UP Special TET: यूपी में जल्द होगी विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा, 150 अंकों के पेपर में नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग
UP Special TET Exam 2026: यूपी के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के करीब 56 हजार शिक्षकों के लिए जल्द विशेष टीईटी होगी। 150 अंकों के इस पेपर में नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। कार्य योजना जारी कर दी गई है।

UP Special TET Exam 2026: उत्तर प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों तथा विशेष शिक्षकों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर आई है। राज्य सरकार जल्द ही 'विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा' यानी विशेष टीईटी का आयोजन करने जा रही है।
अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से इस विशेष टीईटी परीक्षा के आयोजन के लिए विस्तृत कार्य योजना आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है। इस परीक्षा में प्रदेश भर के लगभग 56 हजार शिक्षक शामिल होंगे, जिससे उनके शैक्षणिक कौशल और विशेषज्ञता को नया संबल मिलेगा।
परीक्षा का पैटर्न और समय अवधि
जारी कार्य योजना के अनुसार, विशेष टीईटी परीक्षा का स्वरूप अभ्यर्थियों के अनुकूल और सरल रखा गया है।
कुल प्रश्न और अंक: परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे।
अंक योजना: प्रत्येक प्रश्न का मान 1 अंक होगा, यानी पूरा प्रश्नपत्र 150 अंकों का होगा।
समय सीमा: अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए कुल ढाई घंटे (150 मिनट) का समय दिया जाएगा।
नेगेटिव मार्किंग नहीं: अभ्यर्थियों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है। यानी गलत उत्तर देने पर कोई अंक नहीं काटा जाएगा।
वर्गवार न्यूनतम अर्हता अंक
विशेष टीईटी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए विभाग द्वारा न्यूनतम उत्तीर्णांक निर्धारित कर दिए गए हैं:
सामान्य वर्ग (General Category): सामान्य वर्ग के शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए 150 में से कम से कम 90 अंक (60%) प्राप्त करने होंगे।
आरक्षित व विशेष श्रेणी: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग (PwD) अभ्यर्थियों के लिए 150 में से न्यूनतम 82 अंक (55%) लाना अनिवार्य किया गया है।
शिक्षकों और छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?
विशेष शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और दिव्यांग तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए यह परीक्षा एक मील का पत्थर साबित होगी।
कार्य योजना जारी होने के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग जल्द ही परीक्षा की तिथियों और आवेदन प्रक्रिया का पूरा शेड्यूल घोषित करेगा। करीब 56 हजार शिक्षकों के शामिल होने से प्रदेश के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विशेष शिक्षण व्यवस्था को एक नई मजबूती और दिशा मिलेगी।


