
UP board: यूपी बोर्ड में कॉमर्स के स्टूडेंट्स कम, प्रोजेक्ट वाणिज्य से बढ़ाएंगे संख्या, ICAI ने की पहल
यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में कॉमर्स की पढ़ाई को प्रोजेक्ट वाणिज्य से बढ़ावा देंगे। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने वैश्विक स्तर पर सक्षम चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तैयार करने
यूपी बोर्ड के 29 हजार से अधिक स्कूलों में कॉमर्स की पढ़ाई को प्रोजेक्ट वाणिज्य से बढ़ावा देंगे। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने वैश्विक स्तर पर सक्षम चार्टर्ड अकाउंटेंट्स तैयार करने और कॉमर्स की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट वाणिज्य नाम से पहल की है। इसके तहत शुक्रवार को दिल्ली में देशभर के बोर्ड प्रतिनिधियों संग बैठक आयोजित की गई जिसमें वाणिज्य शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति के प्रमुख विषयों तथा आपसी सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।
इस बैठक में यूपी बोर्ड की ओर से अपर सचिव शोध डॉ. स्कंद शुक्ल ने प्रतिभाग किया। उन्होंने बताया कि बैठक में चर्चा की गई कि किस प्रकार एआई तकनीकों को शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन प्रक्रियाओं में प्रभावी ढंग से एकीकृत कर शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाया जा सकता है।
वाणिज्य शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों का समावेशन, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नए युग की वाणिज्यिक भूमिकाओं के लिए स्कूल स्तर पर शिक्षा, शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग और स्कूल शिक्षा में एआई का प्रभावी लाभ उठाने पर चर्चा हुई। आईसीएआई की यह पहल देश में वाणिज्य शिक्षा को नई दिशा देने और विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस साल केवल 59 हजार छात्रों ने लिया है कॉमर्स
प्रयागराज। यूपी बोर्ड के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई को लेकर छात्र-छात्राओं में कोई रुचि नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए पंजीकृत 24,79,352 छात्र-छात्राओं में से 1216270 ने जीव विज्ञान, 398567 ने गणित, 465556 ने समाजशास्त्र, 390239 ने नागरिक शास्त्र विषय लिया है तो वहीं केवल 59195 ने लेखाशास्त्र (एकाउंटेंसी) लिया है। 2025 की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत 2705009 परीक्षार्थियों में से केवल 60201 ने लेखाशास्त्र लिया था। उससे पहले 2024 में पंजीकृत इंटर के 2578007 परीक्षार्थियों में से 53057 ने लेखाशास्त्र लिया था।





