यूपी में इन छात्रों की मौज, 12वीं पास करते ही मिल सकती है स्कूटी, टैबलेट और 25 हजार रुपये भी

Feb 26, 2026 07:46 pm ISTHimanshu Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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यूपी बोर्ड से 12वीं पास करने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप, फीस माफी, मुफ्त टैबलेट और छात्राओं को स्कूटी व 25 हजार रुपये तक का लाभ मिल सकता है। जानें सभी योजनाओं की जानकारी।

यूपी में इन छात्रों की मौज, 12वीं पास करते ही मिल सकती है स्कूटी, टैबलेट और 25 हजार रुपये भी

यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं इन दिनों जारी हैं। 12वीं पास करने के बाद अगर आगे की पढ़ाई का खर्च, कॉलेज की फीस या आने जाने की परेशानी आपको रोक रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्रों खासकर बेटियों के लिए ऐसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनका मकसद पढ़ाई को आसान बनाना और आर्थिक बोझ कम करना है। अच्छे नंबर लाने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, डिजिटल उपकरण, फीस माफी और कुछ मामलों में मुफ्त स्कूटी तक देने की तैयारी की गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य यही है कि कोई भी छात्र सिर्फ पैसों की कमी या साधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।

कॉलेज की फीस सरकार दे सकती है

उत्तर प्रदेश सरकार की शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 12वीं पास करने वाले ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। अगर छात्र बीए, बीकॉम, बीएससी या बीटीसी जैसे कोर्स में दाखिला लेते हैं, तो उन्हें करीब 20,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। वहीं एलएलबी, फार्मेसी जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने पर यह राशि 30,000 रुपये या उससे ज्यादा तक पहुंच सकती है। कुल मिलाकर 10,000 से 50,000 रुपये तक की स्कॉलरशिप का लाभ दिया जाता है, जिससे कॉलेज की पढ़ाई का खर्च काफी हद तक संभल जाता है।

कन्या सुमंगला योजना से बेटियों को मिलते हैं 25,000 रुपये

राज्य में चल रही कन्या सुमंगला योजना बेटियों की पढ़ाई और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इस योजना में जन्म से लेकर 12वीं पास करने तक अलग अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है। 12वीं पास करने के बाद पात्र छात्राओं को कुल मिलाकर 25,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि इस योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा जिन्होंने पहले से योजना में पंजीकरण कराया है और निर्धारित शर्तें पूरी करती हैं। 12वीं का रिजल्ट इस योजना की अंतिम किस्त के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि पास होने के बाद ही आगे की रकम जारी होती है।

अच्छे नंबर आए तो मिल सकती है मुफ्त स्कूटी

छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मेधावी बेटियों को मुफ्त स्कूटी देने की घोषणा की है। इसका मकसद उन छात्राओं की मदद करना है जिनके घर से कॉलेज दूर होता है और आने जाने की समस्या के कारण पढ़ाई छूट जाती है। माना जा रहा है कि अच्छे अंकों से पास होने वाली छात्राएं इस योजना के लिए पात्र होंगी। हालांकि इसके विस्तृत नियमों को लेकर आधिकारिक दिशा निर्देश जारी होना अभी बाकी है।

कॉलेज में एडमिशन लेने पर मिलेगा मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन

राज्य में चल रही DigiShakti योजना के तहत 12वीं के बाद तकनीकी, मेडिकल, नर्सिंग, पैरामेडिकल और कौशल विकास से जुड़े कोर्सों में दाखिला लेने वाले छात्रों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को डिजिटल पढ़ाई से जोड़ना है ताकि वे ऑनलाइन क्लास, स्टडी मटेरियल और नई तकनीक का इस्तेमाल आसानी से कर सकें। हर साल लाखों विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।

10वीं और 12वीं दोनों छात्रों के लिए अलग अलग छात्रवृत्तियां

जहां 12वीं पास करने के बाद पोस्ट मैट्रिक योजनाओं का लाभ मिलता है, वहीं 10वीं के छात्रों के लिए प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप योजनाएं भी चलाई जाती हैं। इन योजनाओं का मकसद शुरुआती स्तर से ही छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

Himanshu Tiwari

लेखक के बारे में

Himanshu Tiwari

शॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।

परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।

लेखन की सोच और मकसद
हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।

शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।

रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।

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