
छठी से 8वीं तक पढ़ाने वाले TET या CTET क्वालीफाई हैं या नहीं, कोर्ट ने मांगा शिक्षकों की योग्यता का हिसाब
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कक्षा छह से कक्षा आठ तक में पढ़ा रहे शिक्षकों की संख्या तथा उनकी योग्यता की जानकारी मांगी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को कक्षा छह से 10 तक के विद्यालय की संख्या और उन विद्यालयों में कक्षा छह से कक्षा आठ तक शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों की संख्या तथा उनकी योग्यता की जानकारी मांगी है। यह भी पूछा है कि वे टेट या सीटेट क्वालीफाई हैं या नहीं।एडवोकेट संजय कुमार यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कोर्ट ने यह जानकारी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती 2025 के विज्ञापन को चुनौती देने वाली याचिका पर मांगी है। कोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 21 जनवरी की तारीख लगाई है। याचियों के अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने बताया की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए अनिवार्य योग्यता में टीईटी को शामिल नहीं किया गया है जो अनिवार्य योग्यता है।
उनका कहना है कि सीटी कैडर को डाइंग कैडर घोषित करने के बाद सरकार कक्षा छह से दस तक का शिक्षण कार्य एलटी ग्रेड शिक्षक से ही करा रही है। जबकि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा छह से आठ तक के शिक्षण कार्य के लिए टेट एक अनिवार्य योग्यता है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि जो शिक्षक पहले से नियुक्त हैं और जिनका कार्यकाल पांच वर्ष से अधिक है, वे दो वर्ष के भीतर टेट योग्यता प्राप्त कर अन्यथा सर्विस छोड़ कर दें। एडवोकेट संजय यादव का कहना है कि जो नए शिक्षक नियुक्त किए जा रहे हैं, बिना टीईटी योग्यता के ही नियुक्त किया जा रहे हैं।
टीईटी अनिवार्यता मामले में केंद्र सरकार के रुख से यूपी के 2 लाख शिक्षकों में उम्मीद जगी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के मुद्दे पर केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों से पहली से 8वीं कक्षा के वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की रिपोर्ट मांगे जाने से यूपी के भी 1.86 लाख शिक्षकों की उम्मीद जग गई है। पिछले चार माह से लखनऊ से दिल्ली तक आंदोलन करते चले आ रहे इन शिक्षकों ने अपने करियर को सुरक्षित करने के लिए हर उस जिम्मेदार का दरवाजा खटखटाया जहां से कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। इस दौरान शिक्षकों ने कभी विधायकों को तो कभी सांसदों को इसके लिए अपना ज्ञापन सौंपा। प्रदेश के शिक्षा राज्यमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक के दरवाजे पर दस्तक दी। उन्हें बढ़ती आयु का हवाला देकर रोजी-रोटी न छीनने का अनुरोध किया। दिल्ली में देशव्यापी आन्दोलन के दौरान केंद्रीय शिक्षामंत्री से मिलकर उनसे भी राहत की मांग की। कई संगठनों ने दिल्ली के जन्तर-मंतर पर भारी संख्या में पहुंच कर अपनी एकजुटता का दमखम भी दिखाया लेकिन कहीं कोई प्रभाव दिखता नजर नहीं आया। इसी बीच केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा टीईटी प्रभावित शिक्षकों का ब्यौरा तलब करने से यूपी में 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना जाहिर की जा रही है।

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Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
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भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
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