TET : टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षकों को बड़ी राहत संभव, शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता मामले में सरकार शिक्षकों के हितों को देखते हुए ठोस निर्णय लेगी। देश के अन्य राज्यों के निर्णयों का भी अध्ययन किया जाएगा। प्रदेशभर के प्राइमरी शिक्षक 22 जून को दून में सचिवालय कूच करेंगे।

उत्तराखंड सरकार शिक्षकों के साथ बैठकर टीईटी अनिवार्यता के नियम का समाधान निकालेगी। सोमवार को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अफसरों के साथ शिक्षा निदेशालय में लंबी बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों के व्यापक हितों को देखते हुए मामले में ठोस निर्णय लेगी। टीईटी के दायरे में करीब 20 हजार शिक्षक आ रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता का शीघ्र समाधान किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को विभिन्न शिक्षक संगठनों से वार्ता कर सुसंगत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अन्य राज्यों की ओर से इस संबंध में शिक्षक हितों में लिए गए निर्णयों का अध्ययन भी किया जाएगा।
इस पर भी मंत्री ने विभागीय अफसरों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने अफसरों से कहा कि टीईटी अनिवार्यता मामले के समाधान के लिए सकारात्मक वार्ता कर सुसंगत प्रस्ताव बनाया जाएगा, ताकि इसमें ठोस निर्णय लिया जा सके। बैठक में निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा केएस रावत, रविंद्र काला समेत अन्य मौजूद रहे।
प्राइमरी शिक्षकों ने सचिवालय कूच की अनुमति मांगी
प्राइमरी शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता समेत अपनी मांगों को लेकर सचिवालय कूच की अनुमति मांगी है। 22 जून को कूच में प्रदेशभर के प्राइमरी शिक्षक शामिल होने जा रहे हैं। राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ ही शिक्षा मंत्री, सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी को पत्र भेजकर सचिवालय कूच की सूचना दी गई। संघ ने पुलिस प्रशासन से 22 जून को टीईटी अनिवार्यता के साथ ही पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच की अनुमति देने का आवेदन किया है।
संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य दिगम्बर सिंह नेगी ने कहा कि टीईटी को लेकर विभाग के साथ ही शासन स्तर पर अभी तक कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाया गया है, जिससे शिक्षकों को राहत मिले। ऐसे में प्रदेशभर के शिक्षकों में रोष है।
सचिवालय कूच कार्यक्रम में संयोजक देहरादून के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूरे प्रदेश से प्राइमरी शिक्षक सचिवालय कूच में शामिल होने जा रहे हैं और इसके लिए संघ की ओर से पर्याप्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
20 हजार दायरे में
बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में कक्षा एक से आठ तक में तैनात 20 हजार शिक्षकों की यह बड़ी समस्या है। इसलिए इस मामले के सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना जरूरी है, ताकि इसमें आगे किसी तरह की कानूनी अड़चनें नहीं आएं।
बैठक के दौरान प्रदेश में शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर उच्च न्यायालय में चल रहे वाद के शीघ्र निस्तारण को लेकर भी चर्चा की गई। मंत्री ने इन मामलों में कोर्ट में ठोस पैरवी करने के निर्देश दिए। कहा कि मामले का जल्द निस्तारण कर शिक्षकों को प्रमोशन का लाभ दिया जाएगा।
पीजीआई रैकिंग की तैयारी
विभागीय अधिकारियों को आगामी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) रैंकिंग में राज्य की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने लर्निंग आउटकम, गवर्नेंस प्रोसेस, शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण सहित विभिन्न मानकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
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