UGC NET June 2026 : यूजीसी नेट जून परीक्षा की सिटी स्लिप 10 जून तक, एडमिट कार्ड पर क्या अपडेट
UGC NET June 2026 परीक्षा के लिए NTA ने सिटी इंटिमेशन स्लिप और एडमिट कार्ड जारी करने की तारीखों का ऐलान कर दिया है। जानिए कब आएगा एडमिट कार्ड, परीक्षा कब होगी और जरूरी निर्देश।

देशभर के लाखों अभ्यर्थी यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में परीक्षा से पहले सबसे बड़ा सवाल यही था कि सिटी इंटिमेशन स्लिप और एडमिट कार्ड कब जारी होंगे। अब राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने इस पर तस्वीर साफ कर दी है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक उम्मीदवारों को परीक्षा शहर की जानकारी देने वाली एडवांस सिटी इंटिमेशन स्लिप 10 जून 2026 तक जारी कर दी जाएगी, जबकि एडमिट कार्ड 15 जून 2026 तक उपलब्ध करा दिया जाएगा।
10 जून तक मिलेगी परीक्षा शहर की जानकारी
एनटीए द्वारा जारी की जाने वाली सिटी इंटिमेशन स्लिप में उम्मीदवारों को यह बताया जाएगा कि उनका परीक्षा केंद्र किस शहर में निर्धारित किया गया है। हालांकि इसमें परीक्षा केंद्र का पूरा पता नहीं होगा, लेकिन परीक्षा शहर की जानकारी मिलने से अभ्यर्थी समय रहते अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे। उम्मीदवार आधिकारिक यूजीसी नेट पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन संख्या और पासवर्ड अथवा जन्मतिथि दर्ज करके यह स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।
15 जून तक जारी होगा एडमिट कार्ड
सिटी स्लिप के बाद उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड का इंतजार रहेगा। एनटीए के कार्यक्रम के अनुसार 15 जून 2026 तक यूजीसी नेट जून परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र का पूरा पता, रिपोर्टिंग समय, परीक्षा शिफ्ट, महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और अन्य जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड अनिवार्य होगा।
22 जून से शुरू होगी परीक्षा
यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा 22 जून से 30 जून 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) मोड में कराई जाएगी। परीक्षा का कुल समय 180 मिनट यानी तीन घंटे निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को दोनों पेपर एक ही बैठक में देने होंगे। पेपर 1 और पेपर 2 के बीच किसी प्रकार का ब्रेक नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा केंद्र पर क्या साथ ले जाना होगा
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एक वैध फोटो पहचान पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। बिना एडमिट कार्ड या पहचान पत्र के उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी जा रही है कि एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड कर लें और उसमें दर्ज सभी जानकारियों को ध्यान से जांच लें।
गौरतलब है कि यूजीसी नेट देश की सबसे महत्वपूर्ण उच्च शिक्षा पात्रता परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस परीक्षा के जरिए उम्मीदवारों को जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ), सहायक प्रोफेसर पद के लिए पात्रता और विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों में पीएचडी प्रवेश के अवसर प्राप्त होते हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, इसलिए परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सूचना उनके लिए बेहद अहम होती है।
परीक्षा की तारीख नजदीक आने के साथ अभ्यर्थियों को नियमित रूप से आधिकारिक यूजीसी नेट पोर्टल पर नजर बनाए रखनी चाहिए। सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उन्हें तुरंत डाउनलोड कर लेना चाहिए ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की योजना पहले से तैयार रखना भी बेहतर रहेगा।
लेखक के बारे में
Himanshu Tiwariशॉर्ट बायो: हिमांशु तिवारी पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और मौजूदा वक्त में लाइव हिन्दुस्तान के करियर टीम से जुड़े हुए हैं।
परिचय एवं अनुभव
हिमांशु तिवारी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया का एक जाना-पहचाना नाम हैं। बीते 10 सालों से वह लगातार पत्रकारिता में सक्रिय हैं और इस वक्त लाइव हिन्दुस्तान में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं और बीते 3 साल से वह इस संस्थान से जुड़े हैं। शिक्षा, करियर, नौकरियों, नीट, जेईई, बैंकिंग, एसएससी और यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी और आरपीएससी जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर उनकी खास पकड़ मानी जाती है। हिमांशु ने साल 2016 में पत्रकारिता की शुरुआत एबीपी न्यूज के डिजिटल प्लेटफॉर्म से किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी और जी न्यूज (डीएनए) जैसे बड़े न्यूज चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी हिस्सा रह चुके हैं। हिमांशु तिवारी सिर्फ पत्रकार नहीं, बल्कि एक सजग पाठक और आजीवन विद्यार्थी हैं, उनकी यही खूबी उनके कार्य में परिलक्षित होती है। उनका मानना है कि इन परीक्षाओं से जुड़ी सही और समय पर जानकारी लाखों युवाओं के भविष्य को दिशा दे सकती है, इसलिए वह इस बीट को सिर्फ खबर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी की तरह देखते हैं।
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हिमांशु के लिए पत्रकारिता का मतलब सिर्फ सूचना देना नहीं है, बल्कि पाठक को सोचने की जगह देना भी है। खासकर करियर और शिक्षा के क्षेत्र में वह यह मानते हैं कि एक गलत या अधूरी खबर किसी छात्र की पूरी तैयारी को भटका सकती है। इसलिए उनके लेखन में सरल भाषा, ठोस तथ्य और व्यावहारिक नजरिया हमेशा प्राथमिकता में रहता है। उनकी कोशिश रहती है कि पाठक को सिर्फ खबर की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी समझ आए कि उस खबर का उसके जीवन और भविष्य से क्या रिश्ता है।
शिक्षा और अकादमिक पृष्ठभूमि
हिमांशु मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की और फिर जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से पत्रकारिता के गुर सीखे। जामिया में मिली ट्रेनिंग ने उन्हें यह समझ दी कि पत्रकारिता सिर्फ तेज खबर लिखने का नाम नहीं, बल्कि तथ्यों की जांच, संदर्भ की समझ और संतुलित नजरिए से बात रखने की कला है।
रुचियां और निजी झुकाव
काम से इतर हिमांशु की गहरी रुचि समकालीन इतिहास, समानांतर सिनेमा और दर्शन में रही है। राजनीति और विदेश नीति पर पढ़ना-लिखना उन्हें विशेष रूप से पसंद है। इसी रुचि के चलते उन्होंने दो लोकसभा चुनावों और दर्जनों विधानसभा चुनावों की कवरेज की, जहां राजनीति को उन्होंने बेहद नजदीक से देखा और समझा। चुनावी आंकड़ों की बारीकियां, नेताओं के भाषण, जमीनी मुद्दे और जनता की प्रतिक्रियाएं, इन सभी पहलुओं को समेटते हुए उन्होंने सैकड़ों खबरें और विश्लेषण तैयार किए, जो राजनीतिक प्रक्रिया की गहरी समझ को दर्शाते हैं।
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- अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और विदेश नीति से जुड़े विषयों का विश्लेषणात्मक लेखन
- राजनीति, चुनावी आंकड़ों और जमीनी मुद्दों पर सरल और तथ्यपरक एक्सप्लेनर तैयार करने का अनुभव


