भारी बारिश का कहर, UP के 5 जिलों में 7 सितंबर को स्कूल बंद; जानें अपने शहर का हाल
उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश और जलभराव को देखते हुए बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं और बिजनौर जिले में 7 सितंबर को कक्षा 8वीं और 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे।

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कुदरत का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बीते दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने पश्चिमी यूपी और रुहेलखंड के कई जिलों में आम जनजीवन की रफ्तार थाम दी है। शहर की गलियां हों या गांव की पगडंडियां, हर तरफ पानी का कब्जा दिखाई दे रहा है। सड़कों पर जलभराव और स्कूलों के परिसरों में भरे पानी को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मौसम विभाग की ओर से जारी भारी बारिश की चेतावनी के बीच बरेली, बिजनौर, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं के जिलाधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर 7 सितंबर (सोमवार) को स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया है।
आसमान में छाए काले बादलों और लगातार हो रही बारिश ने जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत दिलाई, लेकिन दूसरी तरफ स्कूली बच्चों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कई इलाकों में पानी घरों के मुहाने तक पहुंच चुका है। ऐसे में किसी भी संभावित हादसे या असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में 8वीं तक के स्कूल बंद
बरेली शहर में रविवार की दोपहर अचानक मौसम बदला और तीन घंटे तक मूसलाधार बारिश होती रही। देखते ही देखते शहर के निचले इलाकों में घुटने तक पानी भर गया। पिछले 24 घंटे में जिले में 15 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बिगड़ते हालात को भांपते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. विनीता ने एक आदेश जारी किया। इसके तहत कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी, परिषदीय और मान्यता प्राप्त स्कूलों में 7 सितंबर को शिक्षण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। यह आदेश यूपी बोर्ड के साथ-साथ सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के विद्यालयों पर भी लागू होगा। बरेली के कुछ प्रमुख निजी स्कूलों (जैसे जीआरएम की शाखाएं, माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल और पद्मावती सीनियर सेकेंडरी) ने अपनी ओर से संवेदनशीलता दिखाते हुए 12वीं तक की कक्षाओं में भी छुट्टी घोषित कर दी है।
उधर, पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और शाहजहांपुर के जिला प्रशासन ने भी बारिश से हुए जलभराव को देखते हुए कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यही स्थिति बदायूं की भी रही, जहां बच्चों को जलभराव और जर्जर रास्तों से बचाने के लिए 8वीं तक के स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है।
बिजनौर में 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूल बंद
मौसम विभाग (IMD) ने बिजनौर और आसपास के इलाकों में 7 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अनुमान जताया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जिले में नदियां और नाले उफान पर हैं। इसी खतरे को देखते हुए बिजनौर के जिलाधिकारी ने बड़ा कदम उठाते हुए प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 7 सितंबर को बंद रखने का आदेश दिया है।
बिजनौर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यह आदेश जिले के सभी सरकारी व निजी विद्यालयों पर समान रूप से लागू रहेगा। यदि कोई भी स्कूल इस आदेश की अनदेखी कर कक्षाएं चलाता मिला, तो उस संस्थान के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश में इस मॉनसूनी बारिश ने न सिर्फ जनजीवन रोक दिया है, बल्कि कई जगहों पर तबाही की तस्वीरें भी सामने आई हैं। कानपुर में मूसलाधार बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया, जिसके मलबे में दबकर पिता और उनकी तीन बेटियों की दर्दनाक मौत हो गई।
बिजनौर के रेहड़ क्षेत्र स्थित सादकपुर गांव में भी शनिवार रात एक कच्चा मकान गिर पड़ा, जिसमें दबकर गृहस्वामिनी तायरा खातून गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। इसके अलावा बिजनौर शहर में भी एक पुराना जर्जर भवन बरसात की भेंट चढ़ गया। मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में शारदा रोड पर एक जर्जर इमारत की दीवार और टीनशेड गिर जाने से सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, बुलंदशहर के अगौता थाने पर शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से कंप्यूटर, पंखे और दूसरे बिजली उपकरण फुंक गए, जिससे थाने में कामकाज भी प्रभावित हुआ।
कैसा रहेगा आगे मौसम का मिजाज?
लगातार हो रही बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है। बरेली में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार का कहना है कि 7 सितंबर से भी मौसम का यह मिज़ाज बना रहेगा और पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। प्रशासन ने सभी अभिभावकों को सलाह दी है कि बारिश के दौरान बच्चों को जलभराव वाले स्थानों या पुरानी जर्जर इमारतों के आसपास बिल्कुल न जाने दें।


