
हाड़ कंपाने वाली ठंड का कहर, नोएडा-प्रयागराज के स्कूल बंद; बाकी राज्यों का क्या हाल
उत्तर प्रदेश के नोएडा और प्रयागराज में ठंड और माघ मेले के चलते स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा की गई है। नोएडा में 17 जनवरी और प्रयागराज में 20 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे। बाकी राज्यों का क्या हाल है यहां पूरी जानकारी पढ़ें।
उत्तर भारत इस वक्त शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। उत्तर प्रदेश के नोएडा-ग्रेटर नोएडा से लेकर प्रयागराज तक, राजस्थान, बिहार और पंजाब तक स्कूलों के बंद होने, समय बदलने और ऑनलाइन कक्षाएं चलाने जैसे फैसले लिए जा रहे हैं। आइए जानते हैं बाकी राज्यों का क्या हाल है। उत्तर प्रदेश की फिजाओं में इस वक्त दो चीजें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक तो हड्डियों को कंपा देने वाली कड़ाके की सर्दी और दूसरी संगम की रेती पर सजने वाला आस्था का 'माघ मेला'। इन दोनों ही वजहों ने राज्य के शिक्षा विभाग और प्रशासन को बड़े फैसले लेने पर मजबूर कर दिया है। उत्तर प्रदेश के दो महत्वपूर्ण जिलों, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) और प्रयागराज में स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। जहां नोएडा में ठंड के कहर ने बच्चों को घरों में रहने पर मजबूर किया है, वहीं प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आपके शहर में स्कूल कब तक बंद रहेंगे और प्रशासन की क्या तैयारियां हैं।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सर्दी के सितम से बढ़ीं छुट्टियां
गौतम बुद्ध नगर जिले में ठंड का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि प्रशासन को पहले से घोषित छुट्टियों को आगे बढ़ाना पड़ा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कक्षा 1 से 8 तक के स्कूलों को अब 17 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन गिरते तापमान और ठिठुरन को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने नई समय सीमा जारी कर दी है।
यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि CBSE, ICSE, IB, यूपी बोर्ड और अन्य सभी बोर्डों से संबद्ध जिले के सभी स्कूल, चाहे वे निजी हों या सरकारी, 16 और 17 जनवरी को बंद रहेंगे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी स्कूल इस अवधि के दौरान खुला पाया गया, तो उसके खिलाफ मौजूदा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में आस्था का सैलाब से स्कूलों की बंदी
संगम नगरी प्रयागराज में कहानी थोड़ी अलग है। यहाँ स्कूलों के बंद होने की मुख्य वजह ठंड के साथ साथ 'माघ मेला' भी है। प्रयागराज के कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 20 जनवरी तक बंद रहेंगे,। जिला प्रशासन ने यह फैसला मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे बड़े स्नान पर्वों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार के अनुसार, सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों पर यह आदेश लागू होगा। चूंकि माघ मेले के दौरान शहर में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ी चुनौती होती है, इसलिए बच्चों की सुरक्षा और सुगमता के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।
राजस्थान में क्या हाल
राजस्थान में सर्दी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर जैसे इलाके लगातार सबसे ठंडे दर्ज किए जा रहे हैं। जयपुर में हालात को देखते हुए जिला कलेक्टर ने प्राथमिक कक्षाओं के लिए विंटर वेकेशन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में जारी शीतलहर के चलते सुबह की पाली में चलने वाले स्कूलों पर रोक जारी है और कई जिलों में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
बिहार और पंजाब में ठंड का कहर
उधर बिहार और पंजाब में भी मौसम का कहर जारी है। पटना समेत बिहार के कई जिलों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण आठवीं तक के स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब और हरियाणा में घने कोहरे की वजह से सुबह के स्कूलों का समय बदला गया है, ताकि बच्चों को शून्य विजिबिलिटी और कड़ाके की ठंड में सफर न करना पड़े। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चे को स्कूल भेजने से पहले स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या स्कूल प्रबंधन से जानकारी जरूर लें, क्योंकि मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन कभी भी अचानक छुट्टी का ऐलान कर सकता है।
ऑनलाइन क्लासेज का सहारा
भले ही स्कूलों के दरवाजे भौतिक रूप से बंद हों, लेकिन बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक नहीं लगेगा। प्रयागराज के स्कूलों में 16 जनवरी से 20 जनवरी के बीच ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी। प्रशासन और स्कूल प्रबंधन का कहना है कि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई रुकावट न आए, इसके लिए स्कूलों को शेड्यूल सीधे छात्रों और अभिभावकों के साथ साझा करने का निर्देश दिया गया है।
आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान (नोएडा)
नोएडा और आसपास के इलाकों में रहने वालों के लिए फिलहाल राहत के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- 16 जनवरी: न्यूनतम तापमान 5.0°C और अधिकतम 20.0°C के साथ घना कोहरा रहेगा।
- 17 जनवरी: न्यूनतम तापमान 6.0°C और अधिकतम 20.0°C के साथ अत्यधिक घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
- 18 से 21 जनवरी: न्यूनतम तापमान 7°C से 8°C के बीच रहेगा और सुबह के वक्त धुंध या कोहरा बना रहेगा।

लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
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हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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