
UGC : शोधगंगा पर PhD थीसिस डालने में बिहार के विश्वविद्यालय फिसड्डी, क्या है यूजीसी नियम, टॉप 10 यूनिवर्सिटी
शोधगंगा पर पीएचडी रिसर्च थीसिसि अपलोड करने में बीआरए बिहार विवि फिसड्डी साबित हुआ है। पोर्टल पर रिसर्च अपलोड नहीं करने के कारण बीते डेढ़ साल में ही बीआरएबीयू देशभर के टॉप टेन विवि की सूची से बाहर हो गया है।
शोधगंगा पर पीएचडी रिसर्च थीसिसि अपलोड करने में बीआरए बिहार विवि फिसड्डी साबित हुआ है। पोर्टल पर रिसर्च अपलोड नहीं करने के कारण बीते डेढ़ साल में ही बीआरएबीयू देशभर के टॉप टेन विवि की सूची से बाहर हो गया है। वर्ष 2024 के जून महीने तक बीआरएबीयू शोधगंगा पर रिसर्च अपलोड करने में टॉप टेन विश्वविद्यालय में शामिल था। यूजीसी गाइडलाइंस के मुताबिक विश्वविद्यालयों के लिए छात्रों के सभी शोध को प्लेगरिज्म जांच के बाद शोधगंगा पर अपलोड करना जरूरी है। दरअसल यूजीसी ने कुछ साल पहले एक वर्चुअल इनफार्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क की स्थापना की थी जिसकी वेबसाइट शोधगंगा है।
शोधगंगा पोर्टल के मुख्य पेज पर लगी टॉप टेन की सूची में बीआरएबीयू का नाम था, लेकिन रिसर्च के ऑनलाइन नहीं होने से विवि अब सूची से बाहर हो गया है। सभी विश्वविद्यालय को अपने यहां हुए शोध को शोधगंगा पर अपलोड करना होता है ताकि शोध की चोरी नहीं हो सके। बीआरएबीयू के डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह का कहना है कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। शोधगंगा के टॉप टेन सूची में बिहार के दूसरे विश्वविद्यालय भी जगह नहीं बना पाए हैं। शोधगंगा की टॉप टेन की सूची में महाराष्ट्र, तामिलनाडु, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश के विवि शामिल हैं। बिहार और झारखंड में चलने वाले तीन केंद्रीय विश्वविद्यायल भी शोधगंगा के टॉप टेन विवि की सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। रिसर्च को अपलोड करने में अन्ना विवि, चेन्नई पूरे देश में पहले स्थान पर है।
पूरे देश से 6 लाख 47 हजार थीसिस अपलोड किए गए
शोधगंगा से पूरे देश से 6 लाख 47 जार थीसिस अपलोड किए गए हैं। देशभर के 846 विश्वविद्यालय शोधगंगा पर शोध अपलोड कर रहे हैं। बीआरएबीयू से अब तक 9590 शोध अपलोड किए गए हैं। इसपर इंजीनियिरंग और केमेस्ट्री के शोध सबसे अधिक अपलोड किए जा रहे हैं। पारंपिक विषयों में हिंदी और इतिहास के शोध ज्यादा ऑनलाइन किए गए हैं।
बीआरएबीयू के पोर्टल पर शोध टॉपिक होगा ऑनलाइन
बीआरएबीयू के पोर्टल पर रिसर्च टॉपिक को ऑनलाइन किया जाएगा। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। पांच वर्षों में हर विभाग में कितने शोध हुए और वह किनके निर्देशन में हुए इन सभी चीजों को पोर्टल पर डाला जा रहा है। पोर्टल पर शोध करने वाले छात्र का पूरा ब्योरा अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा यह भी अपलोड किया जाएगा कि शोध करने के बाद शोधार्थी कहां काम कर रहा है।
ये है टॉप-10 विवि की सूची
अन्ना विश्वविद्यालय चेन्नई, सावित्री बाई फुले विश्वविद्यालय पुणे, आंध्र विवि विशाखापत्तनम, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, मद्रास विश्वविद्यालय चेन्नई, मुंबई विश्वविद्यालय मुंबई, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय बनारस, कलकत्ता विश्वविद्यालय कोलकाता, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय अलीगढ़, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर।
यूजीसी ने कुछ साल पहले सभी विश्वविद्यालयों और शोधकर्ताओं के लिए थीसिस को शोधगंगा वेबसाइट पर डालना अनिवार्य कर दिया था। दरअसल, यूजीसी ने एक वर्चुअल इनफार्मेशन एंड लाइब्रेरी नेटवर्क की स्थापना की है जिसकी वेबसाइट शोधगंगा है।
कुछ अरसा पहले तक पीएचडी थीसिस विश्वविद्यालयों के पुस्तकालयों में धूल फांका करती थी। यूजीसी की पहल से अब यह लोगों के ज्ञान का स्रोत बन रही हैं।
शोधगंगा पर इन सभी थीसिस को ऑनलाइन एक्सेस किया जा सकता है। विषय खोजने की सुविधा भी है।





