UGC-NET 2026: प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी पर SFI का NTA के खिलाफ मोर्चा, विरोध प्रदर्शन का ऐलान; रखीं 2 बड़ी मांगें

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एनटीए ने 16 अगस्त को यूजीसी नेट जून 2026 जॉइंट सीएसआईआर-नेट और आईसीएआर एआईईईए (पीजी) की प्रोविजनल आंसर की जारी की थी। लेकिन शाम होते-होते एजेंसी ने साफ कर दिया कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा करानी होगी।

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छात्र संगठन एसएफआई ने एनटीए खत्म करने की मांग की

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। UGC-NET जून 2026 के कुछ विषयों के प्रश्नपत्रों में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने एनटीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए SFI ने NTA को खत्म करने और परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की है। इसके अलावा छात्र संगठन SFI ने इन मांगों को लेकर 17 अगस्त को विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

इन 3 विषयों की दोबारा परीक्षा

बता दें कि एनटीए ने 16 अगस्त को यूजीसी नेट जून 2026 जॉइंट सीएसआईआर-नेट और आईसीएआर एआईईईए (पीजी) की प्रोविजनल आंसर की जारी की थी। लेकिन शाम होते-होते एजेंसी ने साफ कर दिया कि अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा करानी होगी क्योंकि एक कमेटी ने प्रश्नपत्रों में कई तरह की गड़बड़ियां पकड़ी हैं। एनटीए के नोटिस के मुताबिक यह री-टेस्ट सितंबर महीने में होगा और जिन उम्मीदवारों ने इन तीनों विषयों की परीक्षा दी थी उनसे दोबारा कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। यानी जिन छात्रों ने पहले ही फॉर्म भरा और फीस दी थी उन्हें अब कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना पड़ेगा।

दोबारा परीक्षा से छात्रों पर बढ़ता है दबाव

इसे लेकर SFI ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि किसी परीक्षा को दोबारा आयोजित किए जाने से छात्रों को महीनों की तैयारी फिर से करनी पड़ती है। इससे उनका समय और पैसा दोनों का ही नुकसान होत है। इसके अलावा परीक्षा परिणाम में देरी होने से उच्च शिक्षा में दाखिले और करियर से जुड़ी योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। संगठन ने कहा कि छात्रों को हर बार परीक्षा व्यवस्था की खामियों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। SFI ने इसे संस्थागत विफलता बताते हुए केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

SFI की दो मांगें

SFI ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि NTA को समाप्त कर एक पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली स्थापित की जाए। दूसरी मांग है कि NTA की लगातार हो रही परीक्षा संबंधी गलतियों और UGC-NET के त्रुटिपूर्ण प्रश्नपत्रों की न्यायिक जांच कराई जाए।

17 अगस्त को विरोध प्रदर्शन

अपनी मांगों को लेकर SFI ने प्रोटेस्ट करने का ऐलान किया है। साथ ही छात्रों से 17 अगस्त के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। संगठन ने देशभर में अपनी राज्य और स्थानीय इकाइयों से भी छात्रों की मांगों को उठाने और प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया है।

प्रश्नपत्रों में क्या मिली गड़बड़ी

कमेटी की जांच रिपोर्ट में इन तीनों प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी कई खामियां सामने आईं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कई जाने माने विद्वानों के नाम गलत लिखे गए थे, किताबों के शीर्षक भी गड़बड़ या अधूरे थे। इसके अलावा सवालों की भाषा में भी दिक्कतें मिलीं, जैसे व्याकरण की गलतियां, लिंग और वचन से जुड़ी त्रुटियां, विराम चिह्नों की चूक और स्थापित अवधारणाओं के लिए गैर मानक शब्दों का इस्तेमाल। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि काफी सारे सवाल पिछली परीक्षाओं से हूबहू दोहरा दिए गए थे। इन तमाम खामियों को देखते हुए कमेटी ने सिफारिश की कि निष्पक्ष और त्रुटिरहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीनों पेपर दोबारा कराए जाएं। एनटीए ने अपने बयान में यह भी कहा कि गड़बड़ियां इतनी ज्यादा थीं कि सिर्फ आंसर की चैलेंज प्रक्रिया के दौरान कुछ सवाल हटाकर मामला नहीं सुलझाया जा सकता था।

कब होगी दोबारा परीक्षा

एनटीए ने तीनों विषयों की नई तारीखें और शिफ्ट भी घोषित कर दी हैं। एग्जाम सिटी, परीक्षा केंद्र और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी एनटीए बाद में अलग से जारी करेगा। फिलहाल उम्मीदवारों को बस इतना ध्यान रखना है कि ऊपर बताई गई तारीखों पर उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होगी।

1. अंग्रेजी 9 सितंबर 2026 शिफ्ट 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

2. कॉमर्स 9 सितंबर 2026 शिफ्ट 2 दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक

3. समाजशास्त्र 10 सितंबर 2026 शिफ्ट 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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