा मिलता है, जिसकी कोई कीमत नहीं है।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


