
UPESSC : यूपी शिक्षा आयोग का नया एक्शन प्लान,विजिलेंस की पैनी नजर में होगी यूपी की हर शिक्षक भर्ती
UPESSC : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने राज्य में होने वाली शिक्षक भर्तियों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपना 'विजिलेंस सिस्टम' स्थापित करने का निर्णय लिया है।
UPESSC : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने राज्य में होने वाली शिक्षक भर्तियों में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपना 'विजिलेंस सिस्टम' स्थापित करने का निर्णय लिया है। आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष और पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस नई व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की है, जिसका मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना और नकल माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
भर्ती प्रक्रिया में नई सुरक्षा दीवार
अब तक उत्तर प्रदेश में होने वाली परीक्षाओं की सुरक्षा मुख्य रूप से स्थानीय पुलिस और एसटीएफ (STF) के भरोसे रहती थी। लेकिन नए विजिलेंस सिस्टम के तहत, आयोग के पास अब अपनी खुद की एक समर्पित टीम होगी जो परीक्षा केंद्रों के चयन से लेकर प्रश्नपत्रों के वितरण और परीक्षा संपन्न होने तक हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगी। यह सिस्टम न केवल बाहरी खतरों से निपटेगा, बल्कि आयोग के भीतर की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखेगा ताकि किसी भी स्तर पर गोपनीयता भंग न हो सके।
पारदर्शिता का नया मॉडल
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, जिन्हें पुलिस महकमे में अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जाना जाता है, उन्होंने स्पष्ट किया है कि भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाएं इसी नए सुरक्षा घेरे में आयोजित की जाएंगी। इस प्रणाली के तहत परीक्षा केंद्रों का चयन करते समय उनके पिछले रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी के लिए हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल होगा।
परीक्षा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत आयोग मुख्यालय को भेजने के लिए एक 'क्विक रिस्पॉन्स मैकेनिज्म' तैयार किया जाएगा।
अभ्यर्थियों के लिए भरोसे का नया दौर
इस फैसले का सबसे बड़ा सकारात्मक प्रभाव प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ेगा। हाल के वर्षों में पेपर लीक और धांधली के आरोपों के कारण कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं रद्द हुई हैं, जिससे छात्रों का मनोबल टूटा है। आयोग का यह नया 'विजिलेंस एंगल' न केवल परीक्षाओं को समय पर संपन्न कराने में मदद करेगा, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के मन में यह विश्वास भी जगाएगा कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और चयन पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होगा।





