दशमोत्तर छात्रवृत्ति पोर्टल फिर से खोलने की मांग, पढ़ें इस छात्रवृत्ति से कैसे मिलता है स्टूडेंट्स को लाभ
UP Scholarship 2026: दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत तकनीकी गलतियों के कारण कई विद्यार्थियों के आवेदन निरस्त या ब्लॉक कर दिए गए थे। समाज कल्याण विभाग ने शासन से छात्रवृत्ति पोर्टल खोलने की मांग की है।

UP Scholarship 2026: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और तकनीकी कोर्सेज की पढ़ाई कर रहे उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है, जिनके दशमोत्तर छात्रवृत्ति आवेदन किसी तकनीकी खराबी के कारण निरस्त या ब्लॉक हो गए थे। जिला समाज कल्याण विभाग ने ऐसे पीड़ित विद्यार्थियों को बड़ी राहत देने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया है। विभाग ने पात्र विद्यार्थियों के आवेदनों को दोबारा जांचने और उनमें सुधार करने का अवसर देने के लिए शासन से छात्रवृत्ति पोर्टल को फिर से खोलने की पुरजोर मांग की है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट (DM) के माध्यम से प्रमुख सचिव समाज कल्याण को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। जानकारी के मुताबिक, कई छात्र-छात्राओं ने आवेदन करते समय अपने माता-पिता का बिल्कुल सही आय प्रमाण पत्र और अन्य अनिवार्य डॉक्यूमेंट अपलोड किए थे, लेकिन छात्रवृत्ति पोर्टल पर तकनीकी खामी के कारण डाटा गलत प्रदर्शित होने लगा। इसी वजह से बड़ी संख्या में योग्य छात्रों के आवेदन बीच में ही अटक गए या निरस्त कर दिए गए। पोर्टल दोबारा खुलने से इन छात्रों का साल खराब होने से बच सकेगा।
दशमोत्तर योजना: गरीब और मध्यम वर्ग की उच्च शिक्षा का बड़ा सहारा
उत्तर प्रदेश सरकार की दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना राज्य के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा का एक बड़ा संबल बनकर उभरी है। यह कल्याणकारी योजना कक्षा 11वीं-12वीं (इंटरमीडिएट) से लेकर उच्च शिक्षा और सभी प्रकार के प्रोफेशनल कोर्सेज को कवर करती है। इसमें बीटेक, एमबीबीएस, एमबीए जैसे महंगे प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ अन्य कोर्सेज जैसे बीए, बीएससी, बीकॉम और रोजगारपरक कोर्सेज जैसे आईटीआई (ITI) व पॉलिटेक्निक को भी शामिल किया गया है। इस योजना की मदद से आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी बिना किसी वित्तीय बाधा के अपने सपनों को पूरा कर पा रहे हैं।
कोर्स ग्रुप के अनुसार समझें छात्रवृत्ति का पूरा गणित
इस योजना के तहत छात्रों को उनके द्वारा चुने गए कोर्स के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इस वित्तीय सहायता को दिवा छात्रों (डे स्कॉलर) और छात्रावासीय छात्रों (हॉस्टलर) के लिए अलग-अलग तय किया गया है:
कोर्स ग्रुप-1 (उच्च व्यावसायिक कोर्स): इस ग्रुप में बी.टेक, एम.बी.ए. और एम.बी.बी.एस. जैसे बड़े प्रोफेशनल कोर्स शामिल हैं। इसके तहत दिवा छात्रों (डे स्कॉलर) को ₹56,600 और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को ₹64,400 वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाती है।
कोर्स ग्रुप-2 (स्नातकोत्तर व डिप्लोमा): इस श्रेणी में एमएससी, एमए, बीबीए और पीजी डिप्लोमा जैसे कोर्सेज आते हैं। इसमें दिवा छात्रों को ₹36,360 और हॉस्टलर छात्रों को ₹39,840 सालाना मिलते हैं।
कोर्स ग्रुप-3 (पारंपरिक स्नातक कोर्स): इस ग्रुप में बीए, बीएससी और बीकॉम जैसे सामान्य स्नातक कोर्स शामिल हैं। इसके तहत डे स्कॉलर्स को ₹23,600 और हॉस्टलर छात्रों को ₹26,840 की वार्षिक सहायता मिलती है।
कोर्स ग्रुप-4 (इंटरमीडिएट, आईटीआई व पॉलिटेक्निक): इस श्रेणी में विभिन्न दरों पर सहायता का प्रावधान है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक करने वाले दिवा छात्रों को ₹12,760 और हॉस्टलर छात्रों को ₹14,560 वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
इसी ग्रुप के तहत विद्यालय स्तर पर कक्षा 11वीं के डे स्कॉलर्स को ₹3,225 और हॉस्टलर को ₹5,025 मिलते हैं, जबकि कक्षा 12वीं के डे स्कॉलर्स को ₹3,290 और हॉस्टलर छात्रों को ₹5,090 की वार्षिक वित्तीय सहायता दी जाती है।
लेखक के बारे में
Prachiशॉर्ट बायो: प्राची लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पिछले 2 वर्षों से वे करियर, शिक्षा और सरकारी नौकरियों से जुड़े विषयों पर लिख रही हैं। मुश्किल खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेषता है। वे 2024 से लाइव हिन्दुस्तान की करियर टीम का हिस्सा हैं।
अनुभव और करियर का सफर
प्राची ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 'नन्ही खबर' से की थी, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा। इसके बाद, उन्होंने 'सी.वाई. फ्यूचर लिमिटेड' और 'कुटुंब' जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बतौर कंटेंट राइटर काम करते हुए अपनी लेखनी और रिसर्च स्किल्स को निखारा। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने के बाद, वे करियर डेस्क पर सक्रिय हैं और छात्रों के लिए करियर विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, जॉब और प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों को कवर कर रही हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
प्राची ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से इंग्लिश जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उनकी शैक्षणिक नींव दिल्ली यूनिवर्सिटी से है, जहां से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इतिहास की अच्छी जानकारी होने के कारण, वे आज की खबरों को बेहतर तरीके से समझ और समझा पाती हैं। यही वजह है कि उनके लेखों में जानकारी पूरी तरह सटीक और अधिक भरोसेमंद होती है।
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रुचियां
इतिहास की समझ और पत्रकारिता के जुनून के साथ, प्राची को खाली समय में उपन्यास पढ़ना और विश्व सिनेमा देखना पसंद है, जो उनके लेखन में एक नया दृष्टिकोण जोड़ता है।
विशेषज्ञता
बोर्ड परीक्षा अपडेट्स और रिजल्ट एनालिसिस
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