यूपी बोर्ड का सख्त कदम, कॉपियों में नोट चिपकाने वाले 400 से ज्यादा परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोका
यूपी बोर्ड ने कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों में नोट रखने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया है। ऑनलाइन स्कैनिंग में मिली 20 हजार से ज्यादा की राशि राजकोष में जमा करा दी गई है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और नकल पर शिकंजा कसने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा के दौरान अपनी उत्तरपुस्तिकाओं में करेंसी नोट रखने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का परिणाम रोक दिया गया है। यह पहला मौका है जब कॉपियों में पैसे रखकर परीक्षकों को प्रभावित करने की कोशिश करने पर इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का रिजल्ट एक साथ रोका गया है।
बोर्ड का सख्त रुख: अनुचित साधन में शामिल माना गया
यूपी बोर्ड ने इसी साल से परीक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए उत्तरपुस्तिकाओं में नोट रखने या चिपकाने को अनुचित साधन प्रयोग की श्रेणी में माना था। बोर्ड ने इस सख्त कदम के जरिए आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए भी सभी छात्र-छात्राओं को एक कड़ा संदेश दिया है कि मेहनत और ज्ञान ही सफलता का एकमात्र रास्ता है, शॉर्टकट या पैसे का लालच नहीं।
संबंधित डीआईओएस (DIOS) के जरिए सुनवाई
परिणाम रोके जाने के बाद, बोर्ड की ओर से संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) के माध्यम से इन सभी 400 से अधिक छात्रों को औपचारिक नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस के जरिए इन परीक्षार्थियों को अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का मौका दिया जा रहा है। तमाम पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद, इन परीक्षार्थियों के अंतिम परिणाम को लेकर बोर्ड की परीक्षा समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ऑनलाइन डिजिटल चेकिंग से खुली पोल
दरअसल, 28 जुलाई को आयोजित की गई कम्पार्टमेंट/इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन यूपी बोर्ड ने पहली बार ऑनलाइन माध्यम से कराया था।
प्रयागराज में हुई स्कैनिंग: प्रदेश भर से आई उत्तरपुस्तिकाओं को प्रयागराज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में इकट्ठा किया गया, जहां पहले कंप्यूटर के जरिए कॉपियों की स्कैनिंग की गई।
शिक्षकों ने लैपटॉप पर दिए नंबर: स्कैनिंग के बाद परीक्षकों ने सीधे कंप्यूटर और लैपटॉप पर ही उत्तरपुस्तिकाओं की जांच की और अंक चढ़ाए।
प्राइवेट फर्म ने पकड़े नोट: कंप्यूटर पर स्कैनिंग के दौरान ही प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों की नजर उन कॉपियों पर पड़ी जिनमें पैसे रखे गए थे। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी यूपी बोर्ड के अधिकारियों को दी।
कॉपियों से मिले 20 हजार रुपये, राजकोष में जमा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कम्पार्टमेंट परीक्षा की कॉपियों की जांच और स्कैनिंग के दौरान 20 हजार रुपये से अधिक की नकद राशि बरामद हुई है। यूपी बोर्ड ने नियमों के मुताबिक इस पूरी राशि को सरकारी राजकोष में जमा करवा दिया है।


