TET : राहत, अब शिक्षक आसानी से पास कर सकेंगे टीईटी, नियम बदलने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की मंजूरी

लाइव हिन्दुस्तान, चंद्रशेखर बुड़ाकोटी, देहरादून
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बदलाव के बाद बीएड-विशिष्ट बीटीसी वाले भी टीईटी कर सकेंगे। वर्तमान नियमों के अनुसार स्नातक और डीएलएड प्रशिक्षित ही टीईटी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

TET mandatory

उत्तराखंड में सेवारत बेसिक और जूनियर शिक्षकों के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का विशेष प्रावधान किया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2010 में शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी के लिए पात्र माना जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षा विभाग के टीईटी के लिए मानक बदलने के इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने बुधवार को आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जल्द ही टीईटी को लेकर संशोधित और व्यापक आदेश जारी किया जा रहा है। इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि वर्ष में दो बार टीईटी का आयोजन अवश्य रूप से हो। आवश्यकता पड़ने पर इसकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है।

शिक्षा सचिव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी को लेकर स्पष्ट आदेश किए हैं। इसके तहत अब 31 अगस्त 2028 तक प्रत्येक शिक्षक को आरटीई के मानकों को पूरा करना है। हालांकि टीईटी के विषय पर कुछ राज्यों ने पुनर्विचार याचिकाएं दायर की थीं, लेकिन वो खारिज हो गईं। अब प्रत्येक शिक्षक के लिए टीईटी करना अनिवार्य है। शिक्षकों के हित में सरकार ने टीईटी के मानक सरल करने का निर्णय किया है।

ऐसे मिलेगी राहत

बीएड-विशिष्ट बीटीसी वाले भी कर सकेंगे टीईटी- वर्तमान नियमों के अनुसार स्नातक और डीएलएड प्रशिक्षित ही टीईटी के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन राज्य में वर्ष 2010 से पहले बड़ी संख्या में शिक्षक बीएड, विशिष्ट बीटीसी आदि के आधार पर बेसिक-जूनियर स्तर पर भर्ती हुए हैं। उन्हें सरकार के फैसले से राहत मिलेगी।

टीईटी से इनको मिलेगी छूट

राज्य में करीब 20 हजार शिक्षक टीईटी के आदेश से प्रभावित हो रहे हैं। ये वो शिक्षक हैं जिनकी नियुक्त वर्ष 2010 में आरटीई लागू होने से पहले हुई है। इनमें टीईटी से छूट केवल उन शिक्षकों को है जिनकी सेवा पांच साल या उससे कम बची है। लेकिन यदि वो प्रमोशन चाहते हैं तो उन्हें भी टीईटी करना होगा।

शिक्षकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए टीईटी मानक में संशोधन के प्रस्ताव का मुख्यमंत्री ने अनुमोदन कर दिया है। कुछ संशोधन के साथ इसके जीओ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही इसे जारी कर दिया जाएगा।-रविनाथ रमन, शिक्षा सचिव

शिक्षकों के अनुरोध वाले तबादलों की सात श्रेणियों में से अब दो को किया जाएगा कम

राज्य के शिक्षक इस साल सुगम और दुर्गम सेवा के मानक पर अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। सुगम-दुर्गम के विषय पर एक याचिका हाईकोर्ट के विचाराधीन होने की वजह से सरकार अनुरोध की श्रेणी वाले तबादलों से भी सुगम-दुर्गम मानक को हटाने जा रही है।बुधवार को शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले तबादला ऐक्ट के तहत गठित मुख्य सचिव समिति ने विभाग को अनुरोध के आधार पर तबादले करने की अनुमति दे दी थी। लेकिन, अनुरोध के तबादलों की सात श्रेणियों में दो श्रेणियां सुगम और दुर्गम पर आधारित हैं।

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Pankaj Vijay

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पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


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