UP TGT Exam : कोर्ट हैरान, UPESSC अध्यक्ष टॉस से करते हैं प्रश्नपत्रों का चयन, 25 फीसदी प्रश्न गलत होना समझ से परे

लाइव हिन्दुस्तान, विधि संवाददाता, प्रयागराज
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यूपी टीजीटी भर्ती परीक्षा के मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के वकील के शाही ने कोर्ट को बताया कि प्रश्नपत्र अलग-अलग एजेंसियों से तैयार करवाए जाते हैं।

UP TGT Exam : कोर्ट हैरान, UPESSC अध्यक्ष टॉस से करते हैं प्रश्नपत्रों का चयन, 25 फीसदी प्रश्न गलत होना समझ से परे
टीजीटी परीक्षा

यूपी टीजीटी भर्ती परीक्षा के मामले में बुधवार को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के वकील के शाही ने कोर्ट को बताया कि प्रश्नपत्र अलग-अलग एजेंसियों से तैयार करवाए जाते हैं। दो एजेंसियां दो-दो सेट पेपर तैयार कर आयोग को सौंपती हैं, फिर चेयरमैन उनमें से किसी एक सेट का रैंडम चयन करते हैं। कोर्ट ने जानना चाहा कि एजेंसियों द्वारा तैयार प्रश्न सही हैं या गलत, इसकी जांच कैसे होती है। कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई कि आयोग अध्यक्ष टॉस से प्रश्न पत्र का चयन करते हैं जबकि प्रश्नों की विश्वसनीयता देखने का आयोग के पास कोई मैकेनिज्म नहीं है।

50 प्रतिशत सवाल गलत हो तो क्या परीक्षा रद्द करेंगे

कोर्ट ने कहा मौजूदा विवाद में 33 प्रश्नों के गलत या आउट ऑफ सेलेबस होने का आरोप है। कुल 125 प्रश्नों का लगभग 25 फीसदी, अगर 50 प्रतिशत सवाल गलत हो तो आयोग क्या करेगा, क्या परीक्षा रद्द की जाएगी। आयोग की ओर से कहा गया कि गलत सवालों के अंक समान रूप से अन्य प्रश्नों में वितरित कर दिए जाते हैं। एजेंसी पर गलत सवाल के लिए एक लाख रुपये प्रति सवाल जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। कोर्ट ने कहा आयोग के कार्यों में पारदर्शिता होनी चाहिए, क्योंकि छात्रों को प्रकिया की जानकारी नहीं है। ऐसे में गलत लोग उनका फायदा उठाते हैं।

कोर्ट ने यह भी पूछा कि आर्थिक दंड के अलावा एजेंसी पर क्या कोई और कार्रवाई जैसे ब्लैक लिस्ट करने की व्यवस्था है। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा ने कहा कि आयोग इस बात का खुलासा नहीं कर रहा है कि इन 33 प्रश्नों में से वो कौन से प्रश्न हैं, जो गलत हैं। आयोग का कहना था छात्रों की आपत्तियों पर विचार करने के बाद 25 प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर के पाए गए हैं जबकि आठ सवाल सही पाए गए हैं। राधाकांत ओझा का कहना था कि उन आठ प्रश्नों की भी जानकारी प्रतियोगियों को दी जाए ताकि उनमें से यदि कोई प्रश्न पाठ्यक्रम के बाहर से हो तो उस पर आपत्ति की जा सके। कोर्ट ने 17 अगस्त तक आयोग को वह आठ प्रश्न याचियों को बताने का निर्देश दिया है।

25 प्रतिशत प्रश्नों का गलत होना समझ से परे

कोर्ट ने प्रश्नपत्रों में इतनी बड़ी गलतियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आयोग सिर्फ एक नोडल एजेंसी है। इसके अतिरिक्त उसकी कोई और भूमिका नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के ऐसे भी निर्णय है जिनमें आयोग की आवश्यकता को ही गैरजरूरी बताया गया है। क्या हमें यहां यह प्रश्न उठाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि एक प्रश्नपत्र में तीन चार गलतियां हों यह तो समझा जा सकता है मगर 25 प्रतिशत तक सवाल गलत हों यह समझ से परे है। हालांकि अभी इस सुनवाई से संबंधित हाईकोर्ट का आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो सका है।

अगली सुनवाई एक को

हाईकोर्ट ने आयोग के सचिव से कहा है कि वह भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कदम उठाएं। कोर्ट का कहना था कि आयोग क्या प्रक्रिया अपनाएगा इसमें अदालत दखल नहीं देगी, मगर कदम उठाना जरूरी है। इस मामले में अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।

Pankaj Vijay

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पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


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