NEET UG री-एग्जाम के लिए NTA ने खरीदीं थी 95000 दीवार घड़ियां, फीडबैक में छात्रों ने दिया था सुझाव
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि 3 मई की रद्द हुई परीक्षा के बाद छात्रों से फीडबैक लिया गया था। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने मांग की थी कि परीक्षा के दौरान समय लगातार दिखाई देना चाहिए, ताकि वे बेहतर तरीके से समय को मैनेज कर सकें।

21 जून को आयोजित हुई NEET-UG री-एग्जाम के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 95000 घड़ियां खरीदी थी। ये घड़ियां देश-विदेश के सभी परीक्षा केंद्रों के लगभग हर परीक्षा कक्ष में लगाया गया था, ताकि छात्र समय का सही उपयोग कर से। दरअसल, NTA के नियमों के अनुसार परीक्षा हॉल में डिजिटल और एनालॉग दोनों तरह की घड़ियां पहनकर जाना बैन था। ऐसे में परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी लगाने से छात्रों को समय देखने में आसानी हुई। इस री-एग्जाम में भारत और विदेश के 5440 परीक्षा केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में होने वाली NEET-UG परीक्षाओं में भी परीक्षा कक्षों में घड़ियां उपलब्ध कराई गई।
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि 3 मई की रद्द हुई परीक्षा के बाद छात्रों से फीडबैक लिया गया था। इसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने मांग की थी कि परीक्षा के दौरान समय लगातार दिखाई देना चाहिए, ताकि वे बेहतर तरीके से समय को मैनेज कर सकें।
छोटी कंपनियों से खरीदी घड़ियां
हालांकि कुछ परीक्षा केंद्रों में पहले से घड़ियां थीं, लेकिन ज्यादातर केंद्रों में यह सुविधा नहीं थी। सभी छात्रों को समान सुविधा देने के लिए NTA ने सभी 95000 परीक्षा कक्षों में घड़ियां लगाने का फैसला किया था। यह निर्णय मई के अंत में लिया गया और केवल तीन सप्ताह के भीतर खरीद पूरी करनी थी। बता दें कि बड़ी कंपनियां इतनी कम समय में 95000 घड़ियों की आपूर्ति नहीं कर पा रही थीं। इसलिए NTA ने कई छोटी कंपनियों से घड़ियां खरीदकर यह काम समय पर पूरा किया।
एग्जाम खत्म, अब घड़ियों का क्या होगा?
घड़ियों को लेकर एक और सवाल यह है कि नीट री-एग्जाम खत्म होने के बाद इन घड़ियों का क्या होगा। इसे लेकर NTA ने फैसला किया है कि परीक्षा के लिए खरीदी गई घड़ियां संबंधित स्कूलों को ही दे दी जाएंगी, ताकि भविष्य में वहां पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका फायदा मिल सके। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि इन स्कूलों के कई छात्र आगे चलकर NEET-UG की परीक्षा देंगे, इसलिए यह उनके लिए भी उपयोगी होगा। छात्रों से मिले फीडबैक में इस पहल की सराहना की गई है।
2021 में उठाई गई थी मांग
बता दें कि अगस्त 2021 में अधिवक्ता गरिमा सिंह ने भी परीक्षा केंद्रों में दीवार घड़ियां लगाने की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में समय का सही प्रबंधन बहुत जरूरी होता है।
पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई परीक्षा के एक महीने से अधिक समय बाद NEET-UG री-एग्जाम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया गया। NTA ने परीक्षा को पूरी तरह सुचारु बताया, हालांकि कई अभ्यर्थियों का कहना था कि इस बार का प्रश्नपत्र पहले रद्द हुई परीक्षा की तुलना में ज्यादा कठिन था। NTA के महानिदेशक ने भरोसा दिलाया कि री-एग्जाम का रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा।
कुछ दिन पहले जारी हुआ प्रोविजनल आंसर की
हाल ही में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने आयोजित हुई NEET UG 2026 की दोबारा हुई परीक्षा की प्रोविजनल आंसर की जारी कर दी गई है। फिलहाल ओएमआर रिस्पॉन्स शीट अपलोड नहीं की गई है, NTA ने बताया है कि रिस्पॉन्स शीट पर अभी काम चल रहा है और उन्हें अभी वेबसाइट पर जल्द अपलोड कर दिया जाएगा। आंसर की जारी होने के बाद अब छात्रों को रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार है।
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Dheeraj Palसंक्षिप्त विवरण:
धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।
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