UP TGT PGT Recruitment: यूपी TGT PGT भर्ती में बीएड अनिवार्य होने पर फूटा छात्रों का गुस्सा, पहुंचे CM दरबार
UP TGT PGT Recruitment: उत्तर प्रदेश के एडेड कॉलेजों में होने वाली 2,700 से अधिक प्रवक्ता (PGT) भर्ती में बीएड अनिवार्य होने से लाखों नॉन-बीएड छात्र रेस से बाहर हो गए हैं, जिससे प्रदेश में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

UP TGT PGT Recruitment: प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) और प्रवक्ता (पीजीटी) की नई भर्ती से पहले बीएड अर्हता को लेकर लाखों बेरोजगार आमने-सामने आ गए हैं। यूपी बोर्ड ने पिछले साल टीजीटी-पीजीटी की 100 साल से अधिक पुरानी नियमावली में बदलाव करते हुए राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लागू एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक) और प्रवक्ता भर्ती की संशोधित नियमावली को लागू कर दिया था। इसके लागू होने से एडेड कॉलेजों के लिए जल्द 2700 से अधिक पदों पर आने वाली प्रवक्ता भर्ती में भी बीएड की अर्हता अनिवार्य हो गई है।
इससे पहले 2022 तक की भर्ती में केवल परास्नातक के आधार पर अभ्यर्थी प्रवक्ता भर्ती में शामिल हो जाते थे। अभ्यर्थियों का दावा है कि बीएड अनिवार्य होने से पांच लाख से अधिक नॉन-बीएड दावेदार प्रवक्ता भर्ती की रेस से बाहर हो गए हैं। यही कारण है कि ये अभ्यर्थी हर मंच से नई नियमावली का विरोध कर रहे हैं। शनिवार को भी प्रतियोगी छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर में जनता दरबार में मुलाकात करके नॉन-बीएड डिग्रीधारकों को प्रवक्ता भर्ती में एक अवसर मानवता के आधार पर दिए जाने की गुहार लगाई है। छात्रों सूरज सोनी, अनु मिश्रा, भानु शुक्ला, सुनील पांडे आदि ने एक विषय प्राविधिक कला से पास अभ्यर्थियों को भी मौका देने की मांग की है।
नॉन-बीएड अभ्यर्थियों की सक्रियता देखते हुए बीएड पास बेरोजगार ‘समस्त बीएड योग्यताधारी बेरोजगार संघ’ नाम से संगठन बनाते हुए नई नियमावली के समर्थन में कूद पड़े हैं। दावा है कि प्रदेश में दस लाख से अधिक बीएड पास अभ्यर्थी हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) और एनसीटीई के स्पष्ट निर्देश हैं कि विद्यालयों में केवल पेशेवर रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाए। ये अभ्यर्थी नई नियमावली से केवल बीएड डिग्रीधारियों को पीजीटी (प्रवक्ता) भर्ती में शामिल करने के साथ ही टीजीटी के भी सभी विषयों में गैर-बीएड धारकों के अभ्यर्थन को पूरी तरह से प्रतिबंधित रखने पर अड़े हैं। सीएम को भेजे ज्ञापन में बीएड अभ्यर्थियों ने लिखा है कि नई भर्ती में नॉन-बीएड अभ्यर्थियों को पिछले दरवाजे से शामिल करने की कोशिश की गई तो बीएड पास छात्र समुदाय इसके खिलाफ आंदोलन करेगा।
टीजीटी-पीजीटी का परिणाम अगले सप्ताह
प्रयागराज, मुख्य संवाददाता। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के 3539 और प्रवक्ता (पीजीटी) के 624 पदों पर भर्ती के लिए चार साल पहले शुरू हुई भर्ती का अंतिम परिणाम अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रवक्ता भर्ती के लिए नौ और दस मई को आयोजित लिखित परीक्षा के तीन सप्ताह बाद दो जून को ही परिणाम घोषित कर दिया था। चार जून को जारी कार्यक्रम के अनुसार 2253 सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 15 से 27 जून तक पूरा हो गया।अब अगले सप्ताह 30 जून को होने वाली आयोग की बैठक में परिणाम जारी करने पर अंतिम निर्णय होगा। इसी बैठक में तीन और चार जून को आयोजित टीजीटी परीक्षा का परिणाम घोषित करने पर भी मुहर लग सकती है।
बीएड अर्हता पर आमने-सामने लाखों बेरोजगार
प्रतियोगी छात्रों ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर में जनता दरबार में नॉन-बीएड डिग्रीधारकों को प्रवक्ता भर्ती में अवसर देने की गुहार लगाई। प्रतियोगी छात्रों ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखपुर में जनता दरबार में नॉन-बीएड डिग्रीधारकों को प्रवक्ता भर्ती में अवसर देने की गुहार लगाई।
राजकीय शिक्षकों की भर्ती में बीएड अनिवार्य
सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की प्रवक्ता भर्ती में भले ही बीएड अनिवार्यता का विरोध हो रहा है लेकिन पिछले साल उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से जारी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता भर्ती में बीएड अनिवार्य किया जा चुका है। इसकी प्रारंभिक परीक्षा भी हो चुकी है और लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा की तैयारियों में जुटा है। कंप्यूटर विषय की एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक या प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती में बीएड को अनिवार्य अर्हता नहीं के विरोध में बीएड डिग्रीधारियों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं कर रखी हैं जो अभी लंबित है।
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