TET : सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ याचिका खारिज की, समझें दोनों फैसलों का मतलब
सुप्रीम कोर्ट ने अब दो बार (17 नवंबर 2025 और दस अप्रैल 2026) यूपी के शिक्षक संगठनों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों मामलों में कोर्ट का रुख बिल्कुल साफ है कि आरटीई कानून और टीईटी की अनिवार्यता पर कोई ढील नहीं मिलेगी।

कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने की अनिवार्यता से राहत मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने दस अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल टीचर (पूर्व माध्यमिक) एसोसिएशन की रिट याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि याचिका में इस कोर्ट के पहले दिए गए फैसले को ही चुनौती दी गई है, इसलिए इसमें कोई दम नहीं है। 17 नवंबर 2025 को भी सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदूरकर की खंडपीठ ने यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटीए) उत्तर प्रदेश की रिट याचिका को खारिज कर दिया था।
उस समय कोर्ट ने साफ कहा था कि याचिका की सारी प्रार्थनाएं एक सितंबर 2025 के अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य के फैसले से पहले ही तय हो चुकी हैं। एक सितंबर को शीर्ष अदालत ने आरटीई एक्ट के तहत गैर-माइनॉरिटी स्कूलों में टीईटी अनिवार्य माना था। सेवारत पुराने शिक्षकों को भी टीईटी पास करना जरूरी है। जिन शिक्षकों के पास पांच साल से कम की सेवा बाकी है, उन्हें बिना टीईटी के सेवानिवृत्ति तक काम करने की छूट दी थी लेकिन उन्हें पदोन्नति नहीं मिलेगी। जिनके पास पांच साल से अधिक की सेवा बाकी है, उन्हें दो साल के अंदर टीईटी पास करना होगा, वरना अनिवार्य सेवानिवृत्ति लेनी होगी।
दोनों फैसलों का मतलब
सुप्रीम कोर्ट ने अब दो बार (17 नवंबर 2025 और दस अप्रैल 2026) यूपी के शिक्षक संगठनों की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। दोनों मामलों में कोर्ट का रुख बिल्कुल साफ है कि आरटीई कानून और टीईटी की अनिवार्यता पर कोई ढील नहीं मिलेगी। प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षकों पर अब टीईटी पास करने का दबाव बढ़ गया है। जिन शिक्षकों की पांच साल से अधिक की सेवा बाकी है, उन्हें दो साल के अंदर टीईटी पास न करने पर नौकरी गंवानी पड़ सकती है।
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में निकाला मशाल जुलूस
प्रयागराज। आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त सरकारी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के विरोध में सभी शिक्षक संगठनों ने सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) से सुभाष चौराहे तक मशाल जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि आरटीई लागू से होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के साथ न्याय करना चाहिए।
लेखक के बारे में
Pankaj Vijayपंकज विजय| वरिष्ठ पत्रकार
शॉर्ट बायो पंकज विजय एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में livehindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। वे करियर, स्कूल व हायर एजुकेशन, जॉब्स से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। 9 वर्षों से यहां इसी भूमिका में हैं। सरकारी भर्तियों, बोर्ड व एंट्रेंस एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं, उनके परिणाम, बदलते दौर में करियर की नई राहों, कोर्स, एडमिशन एवं नए जमाने के रोजगार के लिए जरूरी स्किल्स से जुड़ी अपडेट तेजी से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं।
15 से अधिक सालों का अनुभव
पंकज विजय ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। अमर उजाला समाचार पत्र में रिसर्च, संपादकीय और करियर एजुकेशन जॉब्स डेस्क पर काम किया। यहां उन्हें फीचर लेखन व रिपोर्टिंग का भी मौका मिला। इसके बाद उन्होंने आज तक डिजिटल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। आज तक वेबसाइट पर राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और एजुकेशन व रोजगार जगत से जुड़ी खबरें लिखीं। इसके बाद एनडीटीवी ऑनलाइन में एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर इस विषय में अपनी समझ को और व्यापक बनाया। एनडीटीवी की पारी के बाद वे लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े और बीते 9 वर्षों से करियर एजुकेशन जॉब्स सेक्शन पर काम कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), दिल्ली से हिन्दी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में एमए व दिल्ली यूनिवर्सिटी से इतिहास में बीए ऑनर्स किया है। एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हैं जिसके चलते उन्हें रक्षा क्षेत्र जैसे पुलिस व सेनाओं की भर्तियों की बेहतर समझ है।
विजन
तमाम तरह के करियर, स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, भर्तियों, प्रतियोगी परीक्षाओं, एंट्रेंस एग्जाम, नौकरी के लिए जरूरी स्किल्स एवं बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर पंकज के पास गहरी समझ है। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के कई टॉपरों के इंटरव्यू किए हैं। उनकी लिखी सक्सेस स्टोरीज युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को प्रेरित करती रही हैं। पंकज का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है। उनका लक्ष्य स्कूली छात्रों व बेहतर करियर एवं सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को आसान भाषा में सटीक, तेज और भरोसेमंद जानकारी देना है।
विशेषज्ञता
तमाम तरह की सरकारी भर्तियां, परीक्षाएं व उनके परिणाम
स्कूल एजुकेशन, हायर एजुकेशन, कोर्स, एडमिशन से जुड़े विषय
बोर्ड रिजल्ट लाइव कवरेज और शिक्षा एवं रोजगार जगत संबंधी ब्रेकिंग
स्कूलिंग के बाद करियर की राहें
यूपीएससी, जेईई मेन व नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं के टॉपरों के इंटरव्यू
छात्रों के ज्ञान के लिए रिसर्च बेस्ड और एक्सप्लेनर स्टोरी


