UP Police Constable Result 2026: जुलाई के आखिरी हफ्ते तक आ सकते हैं नतीजे, अगस्त से शुरू होंगे फिजिकल टेस्ट
UP Police Constable 2026 का रिजल्ट जुलाई के आखिरी हफ्ते में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने की उम्मीद है। 32679 पदों के कटऑफ और अगस्त में होने वाले फिजिकल टेस्ट की पूरी डिटेल पढ़ें।

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों नौजवानों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2026 के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों का सब्र अब खत्म होने वाला है। खबर है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) इसी महीने यानी जुलाई के आखिरी हफ्ते में कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के नतीजे घोषित कर सकता है। हालांकि, बोर्ड ने अभी तक रिजल्ट की पक्की तारीख का आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है। लेकिन, भर्ती के पूरे शेड्यूल और महकमे की अंदरूनी हलचलों को देखकर यही लग रहा है कि अगले राउंड के शुरू होने से ठीक पहले छात्रों के स्कोरकार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
खत्म हो रहा है लंबा इंतजार
बीते कुछ महीनों से उम्मीदवार अपनी सांसें थामे बैठे हैं। आपको याद दिला दें कि यूपी पुलिस ने 8, 9 और 10 जून 2026 को इस अहम परीक्षा का आयोजन किया था। यह इम्तिहान पूरी तरह से ऑफलाइन, यानी ओएमआर (OMR) शीट पर लिया गया था, जिसके लिए पूरे राज्य में कई परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद, 20 जून 2026 को प्रोविजनल आंसर की भी जारी कर दी गई थी। इससे उम्मीदवारों को अपने सही और गलत जवाबों का अंदाजा लगाने का अच्छा मौका मिल गया था। अब बस फाइनल रिजल्ट की बारी है, जो किसी भी वक्त बोर्ड की वेबसाइट पर चमक सकता है।
अगस्त में शुरू हो सकते हैं फिजिकल टेस्ट
अगर आपने लिखित परीक्षा में अच्छा स्कोर किया है, तो अब आराम करने का वक्त नहीं है। अगला पड़ाव शारीरिक परीक्षण का है। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड बहुत जल्द डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) और फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) शुरू करने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, यह प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 के आसपास शुरू हो सकती है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि अगस्त के मध्य में होने वाले फिजिकल टेस्ट से पहले ही आपके रिजल्ट आपके हाथों में होंगे। जो भी उम्मीदवार लिखित परीक्षा पास करेंगे, सिर्फ उन्हें ही अपने कागजात चेक कराने और शारीरिक नाप-जोख के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) यानी दौड़ होगी और आखिर में मेडिकल टेस्ट होगा। इसलिए, अब जरूरी है कि मैदान में पसीना बहाना तेज कर दें।
32 हजार से ज्यादा पदों का है सवाल
यह कोई छोटी-मोटी भर्ती नहीं है। इसके जरिए यूपी पुलिस में 32,679 खाली पदों को भरा जाना है। इसमें सिविल पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र सीमा बल (PAC) और जेल वार्डर जैसे अहम पद शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में पदों के होने से युवाओं में काफी जोश है और हर कोई वर्दी पहनने का सपना देख रहा है। यही वजह है कि मुकाबला भी कांटे का है।
कितना जा सकता है कटऑफ?
रिजल्ट के साथ ही आधिकारिक कटऑफ लिस्ट भी जारी की जाएगी। लेकिन, कई परीक्षा तैयारी प्लेटफार्म्स के अनुमानों के मुताबिक, 300 नंबर के इस पेपर में से एक्सपेक्टेड कटऑफ कुछ इस तरह रह सकता है -
- जनरल 185 - 195
- ईडब्ल्यूएस 180 - 190
- ओबीसी 178 - 188
- एससी 165 - 175
कैसे चेक कर पाएंगे अपना रिजल्ट?
जैसे ही नतीजे घोषित होंगे, आप उन्हें यूपीपीआरपीबी (UPPRPB) के आधिकारिक रिक्रूटमेंट पोर्टल पर जाकर चेक कर सकेंगे।
1. वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए एक्टिव रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
2. बोर्ड दो तरीकों से रिजल्ट जारी कर सकता है या तो पीडीएफ लिस्ट आएगी जिसमें आपको अपना रोल नंबर खोजना होगा, या फिर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड डालकर सीधे अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड करना होगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


