यूपी बोर्ड रिजल्ट को लेकर क्या अपडेट? कब तक हो सकेंगे जारी; कैसे करें चेक
यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं के नतीजों कब जारी होंगे, इसका इंतजार लाखों छात्र कर रहे हैं। इस साल करीब 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपनी किस्मत और मेहनत को उत्तर पुस्तिकाओं में दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं खत्म होने के बाद अब वो वक्त आ गया है जिसका हर बच्चे को बेसब्री से इंतजार रहता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं यूपी बोर्ड 2026 के नतीजों की। इस साल करीब 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपनी किस्मत और मेहनत को उत्तर पुस्तिकाओं में दर्ज किया है और अब वे टकटकी लगाए अपने परीक्षा परिणामों की राह देख रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते या फिर मई के शुरुआती दिनों में बोर्ड इन नतीजों का ऐलान कर देगा। हालांकि, अभी तक यूपी बोर्ड की तरफ से रिजल्ट जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख पक्की नहीं की गई है।
हजारों छात्रों के भविष्य पर मंडराता खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यूपी बोर्ड ने इस बार परीक्षा से लेकर कॉपियों के मूल्यांकन तक काफी सख्ती बरती है लेकिन लगता है कि कुछ स्कूलों ने बोर्ड के कड़े निर्देशों को बिल्कुल हल्के में ले लिया। मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के लगभग 652 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने 12वीं क्लास के बच्चों के प्रैक्टिकल नंबर अभी तक बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड ही नहीं किए हैं। स्कूल प्रशासन की इस सुस्ती और लापरवाही की वजह से करीब 34,637 छात्रों का रिजल्ट फिलहाल अटकने की कगार पर पहुंच गया है।
बोर्ड ने इस घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी स्कूलों को आखिरी चेतावनी दे डाली है। यूपी बोर्ड ने एकदम साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर तय वक्त के अंदर ये अंक पोर्टल पर नहीं चढ़ाए गए, तो उन तमाम बच्चों को सीधे तौर पर असफल (फेल) मान लिया जाएगा। जाहिर सी बात है कि स्कूल की गलती की इतनी बड़ी सजा बेकसूर छात्रों को भुगतनी पड़ सकती है।
6 और 7 अप्रैल है आखिरी मोहलत
छात्रों के भविष्य और उनकी सालभर की गाढ़ी मेहनत को देखते हुए यूपी बोर्ड ने थोड़ा नरम रुख अपनाते हुए एक आखिरी मौका दिया है। बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के पोर्टल को 6 और 7 अप्रैल 2026 के लिए फिर से सक्रिय करने का बड़ा फैसला लिया है। इन दो दिनों के भीतर इंटरनल एग्जामिनर और स्कूल प्रशासन को हर हाल में बचे हुए प्रैक्टिकल अंक अपलोड करने होंगे। सभी स्कूलों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे बिना कोई और देरी किए यह काम निपटा लें, ताकि 52 लाख छात्रों का रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया में कोई भी अड़चन न आए।
रिजल्ट आते ही इन बातों पर जरूर डालें नजर
जैसे ही नतीजे घोषित होंगे तो अपनी डिजिटल मार्कशीट की बारीकी से जांच करना जरूरी है। रिजल्ट स्क्रीन पर आते ही सिर्फ पास या फेल देखना काफी नहीं है। आपको अपनी मार्कशीट में दी गई इन अहम जानकारियों को दो से तीन बार जरूर चेक करना चाहिए -
विद्यार्थी का पूरा नाम और माता-पिता के नाम की स्पेलिंग।
आपका रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर सही है या नहीं।
हर विषय में मिले नंबर और कुल प्राप्तांक (टोटल मार्क्स) का जोड़।
रिजल्ट का स्टेटस (पास/फेल) और आपको मिला हुआ ग्रेड।
अगर आपको अपनी डिजिटल मार्कशीट में स्पेलिंग की कोई भी छोटी सी गलती या अंकों में कोई गड़बड़ी नजर आती है, तो बिना अपना वक्त बर्बाद किए अपने स्कूल प्रशासन या फिर यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से तुरंत संपर्क करें। बाद में यही छोटी सी गलती आगे के कॉलेज एडमिशन में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है।
वेबसाइट का सर्वर स्लो होने पर क्या करें?
यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने का दिन कोई आम दिन नहीं होता। एक साथ 50 लाख से ज्यादा बच्चे और उनके परिवार वाले जब एक ही समय पर वेबसाइट पर टूट पड़ते हैं, तो सर्वर का क्रैश होना या वेबसाइट का बहुत ज्यादा स्लो हो जाना एक आम बात है। ऐसी स्थिति में आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। ऐसे वक्त में आप वैकल्पिक माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। छात्रों की सहूलियत के लिए लाइव हिन्दुस्तान हर साल की तरह इस बार भी नतीजों को अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा रहा है, जहां से आप बिना किसी तकनीकी रुकावट के अपना डिजिटल स्कोरकार्ड देख सकते हैं।
कैसे और कहां देखें अपना रिजल्ट?
अपने नतीजे चेक करने का तरीका बेहद आसान है। बस अपना रोल नंबर पास रखें और इन आसान से स्टेप्स को अपनाएं -
- सबसे पहले अपने मोबाइल या लैपटॉप पर लाइव हिन्दुस्तान की आधिकारिक वेबसाइट livehindustan.com को खोलें।
- होमपेज पर या करियर सेक्शन में जाते ही आपको ‘यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026’ का विकल्प नजर आएगा, उस पर क्लिक कर दें।
- इसके बाद अपनी क्लास के हिसाब से ‘UP Board 10th Result 2026’ या ‘UP Board 12th Result 2026’ वाले लिंक को चुनें।
- अब जो नया बॉक्स खुलेगा, वहां अपना सही रोल नंबर और स्कूल का कोड भरें।
- ये जानकारी भरने के बाद सबमिट का बटन दबाएं। बस कुछ ही सेकंड में आपकी सालभर की मेहनत का नतीजा आपकी स्क्रीन पर होगा।
- भविष्य में काम आने के लिए इस मार्कशीट को तुरंत डाउनलोड कर लें और मुमकिन हो तो इसका एक प्रिंट आउट भी निकालकर अपने पास महफूज रख लें।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
विशेषज्ञताएं
- शिक्षा, करियर और नौकरियों से जुड़ी खबरों पर विशेष रुचि और निरंतर लेखन
- नीट, जेईई और राज्यवार बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों, बदलावों और परिणामों पर गहन फोकस
- UPSC, UPPSC, MPPSC, BPSC, RPSC और JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी, पैटर्न और नीतिगत पहलुओं पर पैनी नजर
- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


