यूपी बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, यूपी के 465 स्कूलों की मान्यता रद्द; एडमिशन पर भी लगी रोक

Prachi लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी बोर्ड से जुड़े 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है। लगातार दो साल नामांकन शून्य रहने पर स्कूलों पर यह कार्रवाई की गई है। गाजीपुर जिले के सर्वाधिक 47 स्कूलों की मान्यता छीनी गई है। 

यूपी बोर्ड की बड़ी कार्रवाई, यूपी के 465 स्कूलों की मान्यता रद्द; एडमिशन पर भी लगी रोक

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने राज्य भर के 465 गैर-सरकारी स्कूलों की मान्यता को पूरी तरह और हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। यह कार्रवाई उन स्कूलों के खिलाफ हुई है जो केवल कागजों पर या नाममात्र के लिए चल रहे थे, लेकिन धरातल पर वहां न तो नियमित कक्षाएं लग रही थीं और न ही कोई छात्र पढ़ाई कर रहा था। बोर्ड के इस कड़े कदम के बाद पूरे उत्तर प्रदेश के शिक्षा जगत और स्कूल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया है।

क्या है मान्यता रद्द होने का असली कारण?

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह सख्त फैसला 'इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921' के नियमों और विनियमों के तहत लिया गया है। इस अधिनियम के नियम 11(d) में यह साफ प्रावधान है कि यदि हाईस्कूल या इंटरमीडिएट स्तर के किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय में लगातार दो वर्षों तक एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होता है, या वहां कक्षाएं संचालित नहीं की जाती हैं, तो उस स्कूल की मान्यता 'स्वतः समाप्त' समझी जाएगी।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि इन 465 स्कूलों में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों—सत्र 2024-25 और सत्र 2025-26 के दौरान नामांकन पूरी तरह शून्य रहा। इन दो सालों में इन स्कूलों का एक भी छात्र यूपी बोर्ड की 10वीं या 12वीं की मुख्य परीक्षा में शामिल होने नहीं पहुंचा। इसके बाद बोर्ड ने यह निष्कर्ष निकाला कि ये स्कूल पूरी तरह से बंद हैं और इन्हें मान्यता जारी रखने का कोई हक नहीं है।

गाजीपुर और प्रयागराज जिले सबसे ज्यादा प्रभावित

यूपी बोर्ड द्वारा जारी की गई ब्लैकलिस्टेड सूची के अनुसार, इस कार्रवाई का सबसे बड़ा असर गाजीपुर जिले में देखा गया है, जहां के सर्वाधिक 47 स्कूलों की मान्यता छीनी गई है। दूसरे नंबर पर खुद शिक्षा का बड़ा केंद्र माना जाने वाला प्रयागराज जिला है, जहां के 25 स्कूलों की मान्यता समाप्त की गई है। इसके अलावा जिन प्रमुख जिलों के स्कूल इस सूची में शामिल हैं, वे इस प्रकार हैं: कानपुर नगर के 18, एटा के 17 और आजमगढ़ के 16 स्कूल।अलीगढ़, मऊ और राजधानी लखनऊ के 15-15 स्कूल। हरदोई के 14, फतेहपुर के 13 और ताजनगरी आगरा के 12 स्कूल। कौशाम्बी, संत कबीर नगर, मथुरा और मुरादाबाद के 11-11 विद्यालय। प्रतापगढ़, बलिया, जौनपुर, फिरोजाबाद और मैनपुरी के 10-10 स्कूल शामिल हैं।

प्रयागराज के प्रभावित स्कूलों में एएम गर्ल्स इंटर कॉलेज (निहालपुर करेली), सेंट जोसेफ्स गर्ल्स कॉलेज, एमजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (लालगोपालगंज), जुबैदा खातून गर्ल्स हाई स्कूल और चिन्मय हाईस्कूल (रसूलाबाद) जैसे नाम मुख्य रूप से शामिल हैं। कुल रद्द की गई मान्यताओं में 306 हाईस्कूल, जिसमें 53 गर्ल्स स्कूल और 253 को-एड स्कूल हैं और 159 इंटरमीडिएट कॉलेज शामिल हैं।

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