UPPSC 2024 परीक्षा में पति-पत्नी का कमाल; समीक्षा अधिकारी पति बने CTO, लेखपाल पत्नी का भी PCS में चयन
up pcs success story monali singh and akarsh khare: यूपी पीसीएस 2024 में लेखपाल मोनाली सिंह असिस्टेंट कमिश्नर बनीं और उनके पति आरओ आकर्ष खरे का चयन वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर हुआ।

up pcs success story monali singh and akarsh khare: कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों और जीवनसाथी का साथ मिल जाए तो दुनिया की कोई भी मंजिल नामुमकिन नहीं रह जाती। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग UPPSC 2024 के नतीजों ने एक ऐसी ही सुनहरी दास्तां पेश की है जहां एक ही छत के नीचे रहने वाले पति-पत्नी ने एक साथ सफलता का परचम लहराया है। चकेरी के श्याम नगर की रहने वाली और नर्वल तहसील में तैनात लेखपाल मोनाली सिंह अब असिस्टेंट कमिश्नर कामर्शियल टैक्स यानी बन गई हैं, वहीं उनके पति आकर्ष खरे ने भी वाणिज्य कर अधिकारी यानी के पद पर बाजी मारी है।
शादी के बाद शुरू हुआ सपनों का सफर
मोनाली सिंह और आकर्ष खरे की शादी साल 2022 में हुई थी। मोनाली उस वक्त नर्वल तहसील में लेखपाल के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही थीं, जबकि आकर्ष लखनऊ हाईकोर्ट में समीक्षा अधिकारी (RO) के पद पर तैनात थे। शादी के बाद आमतौर पर लोग पारिवारिक जिम्मेदारियों में उलझ जाते हैं लेकिन मोनाली ने कुछ अलग करने की ठानी। उन्होंने पीसीएस अधिकारी बनने का सपना देखा और तैयारी शुरू कर दी। अपनी पत्नी के जुनून और मेहनत को देख आकर्ष भी प्रेरित हुए और उन्होंने नौकरी के साथ-साथ खाली समय में पीसीएस की पढ़ाई शुरू कर दी।
सेल्फ स्टडी और अटूट भरोसा
अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लोग नौकरी छोड़ देते हैं या बड़े कोचिंग संस्थानों का रुख करते हैं लेकिन इस दंपती ने सादगी और अनुशासन को अपनी ताकत बनाया। दोनों ने बिना किसी बड़ी कोचिंग के, ड्यूटी के बाद बचे हुए समय में सेल्फ स्टडी की। मोनाली बताती हैं कि नौकरी और शादी उनकी राह में कभी बाधा नहीं बने, बल्कि आपसी सहयोग ने इस सफर को और आसान बना दिया। आज उनकी मेहनत का नतीजा है कि पत्नी सीधे लेखपाल से असिस्टेंट कमिश्नर के गरिमामय पद तक जा पहुंची हैं।
परिवार में खुशी का माहौल
मोनाली के पिता ओम प्रकाश सिंह सीओडी से सेवानिवृत्त हैं, और मां सुमन सिंह अपनी बेटी और दामाद की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। मोनाली अपनी दो बहनों में छोटी हैं और उनकी बड़ी बहन भी बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक हैं। जैसे ही चयन की खबर मिली, श्याम नगर स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया और पूरे मोहल्ले में मिठाई बांटी गई। वहीं नर्वल तहसील, जहां मोनाली तैनात थीं, वहां के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी उन्हें फोन कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


