यूपी में UPPSC निकालेगा BEO के 238 पदों पर भर्ती, BEd की योग्यता को लेकर क्या हैं नियम
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में बीईओ की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती के लिए बीएड अभ्यर्थियों को मान्य किया गया है। समकक्ष अन्य पाठ्यक्रम करने वाले अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सकेंगे।

UPPSC BEO Vacancy 2026: उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा शिक्षाधिकारियों (बीईओ) की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। शासन से अर्हता संबंधी अड़चन दूर होने के बाद बेसिक शिक्षा निदेशालय एक-दो दिन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को 238 रिक्त पदों का अधियाचन भेजेगा। अब जल्द ही इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। इस भर्ती के लिए बीएड अभ्यर्थियों को मान्य किया गया है। समकक्ष अन्य पाठ्यक्रम करने वाले अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सकेंगे। आरक्षण और नई रिक्तियों का सत्यापन करने के बाद ऑनलाइन अधियाचन भेजा गया है। वर्तमान में बीईओ के कुल स्वीकृत 1031 पदों में से 350 से अधिक पद खाली है।
26 मई को 164 खंड शिक्षाधिकारियों के बीएसए और समकक्ष पदों पर पदोन्नति के बाद रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि 238 पदों का अधियाचन ही भेजा गया है। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने पिछले साल बीईओ भर्ती का अधियाचन भेजा था लेकिन नियमावली संशोधित नहीं होने के कारण लोक सेवा आयोग ने अधियाचन वापस कर दिया था।
पिछली भर्ती में आए थे 5 लाख आवेदन
इससे पहले आयोग ने 2019 में बीईओ के 309 पदों पर भर्ती निकाली थी, जिसमें पांच लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
यूपी में टीईटी पास शिक्षकों को विशेष टीईटी देना जरूरी नहीं
परिषदीय स्कूलों के वह शिक्षक जो पहले अध्यापक पात्रता परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें विशेष टीईटी देना अनिवार्य नहीं है। विशेष टीईटी सिर्फ उन्हीं शिक्षकों के लिए आयोजित की जा रही है जो अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे शिक्षक जिन्होंने टीईटी या सीटीईटी पास नहीं की है, वह इस विशेष टीईटी में शामिल हों। महानिदेशक,स्कूल शिक्षा व निदेशक बेसिक शिक्षा को आदेश दिया है कि वह सभी जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) के माध्यम से ऐसे शिक्षकों का जिन्होंने अभी तक टीईटी या सीटीईटी पास नहीं की है, उनका पंजीकरण विशेष टीईटी में करें और परीक्षा में अवश्य भाग लें।
दूसरी ओर ऐसे शिक्षक जो पहले टीईटी या सीटीईटी पास कर चुके हैं, उनके लिए यह परीक्षा पुन: उत्तीर्ण करना आवश्यक या अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद परिषदीय स्कूलों के कुल 1.42 लाख शिक्षकों टीईटी पास करना अनिवार्य था। बीते दिनों करीब 86 हजार शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण कर चुके हैं। अब 56818 शिक्षक ऐसे बचे हैं, जो टीईटी पास नहीं हैं। ऐसे में इन शिक्षकों को विशेष टीईटी देकर उसे पास करना जरूरी है।


