यूपी में टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों की भर्ती में क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान नहीं, UPESSC को भेजे गए पद
यूपी की टीजीटी और पीजीटी की नई भर्ती में अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से UPESSC को भेजे गए टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों पर क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है।

संजोग मिश्र। प्रयागराज
उत्तर प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) की नई भर्ती में अभ्यर्थियों को क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे गए टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों पर क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है। यह पहला मौका है जब शिक्षा निदेशालय की तरफ से टीजीटी-पीजीटी भर्ती का अधियाचन भर्ती संस्था को भेजा गया है। इससे पहले जिला विद्यालय निरीक्षक सीधे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजते थे।
चयन बोर्ड 2022 तक की भर्ती में अपने स्तर से क्षैतिज आरक्षण देता रहा जिसे चयन आयोग ने देने से इनकार कर दिया है। नए अधियाचन को लेकर शिक्षा निदेशालय के अफसरों का तर्क है कि क्षैतिज आरक्षण तभी दिया जाता है जब रिक्त पदों की संख्या 25 से अधिक हो। टीजीटी-पीजीटी में भर्ती की इकाई एडेड कॉलेज होती है और किसी कॉलेज से 25 पदों का अधियाचन नहीं मिला है। ऐसे में पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, महिला या अंतर्राष्ट्रीय/राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए क्षैतिज आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता। मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद की अध्यक्षता में पिछले दिनों हुई बैठक के दौरान भी क्षैतिज आरक्षण का मुद्दा उठा था।
असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में मिलेगा लाभ
सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में भले ही क्षैतिज आरक्षण न मिल रहा हो लेकिन एडेड महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1936 पदों की भर्ती में यह लागू रहेगा। दरअसल प्रदेशभर के 330 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में से कई कॉलेज ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या 150 से अधिक हैं। वहां से अधियाचन भी 25 से अधिक पदों का मिला है। ऐसे में चयन की इकाई महाविद्यालय होने के बावजूद पदों की संख्या 25 से अधिक होने के कारण क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।
पास शिक्षक भी भर रहे विशेष टीईटी के फॉर्म
लखनऊ । यूपी में परिषदीय स्कूलों के टीईटी पास शिक्षक भी रिजल्ट में बदलाव की आशंका को देखते हुए विशेष टीईटी के फॉर्म भर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2028 तक शिक्षकों को टीईटी पास करने की मोहलत दी थी। दो साल ही बचे हैं और शिक्षक कोई जोखिम नहीं लेना चाहते।


