यूपी में स्पेशल टीईटी के आवेदन 5 सितंबर से, 56 हजार शिक्षकों को पास करनी होगी परीक्षा
यूपी के कार्यरत उन शिक्षकों के लिए राहत की खबर है, जिन्हें TET पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (Special TET) 2026 का विज्ञापन जारी कर दिया है।

प्रयागराज। मुख्य संवाददाता। उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के अनुसार कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) के आवेदन शिक्षक दिवस (पांच सितंबर) से शुरू होंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने गुरुवार को इस परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया। अभ्यर्थी 4 अक्टूबर तक शुल्क जमा कर सकेंगे, जबकि आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर तय की गई है। इसकी परीक्षा 3 नवंबर 2026 को होनी है। यह परीक्षा सामान्य टीईटी से अलग है। इसे विशेष रूप से कार्यरत शिक्षकों को मौका देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
आयोग के उपसचिव डॉ. संजय कुमार सिंह के अनुसार स्पेशल टीईटी में प्रतिभाग करने वाले अभ्यर्थियों की सुगमता के लिए एकल अवसरीय पंजीकरण (ओटीआर) व्यवस्था लागू की गई है। ओटीआर पूर्ण करने के बाद ही अभ्यर्थी स्पेशल टीईटी के लिए आवेदन करें। विस्तृत विज्ञापन निर्देश पुस्तिका सहित आयोग की वेबसाइट upessc.up.gov.in पर उपलब्ध करा दिया गया है। निर्धारित अर्हता पूरित करने वाले इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट पर अपलोड विस्तृत विज्ञापन का सावधानी पूर्वक अध्ययन करने के बाद ही आवेदन करें। ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन शनिवार से शुरू होंगे।
56,818 शिक्षकों को यह विशेष टीईटी पास करनी होगी
टीईटी की अनिवार्यता से करीब 1.42 लाख शिक्षक प्रभावित हुए थे। इनमें से लगभग 86 हजार कार्यरत शिक्षक हाल ही में हुई टीईटी में सफल हो गए हैं। अब करीब 56,818 शिक्षकों को यह विशेष टीईटी पास करनी होगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2026 को अपने फैसले में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य रखा था। साथ ही टीईटी पात्रता हासिल करने की समयसीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दी थी। कोर्ट ने राज्यों और संबंधित अधिकारियों से कहा था कि वे समय-समय पर और हो सके तो साल में दो बार टीईटी कराएं। इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से विशेष टीईटी कराने की तैयारी शुरू हुई थी।
प्रवक्ता भर्ती के लिए पीजी में 50 प्रतिशत अनिवार्य
प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती के लिए वहीं अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिनके परास्नातक में 50 प्रतिशत अंक होंगे। शिक्षा निदेशालय में प्रवक्ता भर्ती की नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। उम्मीद है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की गाइडलाइन के अनुसार संशोधन को जल्द मंजूरी मिल जाएगी। पिछले दिनों शिक्षा निदेशालय पहुंचे अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अफसरों से एनसीटीई के अनुसार शैक्षिक अर्हता निर्धारित करने के आदेश दिए थे ताकि बेवजह अड़चन न हो। एनसीटीई ने एक दशक पहले ही प्रवक्ता भर्ती के लिए परास्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू कर दी थी। हालांकि यूपी में अब तक यह नियम लागू नहीं हो सका था। टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा गया है।


