UP board: 10वीं , 12वीं 2026 के परीक्षार्थियों के विवरण में संशोधन का आखिरी मौका
यूपी बोर्ड ने 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के विवरण में संशोधन के लिए आखिरी मौका दिया है। पहले भी प्रधानाचार्यों की ओर से अपलोड छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विवरणों की त्रुटियों में संशोधन के लिए कई बार बोर्ड की वेबसाइट खोली जा चुकी है।

यूपी बोर्ड ने 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के विवरण में संशोधन के लिए आखिरी मौका दिया है। पहले भी प्रधानाचार्यों की ओर से अपलोड छात्र-छात्राओं के शैक्षिक विवरणों की त्रुटियों में संशोधन के लिए कई बार बोर्ड की वेबसाइट खोली जा चुकी है।
इसके अलावा परीक्षार्थियों के नाम, माता/पिता के नाम, जन्मतिथि को संशोधित कराने के लिए प्रधानाचार्यों के माध्यम से प्राप्त ऑफलाइन आवेदन पत्रों को क्षेत्रीय कार्यालय की संस्तुति के आधार पर संशोधन का अवसर दिया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ जिलों, प्रधानाचार्यों, परीक्षार्थियों से सूचना मिल रही हैं कि उनके कुछ विवरण संशोधित नहीं हुए हैं। इस पर सचिव भगवती सिंह ने नाराजगी जताते हुए जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि आवश्यक प्रपत्रों के साथ 25 जनवरी तक प्रधानाचार्यों से संशोधन के लिए आवेदन पत्र प्राप्त कर लें। सभी प्रकरणों के परीक्षण के बाद अवशेष त्रुटियों, रिस्टोर व डिलीट का विद्यालयवार विवरण साक्ष्यों/अभिलेखों एवं अपनी संस्तुति के साथ 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। 31 जनवरी के बाद रिस्टोर, डिलीट या संशोधन के लिए कोई अनुरोध स्वीकार नहीं होगा।
परीक्षार्थियों के ब्योरा में संशोधन का मौका
नाम बदल स्कूलों में लिया प्रैक्टिकल, डिबार
प्रयागराज मुख्य संवाददाता। यूपी बोर्ड ने 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा से 896 शिक्षकों को डिबार कर दिया है। इन परीक्षकों ने 2025 और उससे पहले की बोर्ड परीक्षाओं में तरह-तरह की गड़बड़ियां की है। इन गलतियों के लिए बोर्ड ने तीन साल से लेकर आजीवन डिबार करने तक की कार्रवाई की है। प्रतापगढ़ के एक परीक्षक ने तो अपने नाम में ही आंशिक परिवर्तन करके दो अलग-अलग विषयों में ड्यूटी लगवा ली थी। इ बोर्ड ने परीक्षक को आजीवन डिबार कर दिया है। मोबाइल से नकल करने के बाद भी सूचना नहीं देने पर मुरादाबाद के परीक्षक को तीन साल के लिए डिबार किया। उत्तरपुस्तिका में 60 अंक पाने वाले परीक्षार्थी को एवार्ड ब्लैंक पर मात्र छह अंक और 77 की जगह 34 देने पर बहराइच व सहारनपुर के परीक्षक क्रमश: पांच और तीन साल के लिए डिबार हुए हैं। गणित विषय में 44 अंक पाने वाले छात्र को 75 देने पर परीक्षक तीन साल के लिए डिबार हुए हैं।
रिस्टोर या डिलीट के लिए बताना होगा कारण
किसी विद्यार्थी का विवरण रिस्टोर या डिलीट करने के लिए प्रधानाचार्य को आवश्यक अभिलेख देने के साथ ही कारण भी बताना होगा। वहीं, विद्यार्थी के नाम अथवा माता/पिता के नाम में वर्तनी त्रुटि, जन्मतिथि, जेंडर/जाति या विषय/वर्ग में संशोधन के लिए छात्र या अभिभावक का सहमति पत्र भी देना होगा।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
परिचय और अनुभव
अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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