यूपी के पैरामेडिकल कॉलेजों में विदेशियों के लिए होंगी 15 फीसदी सीटें, जानिए कैसे होगा एडमिशन?

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

नये निर्देशों के तहत अब एसजीपीजीआई, केजीएमयू और यूपीयूएमएस सैफई सहित प्रदेश के सभी सरकारी और निजी हेल्थकेयर कॉलेजों में प्रत्येक कोर्स की स्वीकृत सीटों के अलावा 15 प्रतिशत सीटें केवल विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित होंगी।

UP paramedical and health care colleges 15% of seats in will be reserved for foreign nationals find out how admission

यूपी के पैरामेडिकल और हेल्थकेयर कॉलेजों में अब विदेशी छात्रों के लिए 15% अतिरिक्त सीटें आरक्षित की जाएंगी। ये सीटें डिप्लोमा, यूजी और पीजी कोर्स में सुपरन्यूमरेरी (अतिरिक्त) सीटों के रूप में होंगी, यानी इससे भारतीय छात्रों की मौजूदा सीटों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) ने सभी राज्यों को यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में यूपी स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल को भी आधिकारिक पत्र मिल चुका है।

कहां पढ़ सकेंगे विदेशी छात्र

यूपी स्टेट एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल को इस संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। नये निर्देशों के तहत अब एसजीपीजीआई, केजीएमयू और यूपीयूएमएस सैफई सहित प्रदेश के सभी सरकारी और निजी हेल्थकेयर कॉलेजों में प्रत्येक कोर्स की स्वीकृत सीटों के अलावा 15 प्रतिशत सीटें केवल विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित होंगी।

निर्णय का उद्देश्य

राष्ट्रीय संबद्ध एवं स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय आयोग (NCAHP) के अनुसार, इस फैसले का मकसद भारत को हेल्थकेयर शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाना है, ताकि अधिक से अधिक विदेशी छात्र भारतीय संस्थानों में पढ़ाई के लिए आएं। आयोग का मानना है कि भारतीय कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपेक्षाकृत कम फीस होने के कारण अंतरराष्ट्रीय छात्रों का रुझान बढ़ सकता है।

इन कोर्स में है भारी डिमांड

विशेषज्ञों के मुताबिक, रेडियोलॉजी, एक्स-रे टेक्नोलॉजी, एमआरआई टेक्नोलॉजी, सीटी स्कैन टेक्नोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी और अन्य एलाइड हेल्थ साइंस कोर्स की विदेशों में अच्छी मांग है। ऐसे में इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित छात्रों के लिए भारत के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।

क्या होंगे फायदे

इस पहल से उत्तर प्रदेश के पैरामेडिकल और हेल्थकेयर कॉलेजों को कई फायदे होंगे। विदेशी छात्रों के प्रवेश से संस्थानों की आय बढ़ेगी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान मजबूत होगी और राष्ट्रीय व वैश्विक रैंकिंग में भी सुधार होने की संभावना है। साथ ही, विदेशी छात्रों की मौजूदगी से कॉलेजों में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक माहौल विकसित होगा और वैश्विक स्तर पर सहयोग के नए अवसर भी खुलेंगे।

यह होंगे नये नियम

- ये सीटें केवल विदेशी पासपोर्ट धारक छात्रों के लिए हैं। यदि ये सीटें खाली रह जाती हैं तो इन्हें भारतीय छात्रों को नहीं दिया जाएगा।

- भारत सरकार के एमओयू और एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आने वाले छात्र इस 15 फीसदी के कोटे में शामिल नहीं होंगे।

-विदेशी छात्रों को यूजी और पीजी में प्रवेश से पहले यूजीसी से इक्विवेलेंस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा।

- प्रवेश मेरिट या संबंधित संस्थान द्वारा आयोजित टेस्ट के आधार पर होगा।

नेपाल के छात्रों को नहीं मिलेगा लाभ

एनसीएएचपी ने विदेशी छात्रों की जो परिभाषा निर्धारित की है, उसमें नेपाल के छात्रों को लाभ नहीं मिलेगा। इसमें साफ कहा गया है कि सीटें केवल विदेशी पासपोर्ट धारक छात्रों के लिए हैं। यदि ये सीटें खाली रह जाती हैं तो इन्हें भारतीय छात्रों को नहीं दिया जाएगा।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

और पढ़ें
Hindi News के साथ करियर सेक्शन में पढ़ें लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें। हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।