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टीईटी अनिवार्यता मामले में केंद्र सरकार के रुख से यूपी के 2 लाख शिक्षकों में उम्मीद जगी

टीईटी अनिवार्यता मामले में केंद्र सरकार के रुख से यूपी के 2 लाख शिक्षकों में उम्मीद जगी

संक्षेप:

केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा टीईटी प्रभावित शिक्षकों का ब्यौरा तलब करने से यूपी में 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना जाहिर की जा रही है। राज्य को 16 जनवरी तक विस्तृत रिपोर्ट देनी है।

Jan 10, 2026 01:20 pm ISTPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, लखनऊ
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों से पहली से 8वीं कक्षा के वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की रिपोर्ट मांगे जाने से यूपी के भी 1.86 लाख शिक्षकों की उम्मीद जग गई है। पिछले चार माह से लखनऊ से दिल्ली तक आंदोलन करते चले आ रहे इन शिक्षकों ने अपने करियर को सुरक्षित करने के लिए हर उस जिम्मेदार का दरवाजा खटखटाया जहां से कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। इस दौरान शिक्षकों ने कभी विधायकों को तो कभी सांसदों को इसके लिए अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक के दरवाजे पर दस्तक दी। उन्हें बढ़ती आयु का हवाला देकर रोजी-रोटी न छीनने का अनुरोध किया।

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देशव्यापी आन्दोलन का दिख रहा असर

दिल्ली में देशव्यापी आन्दोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षामंत्री से मिलकर उनसे भी राहत की मांग की। कई संगठनों ने दिल्ली के जन्तर-मंतर पर भारी संख्या में पहुंच कर अपनी एकजुटता का दमखम भी दिखाया लेकिन कहीं कोई प्रभाव दिखता नजर नहीं आया। इसी बीच केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा टीईटी प्रभावित शिक्षकों का ब्यौरा तलब करने से यूपी में 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना जाहिर की जा रही है।

करियर बचाने को सीटीईटी की परीक्षा की तैयारी में शिक्षक

टीईटी अनिवार्यता के आदेश के बाद से ही प्रदेश के हजारों शिक्षक टीईटी अथवा सीईटीटी की परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। प्रदेश में टीईटी की परीक्षा का फिलहाल कुछ अता-पता नहीं है लेकिन सीईटीटी की परीक्षा आगामी 8 फरवरी को प्रस्तावित है जिसके लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों ने आवेदन कर रखा है और उसकी तैयारी भी कर रहे हैं।

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शिक्षक नेताओं को संकट शीघ्र दूर होने की आस

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि जब से टीईटी अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया शिक्षक अवसादग्रस्त होकर निराशापूर्ण जीवन जीने को मजबूर था लेकिन केंद्र द्वारा जारी आदेश से शिक्षकों में एक आशा की किरण जगी है। उन्होंने केंद्र की पहल का स्वागत करते हुए इसे शिक्षकों के संघर्ष की जीत व केंद्र सरकार द्वारा शिक्षकों के सेवाभाव का सम्मान बताया।

अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक अनिल यादव का कहना है कि केन्द्र सरकार की पहल उसके सकारात्मक रुख का परिचायक है। यूपी में 1.8 लाख शिक्षकों सहित देशभर के लगभग 18 लाख शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से छूट मिलने की उम्मीद दिखाई दे रही है।

टीईटी मामले में दिल्ली में केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान से मिले शिक्षक

प्राइमरी शिक्षकों की टीईटी अनिवार्यता को लेकर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को दिल्ली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान से मुलाकात की। इस शिष्टमंडल में उत्तराखंड के शिक्षक प्रतिनिधि भी शामिल हुए। उन्होंने टीईटी की अनिवार्यता पर चिंता जताई। कहा इससे शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। महासंघ की महामंत्री प्रो गीता भट्ट ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की दिनांक 2010 की अधिसूचना में यह स्पष्ट था कि इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी में छूट रहेगी। अब कोर्ट के ताजा निर्णय के बाद 2020 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता ने संकट खड़ा कर दिया है।

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पंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार

शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।


15 से अधिक सालों का अनुभव

पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।


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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।


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