यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा में मोबाइल के साथ पकड़े गए अभ्यर्थी, कई पर FIR; 25% उम्मीदवार रहे गैरहाजिर
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने बताया कि यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले दिन करीब 25 प्रतिशत अभ्यर्थी गौरमौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश में पुलिस सिपाही भर्ती के पहले दिन 25 प्रतिशत अभ्यर्थी गैरमौजूद रहे। परीक्षा को लेकर सुरक्षा और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार यह परीक्षा प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की गई। इसके लिए 1183 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बोर्ड का कहना है कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई थी और हर गतिविधि पर लगातार निगरानी की जा रही थी।
9.62 लाख अभ्यर्थियों को बुलाया गया
लिखित परीक्षा के लिए कुल 9,62,832 अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया था। इनमें से 7,23,540 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह उपस्थिति लगभग 75.15 प्रतिशत दर्ज की गई। यानी लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं आए थे।
सोशल मीडिया पर फैलाई गईं भ्रामक जानकारियां
परीक्षा के दौरान और उससे पहले सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक और अन्य भ्रामक दावों से जुड़े संदेश प्रसारित किए गए। पुलिस भर्ती बोर्ड ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। बोर्ड ने बताया कि टेलीग्राम चैनल "UPP Exam Paper" और इंस्टाग्राम आईडी "up_police_leak" के खिलाफ लखनऊ में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आजमगढ़ में युवक हिरासत में
आजमगढ़ में सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री साझा करने के आरोप में एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
परीक्षा केंद्रों पर पकड़े गए अभ्यर्थी
कुछ परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामले भी सामने आए। हापुड़ जिले के एक परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी के पास मोबाइल फोन मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया। इसी तरह गोरखपुर में भी एक अभ्यर्थी परीक्षा कक्ष में मोबाइल का उपयोग करते हुए पाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल बरामद कर लिया और संबंधित अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों को दी सलाह
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक संदेशों से सावधान रहें। बोर्ड ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है और किसी भी प्रकार की गलत जानकारी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी, फर्जीवाड़े या अफवाह फैलाने जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
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- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


