
Territorial Army Recruitment 2025: टेरिटोरियल आर्मी में महिलाओं की भर्ती पर विचार शुरू
संक्षेप: Territorial Army Recruitment 2025: सेना टेरीटोरियल आर्मी की बटालियनों में महिला कैडर की भर्ती शुरू करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह पहल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी और शुरुआती चरण में महिलाओं की भर्ती कुछ चुनिंदा बटालियनों तक सीमित रहेगी।
सेना टेरीटोरियल आर्मी की बटालियनों में महिला कैडर की भर्ती शुरू करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, यह पहल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी और शुरुआती चरण में महिलाओं की भर्ती कुछ चुनिंदा बटालियनों तक सीमित रहेगी। सूत्रों ने बताया, पायलट प्रोजेक्ट से मिले फीडबैक के आधार पर महिलाओं की भर्ती को आगे और बटालियनों में बढ़ाया जा सकता है। सरकार लगातार सशस्त्र बलों में नारी शक्ति को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। मार्च 2022 में राज्यसभा में एक लिखित जवाब में तत्कालीन रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा था कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका को विस्तार देने से संबंधित नीति बनाई जा रही है और समय-समय पर समीक्षा की जाती है।

भारतीय सेना,वायु सेना 16 स्वदेशी ड्रोन डिटेक्शन इंटरडिक्शन सिस्टम के लिए ऑर्डर देने जा रही हैं। इसमें दो किलोमीटर दूर से दुश्मन के ड्रोन को लेजर बीम से मार गिराने की क्षमता है। डीआरडीओ लंबी दूरी की लेजर-आधारित ड्रोन पहचान और अवरोधन प्रणाली विकसित कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने ड्रोन का इस्तेमाल किया था। भारत ने एंटी ड्रोन सिस्टम से दुश्मन के ड्रोन को नाकाम कर दिया था।
समझें क्या है टेरिटोरियल आर्मी
असल में टेरिटोरियल आर्मी ज्वॉइन करके आप देश के आम नागरिक रहते हुए सैन्य अनुभव ले सकते हैं। यह एक वॉलंटियर सर्विस होती है। आपको ट्रेनिंग देने के बाद जरूरत पड़ने पर सेना आपकी सेवा ले सकती है। ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो कुछ वजहों से सेना में भर्ती नहीं हो पाते, ऐसे युवाओं को सेना टेरिटोरियल आर्मी भर्ती के जरिए देश सेवा का एक और मौका देती है। देश का आम आदमी अपनी जॉब या बिजनेस के साथ इसे जॉइन कर सकता है। प्रादेशिक सेना (टेरिटोरियल आर्मी) एक स्वैच्छिक संगठन है जो नियमित रोजगार की गारंटी नहीं देता है। लंबी अवधि के रोजगार के लिए संगठन का कोई वादा नहीं करता है। यह रेगुलर जॉब की तरह नहीं है। इसे सोर्स ऑफ इनकम के तौर पर नहीं माना जाता। सेना के कई ऑपरेशंस में यह हिस्सा ले चुकी है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के समय जरूरी सेवाओं को बहाल करने में यह सेना अहम भूमिका निभाती है।





