जनवरी में प्रयागराज में नहीं होंगी UPPSC की परीक्षाएं, SSC भी ले सकता है फैसला; क्या है वजह?

Jan 02, 2026 11:05 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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uppsc exams news : माघ मेला और स्नान पर्वों के चलते जनवरी में प्रयागराज में UPPSC की कोई परीक्षा नहीं होगी। SSC CGL परीक्षाएं भी शहर से बाहर कराई जा सकती हैं।

जनवरी में प्रयागराज में नहीं होंगी UPPSC की परीक्षाएं, SSC भी ले सकता है फैसला; क्या है वजह?

uppsc exams news : संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला अपने चरम पर है और लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही ने शहर की रफ्तार बदल दी है। इसी भीड़, ट्रैफिक प्रतिबंध और परीक्षा देने आने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी को देखते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। जनवरी महीने में प्रयागराज में होने वाली कई अहम प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आयोग ने दिशा बदल दी है।

माघ मेला के चलते UPPSC का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने साफ कर दिया है कि जनवरी 2026 में प्रयागराज में कोई भी भर्ती परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। यह निर्णय माघ मेले और उससे जुड़े प्रमुख स्नान पर्वों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि परीक्षार्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

LT ग्रेड शिक्षक भर्ती की परीक्षाएं तय, लेकिन केंद्र बदलेंगे

UPPSC जनवरी में सरकारी माध्यमिक विद्यालयों के लिए LT ग्रेड शिक्षक भर्ती की परीक्षा 8 विषयों में चार दिन तक आयोजित करने वाला है। तय कार्यक्रम के अनुसार 17 जनवरी को सामाजिक विज्ञान और जीवविज्ञान, 18 जनवरी को अंग्रेजी और शारीरिक शिक्षा की परीक्षा प्रस्तावित है। इसी तरह 24 जनवरी को कला और कृषि/उद्यान विज्ञान तथा 25 जनवरी को उर्दू और संगीत के पेपर होने हैं। हालांकि, इन परीक्षाओं के लिए प्रयागराज को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

स्नान पर्वों से पहले और बाद में ट्रैफिक प्रतिबंध

जनवरी में माघ मेले के दौरान मकर संक्रांति (15 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी) और बसंत पंचमी (23 जनवरी) प्रमुख स्नान पर्व हैं। इन तिथियों से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक शहर में सख्त ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहते हैं। ऐसे में परीक्षार्थियों का समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

परीक्षार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता

आयोग के अधिकारियों का कहना है कि यदि इन दिनों में प्रयागराज में परीक्षा कराई जाती, तो कई अभ्यर्थियों के पेपर छूटने की आशंका रहती। इसी कारण प्रयागराज के बाहर अन्य जिलों में परीक्षा केंद्र आवंटित करने का फैसला लिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि प्रयागराज के स्थानीय अभ्यर्थियों को भी आमतौर पर दूसरे जिलों में ही केंद्र दिया जाता है।

नकल माफिया पर लगाम के लिए नई व्यवस्था

हाल के वर्षों में UPPSC ने एक नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत परीक्षा केंद्रों की जानकारी परीक्षा से कुछ दिन पहले ही जारी की जाती है। इसका मकसद नकल माफिया की किसी भी तरह की साजिश या सेटिंग को रोकना बताया जा रहा है।

SSC परीक्षाओं पर भी माघ मेले का असर

माघ मेले का असर केवल UPPSC तक सीमित नहीं है। एसएससी की CGL 2025 Tier-II परीक्षा 18 और 19 जनवरी को प्रस्तावित है। हालांकि SSC (सेंट्रल रीजन) का मुख्यालय प्रयागराज में है, इसके बावजूद इन परीक्षाओं के भी शहर के बाहर आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्थानीय अभ्यर्थियों को यात्रा करनी पड़ सकती है।

प्रयागराज में परीक्षा और आस्था का संतुलन

गौरतलब है कि प्रयागराज में हर साल माघ मेला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है। एक ओर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, तो दूसरी ओर लाखों युवाओं का भविष्य इन्हीं दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए परीक्षा एजेंसियां अपने फैसले ले रही हैं।

Himanshu Tiwari

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शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

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