
UPESSC : बिहार के प्रमाणपत्र पर यूपी में बना दिया असिस्टेंट प्रोफेसर, चयन के 3 साल बाद भर्ती रद्द
UP Assistant Professor Recruitment : उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में बिहार के एक अभ्यर्थी ने स्वतंत्रता संग्राम आश्रित प्रमाणपत्र पर नौकरी ले ली। नियुक्ति 3 साल बाद निरस्त कर दी गई है।
UP Assistant Professor Recruitment : उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने बिहार के स्वतंत्रता संग्राम आश्रित प्रमाणपत्र पर उत्तर प्रदेश में एक अभ्यर्थी को असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति कर दी थी। मामला संज्ञान आने के बाद नवगठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 25 मार्च 2023 को ललितपुर के नेहरू महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले डॉ. रौशन कुमार सिंह की नियुक्ति तीन साल बाद तीन जुलाई 2025 को निरस्त कर दी। उसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज ने 25 अगस्त को पदस्थापन निरस्त कर दिया।

हटाए गए अभ्यर्थी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जो इस अक्तूबर को खारिज हो गई। अभ्यर्थी ने तर्क दिया था कि उसका स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का प्रमाणपत्र सत्यापित व प्रामाणिक है और केवल दूसरे राज्य का निवासी होने के कारण रद्द किया जाना गलत है। वहीं, आयोग का कहना था कि उत्तर प्रदेश सेवा में आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं स्वतंत्रता सेनानियों और उनके आश्रितों को मिलेगा, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। कोर्ट ने आयोग के तर्क को सही मानते हुए याचिका निरस्त कर दी।
यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में आए बंपर फॉर्म
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से राजकीय महाविद्यालयों में सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन संशोधन की प्रक्रिया 13 अक्तूबर को पूरी हो गई। आयोग को इस भर्ती में कुल 1,14,955 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि पदों की संख्या 1253 है। यानी एक पद के लिए औसतन करीब 92 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह भर्ती 28 विषयों में की जा रही है। इनमें सर्वाधिक 157 पद वाणिज्य विषय के हैं। इसके अलावा अंग्रेजी में 92, हिंदी और रसायन विज्ञान में 87-87, गणित, वनस्पति विज्ञान और जंतु विज्ञान में 79-79, राजनीति विज्ञान में 57 और संस्कृत में 56 पद शामिल हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आयोग जल्द परीक्षा तिथि और पाठ्यक्रम की घोषणा करेगा।



